फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   खेल चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान के उत्कृष्टता केंद्र को मिली मंजूरी

खेल चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान के उत्कृष्टता केंद्र को मिली मंजूरी

Tue, 20 Mar 2018 02:47 AM IST
Updated Tue, 20 Mar 2018 02:47 AM IST
विज्ञापन
खेल चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान के उत्कृष्टता केंद्र को मिली मंजूरी
फोटो : एसएनजे तीन : पीजीआईएमएस में खेल चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान के उत्कृष्टता केंद्र की तैयारियों को लेकर संस्था का निरीक्षण करते अधिकारी।
विज्ञापन

----
खेल चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान के उत्कृष्टता केंद्र की मिली मंजूरी
चोटिल खिलाड़ियों को उपचार के लिए नहीं जाना पडे़गा विदेश
12 करोड़ से बनेगा उत्कृष्टता केंद्र, यह सुविधा देश के मात्र 5 मेडिकल कालेजों में ही उपलब्ध
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में 12 करोड़ रुपये की लागत से खेल चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान के उत्कृष्टता केंद्र को बनाने की मंजूरी मिल गई है। इसके बनने के बाद खेल के दौरान चोटिल होने वाले खिलाड़ियों को अन्य प्रदेशों व विदेशों में उपचार के लिए जाने की जरूरत नहीं पडे़गी।
सूबे के एकमात्र हेल्थ विश्वविद्यालय में भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स साईंसेज एंड रिसर्च (आईआईएसएसआर) स्कीम के तहत खेल चिकित्सा, शिक्षा और अनुसंधान में एक उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके अंतर्गत स्पोर्ट्स मेडिसन में एमडी और डिप्लोमा कोर्स करवाया जाएगा। विवि के कुलपति डॉ. ओपी कालरा ने बताया कि इस स्कीम के तहत केंद्र सरकार के खेल मंत्रालय ने आगामी पांच वर्षों के लिए फैकेल्टी, सांइटिस्ट, खेल उपकरण, कंप्यूटर, लाइब्रेरी, स्टाफ व अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए करीब 12 करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट मंजूर किया है। देश में पांच सौ के करीब मेडिकल कॉलेजों में से स्पोर्ट्स मेडिसिन ट्रेनिंग प्रोग्राम की सुविधा मात्र 5 मेडिकल कालेजों में ही उपलब्ध है, वो भी पिछले 2-4 सालों से ही शुरू हुई है।
विज्ञापन

डॉ. कालरा ने बताया कि पीजीआईएमएस में स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर की स्थापना के लिए हरियाणा सरकार ने पहले ही 4.05 करोड़ रुपये मंजूर कर रखे हैं। अब सरकार ने एमरजेंसी ब्लॉक बनाने के लिए 12 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इसमें स्पोर्ट्स मेडिसिन का विभाग एवं इमरजेंसी ब्लॉक स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर बनाया जाएगा। कुुलपति ने सीएम और स्वास्थ्य मंत्री को स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर के लिए ग्रांट देने पर धन्यवाद किया। क्योंकि इसके तहत ही फेज वन का कार्य शुरू हो चुका है। भारत सरकार के युवा मामले और खेल मंत्रालय ने विभिन्न मेडिकल कालेजों से स्पोर्ट्स मेडिसन में एमडी और डिप्लोमा शुरू करने के लिए आवेदन मांगे थे, इसमें से पीजीआईएमएस सहित एक अन्य मेडिकल कॉलेज को इस स्कीम के तहत यह शुरू करवाने का अवसर प्राप्त हुआ है। इस कोर्स के संबंध में सोमवार को भारत सरकार के युवा मामले और खेल मंत्रालय में एक मीटिंग आयोजित हुई, इसमें विश्वविद्यालय की तरफ से कुलपति डॉ. ओपी कालरा व कुलसचिव डॉ. एचके अग्रवाल ने हिस्सा लिया और एमओयू साइन किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed