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अपैक्स धनवंतरी ट्रामा सेंटर का सूरत ए हाल
Updated Fri, 11 May 2018 02:44 AM IST
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अपैक्स धनवंतरी ट्रामा सेंटर की नींद से परेशान मरीज ने की फरियाद
न लें अधिक काम, नींद में कुछ भी बोल देता है डॉक्टर व स्टाफ
फोटो सहित एसएनजे पांच से नौ
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पीजीआईएमएस के अपैक्स धनवंतरी ट्रामा सेंटर की नींद से परेशान एमडीयू के छात्र योगेश ने चिकित्सा अधीक्षक को पत्र लिख कर फरियाद की है कि स्टाफ और डॉक्टरों से अधिक समय कार्य न लिया जाए। क्योंकि नींद में होने के चलते वह मरीज से कुछ भी बोल देते हैं। इस संबंध में छात्र ने चिकित्सा अधीक्षक को लिखित में शिकायत दी है और कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता छात्र ने शिकायत पत्र के साथ ही सुरक्षा गार्डों, डॉक्टर व स्टाफ की झपकी लेते हुए फोटो भी ली है।
छात्र ने अपनी शिकायत में कहा है कि वह एमएससी जूलॉजी कर रहा है। वह दो दिन से पैर में दर्द का शिकार है। वह आठ मई को ट्रामा सेंटर में गया गया तो वहां डॉक्टर सो रहे थे। जब उसने आग्रह किया कि उसकी परीक्षा है, इसके बावजूद डॉक्टर ने आनाकानी करते हुए सुबह आने को कहा। बार-बार कहने के बाद डॉक्टर ने जांच कर नर्स से इंजेक्शन लगवा दिया। लेकिन उसे अभी तक दर्द से राहत नहीं मिली है। इस संबंध में उसने एक अधिकारी से बात की तो उसने भी पल्ला झाड़ दिया और कहा कि वह सीएम कार्यालय चला जाए। पीड़ित ने मांग करते हुए कहा कि इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान किया जाना चाहिए, ताकी यहां आने वाले मरीज परेशान न हों। गौरतलब है कि हाल ही में ट्रामा सेंटर के प्रोफेसर इंचार्ज डॉ. ईश्वर ने पत्र जारी कर यह निर्देश दिए थे कि कोई डॉक्टर, नर्स व स्टाफ मोबाइल पर गेम खेलता पाया गया तो कार्रवाई होगी।
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न लें अधिक काम, नींद में कुछ भी बोल देता है डॉक्टर व स्टाफ
फोटो सहित एसएनजे पांच से नौ
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पीजीआईएमएस के अपैक्स धनवंतरी ट्रामा सेंटर की नींद से परेशान एमडीयू के छात्र योगेश ने चिकित्सा अधीक्षक को पत्र लिख कर फरियाद की है कि स्टाफ और डॉक्टरों से अधिक समय कार्य न लिया जाए। क्योंकि नींद में होने के चलते वह मरीज से कुछ भी बोल देते हैं। इस संबंध में छात्र ने चिकित्सा अधीक्षक को लिखित में शिकायत दी है और कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता छात्र ने शिकायत पत्र के साथ ही सुरक्षा गार्डों, डॉक्टर व स्टाफ की झपकी लेते हुए फोटो भी ली है।
छात्र ने अपनी शिकायत में कहा है कि वह एमएससी जूलॉजी कर रहा है। वह दो दिन से पैर में दर्द का शिकार है। वह आठ मई को ट्रामा सेंटर में गया गया तो वहां डॉक्टर सो रहे थे। जब उसने आग्रह किया कि उसकी परीक्षा है, इसके बावजूद डॉक्टर ने आनाकानी करते हुए सुबह आने को कहा। बार-बार कहने के बाद डॉक्टर ने जांच कर नर्स से इंजेक्शन लगवा दिया। लेकिन उसे अभी तक दर्द से राहत नहीं मिली है। इस संबंध में उसने एक अधिकारी से बात की तो उसने भी पल्ला झाड़ दिया और कहा कि वह सीएम कार्यालय चला जाए। पीड़ित ने मांग करते हुए कहा कि इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान किया जाना चाहिए, ताकी यहां आने वाले मरीज परेशान न हों। गौरतलब है कि हाल ही में ट्रामा सेंटर के प्रोफेसर इंचार्ज डॉ. ईश्वर ने पत्र जारी कर यह निर्देश दिए थे कि कोई डॉक्टर, नर्स व स्टाफ मोबाइल पर गेम खेलता पाया गया तो कार्रवाई होगी।
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