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बैखौफ घूमते हैं बंदर, इंसान रहते हैं पिंजरे में कैद

Tue, 13 Jun 2017 12:59 AM IST
Updated Tue, 13 Jun 2017 12:59 AM IST
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बैखौफ घूमते हैं बंदर,  इंसान रहते हैं पिंजरे में कैद
अमर उजाला ब्यूरो
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झज्जर।
बंदरों के आतंक से शहर के लोगों को निजात दिलाने के लिए जनप्रतिनिधियों ने तो एजेंडा पास कर दिया, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही ने जनता को परेशान कर रखा है। 6 माह पूर्व पास हुए प्रस्ताव पर अधिकारियों के द्वारा अभी तक अमल नहीं किया गया है, जिसके चलते शहर के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वैसे तो लेटलतीफ रवैये के लिए नपा के अधिकारी अक्सर सुर्खियों में रहते हैं, लेकिन हर सार्वजनिक समस्या पर अधिकारियों के इस तरह के रवैये से अब जनप्रतिनिधि भी तंग आ गए हैं, जिसके चलते जल्द होने वाले बजट की बैठक फिर से हंगामे वाली होने के आसार हैं। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि समस्याओं को दूर करवाने के लिए शहर के लोग पार्षदों के घर चक्कर काटते हैं।
पिंजरों में कैद हुए शहर के लोग
शहर के लोगों को बंदरों से निजात दिलाने में अब तक नपा नाकाम रहा तो लोगों के द्वारा अपने प्रबंध खुद किए जा रहे हैं। झज्जर ऐसा शहर है, जहां पर बंदर तो खुलेआम घूमते हैं, लेकिन लोग जरूर अपने आपको घरों में कैद करने पर मजबूर हो गए हैं। बंदरों का आतंक इतना है कि छतों पर रखा सामान बंदर चंद मिंट में उठाकर रफूचक्कर हो जाते हैं। जिसके चलते लोगों के द्वारा अपने घरों की छत और चारदीवारियों को लोहे के जाल से कवर करवाना शुरू कर दिया है। शहर के काफी घरों की छत पर अब इस तरह के जाल नजर आने लगे हैं।
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एक महिला की हो चुकी है मौत
बंदरों का आतंक इतना है कि डर के मारे एक महिला की मौत भी हो चुकी है। कुछ दिन पूर्व पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस के नजदीक रहने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता रणबीर सिंह बैनीवाल की पत्नी कृष्णा छत पर किसी काम से गई थी, वहां पर बंदर उनके पीछे पड़ गए। बंदरों से बचने के चक्कर में कृष्णा छत से गिर गई। छत से गिरने की वजह से कृष्णा गंभीर रूप से घायल हो गई, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। नपा प्रशासन ने इस हादसे से भी सबक नहीं लिया।
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बैठक में उठाएंगे मुद्दा
बंदरों का शहर में काफी आतंक चल रहा है। हर दिन बंदरों की वजह से कोई न कोई हादसा होता रहता है। एजेंडा पास होने के बावजूद भी टेंडर नहीं लगाने को लेकर अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं। बजट को लेकर होने वाली बैठक में मामले को उठाया जाएगा और अधिकारियों से इसका जवाब लिया जाएगा।

-एडवोकेट घनश्याम गुर्जर, पार्षद वार्ड 15।

बंदर पकड़ने के लिए जल्द टेंडर लगाया जा रहा है। शार्ट नोटिस का टेंडर नपा के द्वारा लगाया जाएगा, ताकि जल्द से जल्द शहर में बंदर पकड़ने की मुहिम शुरू की जा सके।
- नरेंद्र सैनी, सचिव, नपा झज्जर।

शहर के लोगों को बंदरों से जल्द निजात दिलाई जाएगी। टेंडर लगाने को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं।
- कविता नंदवानी, चेयरमैन, नपा झज्जर।



- छह माह पूर्व पास हुआ था एजेंडा, फिर भी नहीं लगा बंदर पकड़ने का टेंडर
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