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अदालत ने नहीं दी स्टे, अगस्त-सितंबर में निगम चुनाव तय
Updated Sat, 26 May 2018 02:52 AM IST
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फ्लैग : नगर निगम की नई वार्डबंदी का मामला, हाईकोर्ट से मिली कांग्रेसी पार्षदाें को निराशा
हेडिंग : अदालत ने नहीं दी स्टे, अगस्त-सितंबर में निगम चुनाव तय
: हिसार व रोहतक की वार्डबंदी पूरी, पानीपत, करनाल व यमुनानगर की जून माह में पूरी करने की तैयारी
: 42 दिन का समय देगा शहरी निकाय विभाग, सह निदेशक बोले, विभाग चुनाव के लिए तैयार, सरकारी की हिदायत का इंतजार
: भाजपाई मान रहे कांग्रेस के लिए झटका, कांग्रेसियों को उम्मीद अदालत से मिलेगा न्याय
अमर उजाला ब्यूरो
विजेंद्र कौशिक
रोहतक।
नगर निगम चुनाव का रास्ता लगभग साफ हो गया है। शुक्रवार को हाईकोर्ट ने कांग्रेसी पार्षदों की याचिका पर स्टे जारी न करके मामले की आगे की सुनवाई के लिए 5 जुलाई तय की है। ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार अगस्त-सितंबर में प्रदेश के पांच निगमों रोहतक, हिसार, पानीपत, करनाल, यमुनानगर के साथ अंबाला व पंचकूला में निकाय चुनाव करवा सकती है। क्योंकि अंबाला निगम को भंग करके अंबाला सिटी और अंबाला कैंट की अलग-अलग नगर परिषद बना दी गई हैं।
कांग्रेसी पार्षद गुलशन ईशपुनियानी, राजबीर सैनी, संजय सैनी, अनीता मिगलानी व अशोक भाटी ने 21 जुलाई को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी कि रोहतक निगम की वार्डबंदी नियमों के तहत नहीं की गई है। राजनीतिक द्वेेष के चलते कांग्रेसी पार्षदों के वार्ड जातिगत व राजनीति प्रभाव के आधार पर तोड़ दिए गए। साथ ही नोटबंदी के दौरान जब आपत्ति व सुझाव मांगे तो नियमों के तहत शहरी निकाय विभाग के मुख्य सचिव को सुनवाई करनी थी, लेकिन निगम आयुक्त ने ही निपटारा कर दिया, जो की एडहॉक कमेटी के सदस्य रहे हैं। 21 र्मई को अदालत ने याचिका पर सुनवाई की। साथ ही आगे की सुनवाई के लिए 25 मई की तिथि तय की थी। शुक्रवार को हाईकोर्ट में दोबारा सुनवाई हुई। पार्षदों के वकील ने पूरी याचिका अदालत के सामने रखी और स्टे की मांग की। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 5 जुलाई की तिथि तय कर दी। अभी किसी तरह की स्टे नहीं दी गई।
अगस्त-सितंबर में हो सकते हैं चुनाव
सीएम मनोहर लाल खट्टर ने रोहतक में रोड शो के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा था कि प्रदेश के अंदर निगमों के चुनाव जुलाई-अगस्त में कराए जा सकते हैं, लेकिन रोहतक के पार्षद वार्डबंदी के विरोध में हाईकोर्ट में चले गए। स्टे न मिलने के कारण अब चुनाव सितंबर तक खिंच सकते हैं। क्योंकि रोहतक और हिसार नगर निगम की वार्डबंदी पूरी हो चुकी है। अब पानीपत, करनाल व यमुनानगर की 2011 की जनसंख्या के आधार पर वार्डबंदी बची है, जिसे शहरी निकाय विभाग जून माह में पूरी कर सकती है। जबकि अंबाला व पंचकूला निगम को पहले ही भंग किया जा चुका है।
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सरकार की अनुमति का इंतजार, तैयारियां पूरी
शहरी निकाय विभाग प्रदेश के अंदर निगम चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। रोहतक व हिसार की वार्डबंदी फाइनल हो चुकी है, जबकि जून माह में करनाल, पानीपत, यमुनानगर की जून माह में पूरी कर ली जाएगी। सरकार की अनुमति मिली तो अगस्त-सितंबर में निगम चुनाव हो सकते हैं।
- रणबीर पाराशर, डिप्टी डायरेक्टर नगर निगम
निगम की नई वार्डबंदी को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। अदालत ने शुक्रवार को सुनवाई की और अगली सुनवाई के लिए 5 जुलाई तय की है। जबकि उन्हें स्टे मिलने की उम्मीद थी।
- गुलशन ईशपुनियानी, कांग्रेसी पार्षद एवं याचिकाकर्ता
नियमों के तहत वार्डबंदी की गई है। कांग्रेसी बेवजह परेशान हैं। अदालत के चक्कर काटने की बजाए फील्ड में लोगों के बीच जाना चाहिए।
- अशोक खुराना, भाजपा पार्षद नगर निगम
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हेडिंग : अदालत ने नहीं दी स्टे, अगस्त-सितंबर में निगम चुनाव तय
: हिसार व रोहतक की वार्डबंदी पूरी, पानीपत, करनाल व यमुनानगर की जून माह में पूरी करने की तैयारी
: 42 दिन का समय देगा शहरी निकाय विभाग, सह निदेशक बोले, विभाग चुनाव के लिए तैयार, सरकारी की हिदायत का इंतजार
: भाजपाई मान रहे कांग्रेस के लिए झटका, कांग्रेसियों को उम्मीद अदालत से मिलेगा न्याय
अमर उजाला ब्यूरो
विजेंद्र कौशिक
रोहतक।
नगर निगम चुनाव का रास्ता लगभग साफ हो गया है। शुक्रवार को हाईकोर्ट ने कांग्रेसी पार्षदों की याचिका पर स्टे जारी न करके मामले की आगे की सुनवाई के लिए 5 जुलाई तय की है। ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार अगस्त-सितंबर में प्रदेश के पांच निगमों रोहतक, हिसार, पानीपत, करनाल, यमुनानगर के साथ अंबाला व पंचकूला में निकाय चुनाव करवा सकती है। क्योंकि अंबाला निगम को भंग करके अंबाला सिटी और अंबाला कैंट की अलग-अलग नगर परिषद बना दी गई हैं।
कांग्रेसी पार्षद गुलशन ईशपुनियानी, राजबीर सैनी, संजय सैनी, अनीता मिगलानी व अशोक भाटी ने 21 जुलाई को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी कि रोहतक निगम की वार्डबंदी नियमों के तहत नहीं की गई है। राजनीतिक द्वेेष के चलते कांग्रेसी पार्षदों के वार्ड जातिगत व राजनीति प्रभाव के आधार पर तोड़ दिए गए। साथ ही नोटबंदी के दौरान जब आपत्ति व सुझाव मांगे तो नियमों के तहत शहरी निकाय विभाग के मुख्य सचिव को सुनवाई करनी थी, लेकिन निगम आयुक्त ने ही निपटारा कर दिया, जो की एडहॉक कमेटी के सदस्य रहे हैं। 21 र्मई को अदालत ने याचिका पर सुनवाई की। साथ ही आगे की सुनवाई के लिए 25 मई की तिथि तय की थी। शुक्रवार को हाईकोर्ट में दोबारा सुनवाई हुई। पार्षदों के वकील ने पूरी याचिका अदालत के सामने रखी और स्टे की मांग की। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 5 जुलाई की तिथि तय कर दी। अभी किसी तरह की स्टे नहीं दी गई।
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अगस्त-सितंबर में हो सकते हैं चुनाव
सीएम मनोहर लाल खट्टर ने रोहतक में रोड शो के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा था कि प्रदेश के अंदर निगमों के चुनाव जुलाई-अगस्त में कराए जा सकते हैं, लेकिन रोहतक के पार्षद वार्डबंदी के विरोध में हाईकोर्ट में चले गए। स्टे न मिलने के कारण अब चुनाव सितंबर तक खिंच सकते हैं। क्योंकि रोहतक और हिसार नगर निगम की वार्डबंदी पूरी हो चुकी है। अब पानीपत, करनाल व यमुनानगर की 2011 की जनसंख्या के आधार पर वार्डबंदी बची है, जिसे शहरी निकाय विभाग जून माह में पूरी कर सकती है। जबकि अंबाला व पंचकूला निगम को पहले ही भंग किया जा चुका है।
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सरकार की अनुमति का इंतजार, तैयारियां पूरी
शहरी निकाय विभाग प्रदेश के अंदर निगम चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। रोहतक व हिसार की वार्डबंदी फाइनल हो चुकी है, जबकि जून माह में करनाल, पानीपत, यमुनानगर की जून माह में पूरी कर ली जाएगी। सरकार की अनुमति मिली तो अगस्त-सितंबर में निगम चुनाव हो सकते हैं।
- रणबीर पाराशर, डिप्टी डायरेक्टर नगर निगम
निगम की नई वार्डबंदी को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। अदालत ने शुक्रवार को सुनवाई की और अगली सुनवाई के लिए 5 जुलाई तय की है। जबकि उन्हें स्टे मिलने की उम्मीद थी।
- गुलशन ईशपुनियानी, कांग्रेसी पार्षद एवं याचिकाकर्ता
नियमों के तहत वार्डबंदी की गई है। कांग्रेसी बेवजह परेशान हैं। अदालत के चक्कर काटने की बजाए फील्ड में लोगों के बीच जाना चाहिए।
- अशोक खुराना, भाजपा पार्षद नगर निगम