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जेल में भी अनशन पर रहे संत, समर्थकों ने की रिहाई की मांग
Updated Mon, 07 Aug 2017 02:24 AM IST
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जेल में भी अनशन पर संत, समर्थकों ने की रिहाई की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। संत गोपालदास की गिरफ्तारी को लेकर समर्थकों में भारी आक्रोश है। संत के समर्थकों ने रविवार को मानसरोवर पार्क में मीडिया से बातचीत की। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि संत समेत जेल में बंद 11 समर्थकों को तत्काल रिहा किया जाए। इसके साथ ही पुलिस पर भी दो समर्थकों की हवालात में जमकर पिटाई करने का आरोप लगाया है।
संत समर्थक संजीव गोदारा और अन्य ने कहा कि गोचरान भूमि विकास बोर्ड के गठन को लेकर संत गोपालदास आंदोलन कर रहे हैं। ऐसे में गाय को बचाने के लिए प्रदर्शन करने वालों को गिरफ्तार कर लिया गया। कोर्ट ने संत समेत 11 लोगों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है। संत वहां पर भी अनशन कर रहे हैं। उन्होंने संत और सभी समर्थकों को रिहा करने की मांग की। सस्पेंड किए गए पुलिसकर्मियों को बहाल करने की मांग भी की गई है। समर्थकों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने हिरासत में लेकर गोभक्त विकास और गौतम को जमकर पीटा। शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने वाले गोभक्तों को पीटने का अधिकार किसने दिया। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे पर लगे आरोपों पर कहा कि अपने बच्चों को गाय का दूध पिलाना चाहिए। अगर बच्चे शराब पीएंगे तो ऐसे ही काम होंगे। उन्होंने अन्य राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से भी आह्वान किया कि इस आंदोलन में सभी अपनी भागीदारी करें।
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। संत गोपालदास की गिरफ्तारी को लेकर समर्थकों में भारी आक्रोश है। संत के समर्थकों ने रविवार को मानसरोवर पार्क में मीडिया से बातचीत की। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि संत समेत जेल में बंद 11 समर्थकों को तत्काल रिहा किया जाए। इसके साथ ही पुलिस पर भी दो समर्थकों की हवालात में जमकर पिटाई करने का आरोप लगाया है।
संत समर्थक संजीव गोदारा और अन्य ने कहा कि गोचरान भूमि विकास बोर्ड के गठन को लेकर संत गोपालदास आंदोलन कर रहे हैं। ऐसे में गाय को बचाने के लिए प्रदर्शन करने वालों को गिरफ्तार कर लिया गया। कोर्ट ने संत समेत 11 लोगों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है। संत वहां पर भी अनशन कर रहे हैं। उन्होंने संत और सभी समर्थकों को रिहा करने की मांग की। सस्पेंड किए गए पुलिसकर्मियों को बहाल करने की मांग भी की गई है। समर्थकों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने हिरासत में लेकर गोभक्त विकास और गौतम को जमकर पीटा। शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने वाले गोभक्तों को पीटने का अधिकार किसने दिया। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे पर लगे आरोपों पर कहा कि अपने बच्चों को गाय का दूध पिलाना चाहिए। अगर बच्चे शराब पीएंगे तो ऐसे ही काम होंगे। उन्होंने अन्य राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से भी आह्वान किया कि इस आंदोलन में सभी अपनी भागीदारी करें।
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