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एक यूनिवर्सिटी ऐसी भी, जिसकी कभी सीटें नहीं भरीं
Updated Mon, 07 Aug 2017 02:28 AM IST
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एक यूनिवर्सिटी ऐसी भी, जिसकी कभी सीटें नहीं भरीं
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए हर तरफ मारामारी रहती है। अपने शहर में एक ऐसी भी यूनिवर्सिटी है जिसकी शुरुआत से लेकर आज तक कभी सीटें पूरी नहीं हो सकीं। इसके पीछे क्या कारण है यह तो स्टाफ या छात्र ही जानते होंगे। करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफार्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स को लेकर छात्रों का रुझान बढ़ने की बजाय घटता जा रहा है।
यह संस्थान राजीव गांधी स्टेडियम के पास वर्ष 2011-12 में शुरू हुआ था। कॉलेज के तौर पर शुरू हुए इस संस्थान को वर्ष 2014 में यूनिवर्सिटी का दर्जा दे दिया गया। यूनिवर्सिटी की बिल्डिंग की भव्यता देखकर हर कोई हैरान रह जाए। दो साल पहले हुए एक सर्वे में यह देश की टॉप बिल्डिंग में भी शामिल हो चुकी है। करोड़ों खर्च करने के बाद उस समय लगा था कि इस संस्थान को लेकर अब छात्रों का रुझान बढ़ेगा और दूर-दराज के छात्र भी यहां पर दाखिला लेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। छह साल पहले शुरू हुए इस संस्थान में अब तक हुए एडमिशन का ब्योरा यही हकीकत बयां कर रहा है। शुरुआत से लेकर अब तक एक बार भी संस्थान में सीटें पूरी नहीं हो सकीं। बेहतर संसाधन और सुविधाओं के बावजूद यहां छात्रों की संख्या लगातार घट रही है, यह तो स्टाफ ही जानता होगा।
इस वर्ष भी कुछ ऐसा हाल
इस वर्ष अब तक हुए दाखिले पर नजर डालें तो डिजाइन डिपार्टमेंट में 80 सीटों पर 66 छात्रों ने दाखिला लिया है। विजुअल आर्ट में 60 सीटों पर 55 एडमिशन और फिल्म एंड टीवी में 48 सीटों पर 46 प्रवेश हुए हैं। एक्टिंग डिपार्टमेंट में 15 सीटों पर 15 दाखिले हो चुके हैं।
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विजुअल आर्ट्स
कोर्स सीट 2011-12 2012-13 2013-14 2014-15 2015-16
पेंटिंग 20 8 8 12 9 6
अप्लाइड आर्ट 20 7 12 10 6 5
स्कल्प्चर 10 4 4 1 3 0
ऐनिमेशन 10 0 1 9 9 2
डिजाइन
अपैरल 20 12 6 9 5 12
टेक्सटाइल 20 10 8 19 19 8
प्रोडेक्ट डिजाइन 20 4 2 7 6 2
लाइफ स्टाइल 20 2 0 7 5 12
फिल्म एंड टीवी
डायरेक्शन 12 11 4 7 6 4
सिनेमाग्राफी 12 4 10 9 8 4
एडिटिंग 12 4 5 6 4 0
ऑडियोग्राफी 12 0 2 5 3 4
एक्टिंग 15 10 11 9 10 6
अर्बन प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर
आर्किटेक्चर 40 0 29 39 36 30
नोट : इस साल एक्टिंग कोर्स का अलग डिपार्टमेंट बना दिया गया है। इसके अलावा फाइनल आर्ट का नाम बदलकर विजुअल आर्ट्स रखा गया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए हर तरफ मारामारी रहती है। अपने शहर में एक ऐसी भी यूनिवर्सिटी है जिसकी शुरुआत से लेकर आज तक कभी सीटें पूरी नहीं हो सकीं। इसके पीछे क्या कारण है यह तो स्टाफ या छात्र ही जानते होंगे। करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफार्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स को लेकर छात्रों का रुझान बढ़ने की बजाय घटता जा रहा है।
यह संस्थान राजीव गांधी स्टेडियम के पास वर्ष 2011-12 में शुरू हुआ था। कॉलेज के तौर पर शुरू हुए इस संस्थान को वर्ष 2014 में यूनिवर्सिटी का दर्जा दे दिया गया। यूनिवर्सिटी की बिल्डिंग की भव्यता देखकर हर कोई हैरान रह जाए। दो साल पहले हुए एक सर्वे में यह देश की टॉप बिल्डिंग में भी शामिल हो चुकी है। करोड़ों खर्च करने के बाद उस समय लगा था कि इस संस्थान को लेकर अब छात्रों का रुझान बढ़ेगा और दूर-दराज के छात्र भी यहां पर दाखिला लेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। छह साल पहले शुरू हुए इस संस्थान में अब तक हुए एडमिशन का ब्योरा यही हकीकत बयां कर रहा है। शुरुआत से लेकर अब तक एक बार भी संस्थान में सीटें पूरी नहीं हो सकीं। बेहतर संसाधन और सुविधाओं के बावजूद यहां छात्रों की संख्या लगातार घट रही है, यह तो स्टाफ ही जानता होगा।
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इस वर्ष भी कुछ ऐसा हाल
इस वर्ष अब तक हुए दाखिले पर नजर डालें तो डिजाइन डिपार्टमेंट में 80 सीटों पर 66 छात्रों ने दाखिला लिया है। विजुअल आर्ट में 60 सीटों पर 55 एडमिशन और फिल्म एंड टीवी में 48 सीटों पर 46 प्रवेश हुए हैं। एक्टिंग डिपार्टमेंट में 15 सीटों पर 15 दाखिले हो चुके हैं।
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विजुअल आर्ट्स
कोर्स सीट 2011-12 2012-13 2013-14 2014-15 2015-16
पेंटिंग 20 8 8 12 9 6
अप्लाइड आर्ट 20 7 12 10 6 5
स्कल्प्चर 10 4 4 1 3 0
ऐनिमेशन 10 0 1 9 9 2
डिजाइन
अपैरल 20 12 6 9 5 12
टेक्सटाइल 20 10 8 19 19 8
प्रोडेक्ट डिजाइन 20 4 2 7 6 2
लाइफ स्टाइल 20 2 0 7 5 12
फिल्म एंड टीवी
डायरेक्शन 12 11 4 7 6 4
सिनेमाग्राफी 12 4 10 9 8 4
एडिटिंग 12 4 5 6 4 0
ऑडियोग्राफी 12 0 2 5 3 4
एक्टिंग 15 10 11 9 10 6
अर्बन प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर
आर्किटेक्चर 40 0 29 39 36 30
नोट : इस साल एक्टिंग कोर्स का अलग डिपार्टमेंट बना दिया गया है। इसके अलावा फाइनल आर्ट का नाम बदलकर विजुअल आर्ट्स रखा गया है।