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बेरी नगरपालिका प्रधान को हटाने की मुहिम में लगी सेंध
Updated Wed, 14 Jun 2017 01:16 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बेरी।
बेरी नगर पालिका प्रधान रामरती को हटाने की मुहिम उस समय औंधे मुंह गिर गई जब असंतुष्टों में से ही एक महिला पार्षद रानी देवी ने प्रधान का दोबारा से समर्थन करते हुए पिछले दिनों डीसी ऑफिस में प्रधान के खिलाफ दिए गए अपने शपथ पत्र को वापिस उठा लिया। इस कार्यवाही के बाद अब पालिका प्रधान के खिलाफ अविश्वास का झंडा बुलंद करने वाले पार्षदों की संख्या घटकर आठ रह गई है जबकि पालिका प्रधान को हटाने के लिए 9 पार्षदों की आवश्यकता है। जिला प्रशासन द्वारा पालिका प्रधान के खिलाफ असंतुष्टों की मांग पर बैठक बुलाए जाने की तिथि निर्धारित करने से पहले ही एक पार्षद के यू-टर्न लेने के बाद प्रधान खेमे में जबरदस्त उत्साह का माहौल है।
इतना ही नहीं प्रधान खेमे की तरफ से यह भी बयान दिया गया है कि सच्चाई तो यह है कि बेरी पालिका प्रधान की कुर्सी अल्पमत में थी ही नहीं। विरोधी खेमे के कुछ पार्षदों द्वारा बरगलाकर कुछ पार्षदों से अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए शपथ पत्र दिलवाए गए थे जोकि अब धीरे-धीरे वापस आने लगे हैं। पालिका प्रधान का दोबारा से समर्थन करने वाली महिला पार्षद रानी देवी का कहना है कि उन्हें बरगलाकर प्रधान के खिलाफ शपथ पत्र दिलवाया गया था। जोकि एक तरह से दबाव की राजनीति थी। लेकिन अब उन्होंने दोबारा से पालिका प्रधान रामरती का ही समर्थन करने का फैसला शहर के विकास के हित में लिया है।
बेरी नगरपालिका प्रधान को हटाने की मुहिम में लगी सेंध
- असंतुष्ट खेमे से एक पार्षद ने दोबारा थामा प्रधान का दामन
- असंतुष्टों की संख्या घटकर हुई 8, हटाने के लिए चाहिए 9 का कोरम
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बेरी।
बेरी नगर पालिका प्रधान रामरती को हटाने की मुहिम उस समय औंधे मुंह गिर गई जब असंतुष्टों में से ही एक महिला पार्षद रानी देवी ने प्रधान का दोबारा से समर्थन करते हुए पिछले दिनों डीसी ऑफिस में प्रधान के खिलाफ दिए गए अपने शपथ पत्र को वापिस उठा लिया। इस कार्यवाही के बाद अब पालिका प्रधान के खिलाफ अविश्वास का झंडा बुलंद करने वाले पार्षदों की संख्या घटकर आठ रह गई है जबकि पालिका प्रधान को हटाने के लिए 9 पार्षदों की आवश्यकता है। जिला प्रशासन द्वारा पालिका प्रधान के खिलाफ असंतुष्टों की मांग पर बैठक बुलाए जाने की तिथि निर्धारित करने से पहले ही एक पार्षद के यू-टर्न लेने के बाद प्रधान खेमे में जबरदस्त उत्साह का माहौल है।
इतना ही नहीं प्रधान खेमे की तरफ से यह भी बयान दिया गया है कि सच्चाई तो यह है कि बेरी पालिका प्रधान की कुर्सी अल्पमत में थी ही नहीं। विरोधी खेमे के कुछ पार्षदों द्वारा बरगलाकर कुछ पार्षदों से अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए शपथ पत्र दिलवाए गए थे जोकि अब धीरे-धीरे वापस आने लगे हैं। पालिका प्रधान का दोबारा से समर्थन करने वाली महिला पार्षद रानी देवी का कहना है कि उन्हें बरगलाकर प्रधान के खिलाफ शपथ पत्र दिलवाया गया था। जोकि एक तरह से दबाव की राजनीति थी। लेकिन अब उन्होंने दोबारा से पालिका प्रधान रामरती का ही समर्थन करने का फैसला शहर के विकास के हित में लिया है।
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बेरी नगरपालिका प्रधान को हटाने की मुहिम में लगी सेंध
- असंतुष्ट खेमे से एक पार्षद ने दोबारा थामा प्रधान का दामन
- असंतुष्टों की संख्या घटकर हुई 8, हटाने के लिए चाहिए 9 का कोरम