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चार साल में शहर में पनपी 143 अवैध कॉलोनी, एक साल से ऑफलाइन रजिस्ट्री भी बंद

Fri, 27 Aug 2021 12:53 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 27 Aug 2021 12:53 AM IST
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143 illegal colonies flourished in the city in four years, offline registry also closed for one year
शहर में लगातार अवैध कॉलोनियों का जाल फैलता जा रहा है। नगर निगम व जिला नगर योजनाकार विभाग सरकार की सख्ती के बावजूद कॉलोनियों के फैलाव को रोकने में नाकाम साबित हो रहा है। वर्ष 2018 से अब तक 143 अवैध कॉलोनी कट चुकी हैं। डीसी खुद मॉनीटरिंग कर रहे हैं। डीटीपी व निगम भी समय-समय पर पीला पंजा चलाकर अवैध निर्माण तोड़ते हैं। बावजूद इसके अवैध कॉलोनियां लगातार विस्तार ले रही हैं। रोहतक शहर को प्रदेश की सियासी राजधानी माना जाता है, जो एनसीआर में आता है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार शहर की आबादी पौने 4 लाख थी, जो अब बढ़कर करीब 6 लाख पहुंच चुकी है। रोजगार व उच्च स्तरीय जीवन जीने के लिए आसपास के गांवों व दूसरे क्षेत्र से लोग रोहतक में रहने आ रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप शहर के आउटर में लगातार अवैध कॉलोनी काटी जा रही हैं। प्रदेश सरकार को जुलाई 2020 में शिकायत मिली थी कि तहसीलों में अवैध कॉलोनियों की रजिस्ट्री रोक के बावजूद हो रही हैं। इसके चलते सरकार ने ऑफलाइन रजिस्ट्री पर रोक लगा दी थी। साथ ही कई तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई भी की गई। ऐसे में अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने वाले अब शपथ पत्र के भरोसे प्लॉट ले रहे हैं।
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सियासी ट्रेंड दे रहा अवैध कॉलोनियों को बढ़ावा
प्रदेश में चाहे किसी भी दल की सरकार हो, लेकिन चुनाव के ठीक पहले अवैध कॉलोनियों को 50 प्रतिशत निर्माण होने की शर्त के साथ वैध कर दिया जाता है। अवैध कॉलोनी कटने से लेकर उसके पनपने तक कार्रवाई के नाम पर केवल नोटिस देकर सड़क व नींव उखाड़ने की कार्रवाई चलती है। ठोस कार्रवाई न होने के कारण कॉलोनाइजर लगातार कॉलोनियां काटते रहते हैं। विधानसभा चुनाव से पहले वर्ष 2018 में 99 कॉलोनियां वैध की गई थी।
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एक साल से बढ़ी सख्ती
सरकार ने अगस्त 2020 में सख्ती के साथ तहसील में ऑफलाइन रजिस्ट्री पर रोक लगा दी। शक था कि अवैध कॉलोनियों की भी रजिस्ट्री हो रही हैं। इससे अवैध कॉलोनियों केे बढ़वा मिला। सरकार के सामने पूरा मामला आने के बाद सख्ती बरती गई। अब ऑनलाइन रजिस्ट्री होती है, इसके लिए नगर निगम व डीटीपी से एनओसी ली जाती है।
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गलियां व नींव उखाड़ने से नहीं चलेगा काम, ठोस कदम उठाए सरकार
अवैध कॉलोनी विकसित होने के पीछे शासन व प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई न करना है। क्योंकि पांच साल में चुनाव से एक या दो साल पहले अवैध कॉलोनियों को 50 प्रतिशत निर्माण एरिया मानकर पक्का कर दिया जाता है। या वोट मांगते समय कॉलोनी वैध करने का वादा किया जाता है। ऐसे में प्रॉपर्टी डीलर यह मानकर चलते हैं कि चुनाव से ठीक पहले कॉलोनी वैध तो हो ही जाएगी। आम लोग भी कम रेट के चलते प्लॉट खरीद लेते हैं। पार्टी चाहे कोई भी हो, पूरे पांच साल यह क्रम चलता रहता है। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता है। मौजूद सरकार ने अवैध कॉलोनियों में रजिस्ट्री पर रोक लगाकर उचित कदम उठाया है, लेकिन और सख्ती बरतने की जरूरत है।

- अशोक खुराना, पूर्व पार्षद नगर निगम
सख्त कदम उठा रहा विभाग, लगातार दूसरे दिन तोड़ी अवैध कॉलोनी
अवैध कॉलोनियों को लेकर प्रदेश सरकार बेहद सख्त है। लगातार दूसरे दिन वीरवार को अवैध कॉलोनियों में तोड़फोड़ की गई। ओमेक्स सिटी व सुनारिया कलां के पास काटी गई दो कॉलोनियों में विभाग की टीम ने एक बिल्डिंग तोड़ी, 6 नींव उखाड़ी व दो चहारदीवारी गिराई गई। यह अभियान लगातार जारी रहेगा। अब विभाग अवैध कॉलोनियों के अलावा कॉलोनाइजर के नाम भी सार्वजनिक करेगा। आम लोगों से आग्रह है कि अवैध कॉलोनियों में प्लॉट लेकर न फंसे।
- नरेश कुमार, डीटीपी रोहतक/सोनीपत
जिला नगर योजनाकार ने जारी की अवैध कॉलोनियों की सूची, यहां न खरीदें प्लॉट
क्षेत्र खसरा नंबर
रोहतक 7789,7790,7791,7792, 7401,7403, 7404, 6515, 6516, 6525,6526,6527,6532,6533, 4867, 4868, 4763, 4758, 6489, 6724
मकड़ौली कलां 58/19/2, 20
बैंयापुर 61/12, 23/15/1/1, 15/1/2, 15/2/2, 63/17/2, 18/2, 69/23, 24/1, 24/2
डोभ 61/2,3,4, 48/19/2, 20/2, 22/1,3, 23
गढ़ी बोहर 337/16, 25, 364/6, 249/4/1,5, 250/1,9, 287/21/3, 21/4, 22/2, 23/1, 22/1, 23/2
बोहर 128/9, 12/2
मकड़ौली खुर्द 69/2/2/1, 2/2/2, 2/2/3, 8,9, 12/1, 13/1/1
खेड़ी साध 67/9, 10,12
सराय अहमद 16/12, 13,17, 18,19, 22, 23, 24, 25, 23/5, 6, 15, 16, 24/1, 10/1, 10/2, 11,12, 20
नोट : जिला नगर योजनाकार विभाग ने करीब एक माह पहले अवैध कॉलोनियों की यह सूची जारी की थी।
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