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वैश्य संस् था विवाद में नया मोड़, कल से नामांकन, चुनाव अधिकारी का पता नहीं
Updated Wed, 14 Jun 2017 02:39 AM IST
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वैश्य संस्था विवाद में नया मोड़ : कल से नामांकन, चुनाव अधिकारी का पता नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
नामांकन से पहले वैश्य संस्था में छिड़े विवाद में मंगलवार को नया मोड़ आ गया। गवर्निंग बॉडी की बैठक में 11 सदस्यों की गुप्त वोटिंग का हवाला देकर चुनाव अधिकारी को हटाया गया था। उनमें से अब चार सदस्य चुनाव अधिकारी के पक्ष में हैं। मंगलवार को चुनाव अधिकारी विजय गुप्ता की तरफ से सोसायटी रजिस्ट्रार को पत्र भेजकर बैठक को आधारहीन बताया गया। वहीं सोसायटी रजिस्ट्रार ने कहा कि दोनों पक्षों से शिकायत मिलने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। ऐसे में संस्था के कॉलोजियम सदस्यों के चुनाव के लिए 15 जून से शुरू होने वाले नामांकन प्रक्रिया को लेकर भी असमंजस की स्थिति बन गई है।
चुनाव अधिकारी विजय गुप्ता और प्रधान राजेंद्र बंसल के बीच बढ़ते विवाद से संस्था का चुनाव अधर में लटकता दिख रहा है। सोमवार को प्रधान राजेंद्र बंसल की अध्यक्षता में हुई गवर्निंग बॉडी की मीटिंग में चुनाव अधिकारी विजय गुप्ता को पद से हटा दिया गया। इसके लिए मीटिंग में मौजूद में 14 सदस्यों से गुप्त वोटिंग कराई गई थी। इसमें से 11 सदस्यों ने चुनाव अधिकारी को हटाने के प्रस्ताव पर सहमति जताई थी। इस पूरे प्रकरण को लेकर संस्था में हड़कंप मचा हुआ है। मंगलवार को इस मामले में नया मोड़ आ गया। चुनाव अधिकारी विजय गुप्ता की तरफ से सोसायटी रजिस्ट्रार को पत्र भेजा गया है। विजय गुप्ता की तरफ से हवाला दिया गया कि वह बीमार हैं। कार्यालय में नहीं आ सकते। गवर्निंग बॉडी की जो मीटिंग हुई है उसका कोई आधार नहीं है। आचार संहिता लगने के बाद मीटिंग नहीं हो सकती। इस वजह से चुनाव अधिकारी को नहीं हटाया जा सकता है। इसके अलावा जिन 11 सदस्यों की गुप्त वोटिंग का हवाला दिया गया है, उसमें से चार सदस्य मेरे पक्ष में हैं। दबाव देकर उनसे वोटिंग कराई गई।
करूंगा निष्पक्ष चुनाव : विजय गुप्ता
विजय गुप्ता का कहना है कि सोसायटी रजिस्ट्रार के आदेशों की पालना करूंगा। जब तक नया चुनाव अधिकारी नियुक्त नहीं होता तब तक नियमानुसार मैं ही चुनाव अधिकारी हूं। संस्था के इतिहास में अभी तक ऐसा नहीं हुआ है। कुछ लोग मनमानी कर रहे हैं। मैं निष्पक्ष तरीके से चुनाव प्रक्रिया कराऊंगा।
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नामांकन प्रक्रिया पर संशय
कॉलेजियम सदस्यों के चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होने में मात्र एक दिन बचा है। यदि चुनाव अधिकारी को लेकर आज कोई फैसला नहीं हुआ तो नामांकन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकता है। इसका सीधा असर दो जुलाई को होने वाले चुनाव पर भी पड़ेगा। संस्था से जुड़े लोगों की मानें तो चुनाव की तिथि को भी आगे बढ़ाया जा सकता है। ऐसा हुआ तो संस्था में एक बार फिर से प्रशासक को भी बैठाया जा सकता है।
यह बोले प्रधान
विजय गुप्ता जो दावा कर रहे हैं वह गलत है। गवर्निंग बॉडी की मीटिंग में गुप्त वोटिंग के जरिए यह फैसला लिया गया है। इसमे 11 लोगों ने उन्हें हटाने के प्रस्ताव पर सहमति जताई थी। इसके बाद या पहले कोई सदस्य क्या लिखकर देता है उसका कोई आधार नहीं है।
- राजेंद्र बंसल, प्रधान, वैश्य संस्था
यह बोले सोसायटी रजिस्ट्रार
वैश्य संस्था के प्रधान की तरफ से चुनाव अधिकारी को बदलने के लिए पत्र आया है। वहीं विजय गुप्ता की तरफ से भी पत्र मिला है। इस पत्र में विजय गुप्ता का कहना है कि आचार संहिता में यह मीटिंग नहीं हो सकती और जिन 11 सदस्यों का हवाला दिया गया है उसमें से चार सदस्य उनके पक्ष में है। दोनों पक्षों की तरफ से पत्र आने के बाद सोसायटी एक्ट के अनुसार ही कोई कदम उठाया जाएगा।
- राजेश खेड़ा, कार्यवाहक रजिस्ट्रार
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
नामांकन से पहले वैश्य संस्था में छिड़े विवाद में मंगलवार को नया मोड़ आ गया। गवर्निंग बॉडी की बैठक में 11 सदस्यों की गुप्त वोटिंग का हवाला देकर चुनाव अधिकारी को हटाया गया था। उनमें से अब चार सदस्य चुनाव अधिकारी के पक्ष में हैं। मंगलवार को चुनाव अधिकारी विजय गुप्ता की तरफ से सोसायटी रजिस्ट्रार को पत्र भेजकर बैठक को आधारहीन बताया गया। वहीं सोसायटी रजिस्ट्रार ने कहा कि दोनों पक्षों से शिकायत मिलने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। ऐसे में संस्था के कॉलोजियम सदस्यों के चुनाव के लिए 15 जून से शुरू होने वाले नामांकन प्रक्रिया को लेकर भी असमंजस की स्थिति बन गई है।
चुनाव अधिकारी विजय गुप्ता और प्रधान राजेंद्र बंसल के बीच बढ़ते विवाद से संस्था का चुनाव अधर में लटकता दिख रहा है। सोमवार को प्रधान राजेंद्र बंसल की अध्यक्षता में हुई गवर्निंग बॉडी की मीटिंग में चुनाव अधिकारी विजय गुप्ता को पद से हटा दिया गया। इसके लिए मीटिंग में मौजूद में 14 सदस्यों से गुप्त वोटिंग कराई गई थी। इसमें से 11 सदस्यों ने चुनाव अधिकारी को हटाने के प्रस्ताव पर सहमति जताई थी। इस पूरे प्रकरण को लेकर संस्था में हड़कंप मचा हुआ है। मंगलवार को इस मामले में नया मोड़ आ गया। चुनाव अधिकारी विजय गुप्ता की तरफ से सोसायटी रजिस्ट्रार को पत्र भेजा गया है। विजय गुप्ता की तरफ से हवाला दिया गया कि वह बीमार हैं। कार्यालय में नहीं आ सकते। गवर्निंग बॉडी की जो मीटिंग हुई है उसका कोई आधार नहीं है। आचार संहिता लगने के बाद मीटिंग नहीं हो सकती। इस वजह से चुनाव अधिकारी को नहीं हटाया जा सकता है। इसके अलावा जिन 11 सदस्यों की गुप्त वोटिंग का हवाला दिया गया है, उसमें से चार सदस्य मेरे पक्ष में हैं। दबाव देकर उनसे वोटिंग कराई गई।
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करूंगा निष्पक्ष चुनाव : विजय गुप्ता
विजय गुप्ता का कहना है कि सोसायटी रजिस्ट्रार के आदेशों की पालना करूंगा। जब तक नया चुनाव अधिकारी नियुक्त नहीं होता तब तक नियमानुसार मैं ही चुनाव अधिकारी हूं। संस्था के इतिहास में अभी तक ऐसा नहीं हुआ है। कुछ लोग मनमानी कर रहे हैं। मैं निष्पक्ष तरीके से चुनाव प्रक्रिया कराऊंगा।
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नामांकन प्रक्रिया पर संशय
कॉलेजियम सदस्यों के चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होने में मात्र एक दिन बचा है। यदि चुनाव अधिकारी को लेकर आज कोई फैसला नहीं हुआ तो नामांकन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकता है। इसका सीधा असर दो जुलाई को होने वाले चुनाव पर भी पड़ेगा। संस्था से जुड़े लोगों की मानें तो चुनाव की तिथि को भी आगे बढ़ाया जा सकता है। ऐसा हुआ तो संस्था में एक बार फिर से प्रशासक को भी बैठाया जा सकता है।
यह बोले प्रधान
विजय गुप्ता जो दावा कर रहे हैं वह गलत है। गवर्निंग बॉडी की मीटिंग में गुप्त वोटिंग के जरिए यह फैसला लिया गया है। इसमे 11 लोगों ने उन्हें हटाने के प्रस्ताव पर सहमति जताई थी। इसके बाद या पहले कोई सदस्य क्या लिखकर देता है उसका कोई आधार नहीं है।
- राजेंद्र बंसल, प्रधान, वैश्य संस्था
यह बोले सोसायटी रजिस्ट्रार
वैश्य संस्था के प्रधान की तरफ से चुनाव अधिकारी को बदलने के लिए पत्र आया है। वहीं विजय गुप्ता की तरफ से भी पत्र मिला है। इस पत्र में विजय गुप्ता का कहना है कि आचार संहिता में यह मीटिंग नहीं हो सकती और जिन 11 सदस्यों का हवाला दिया गया है उसमें से चार सदस्य उनके पक्ष में है। दोनों पक्षों की तरफ से पत्र आने के बाद सोसायटी एक्ट के अनुसार ही कोई कदम उठाया जाएगा।
- राजेश खेड़ा, कार्यवाहक रजिस्ट्रार