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संजय कुमार
Updated Sat, 06 Jan 2018 02:49 AM IST
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रोडवेज कर्मचारियों ने सड़क परिवहन एवं सुरक्षा अधिनियम 2017 के विरोध में किया दो घंटे किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
केंद्र सरकार की ओर से राज्य सभा में लाए जा रहे सड़क परिवहन एवं सुरक्षा अधिनियम 2017 के विरोध में शुक्रववार को हरियाणा रोडवेज कर्मचारी संयुक्त सघंर्ष समिति ने दो घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय ट्रांसपोर्ट फेडरेशन के आह्वान पर हुए इस प्रदर्शन में कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। यहां सभी ने बिल वापस करने की आवाज उठाई।
डिपो प्रधान युद्धवीर दांगी व सतबीर मुंढ़ाल ने कहा कि यह बिल राज्यसभा में पारित होने पर न केवल परिवहन कर्मचारियों के लिए घातक साबित होगा, बल्कि प्रदेश की जनता को इसका खामियाजा भुगतना पडेगा। इस बिल में गलती से यातायात के नियम तोडने पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इससे वाहन चलाना जोखिम भरा होगा। इस बिल के लागू होने से लाखों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। सरकार बडे पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए यह बिल लागू कर रही है। सरकार को कर्मचारियों व जनता की भावनाओं से कोई सरोकार नहीं है। सरकार ने यह बिल लागू किया तो रोडवेज कर्मचारी पूरे देश में आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। सरकार से इस बिल पर रोक लगाए जाने की मांग करते हुए राहत की अपील की। कर्मचारियों ने सरकार से परिवहन बेडे में 14 हजार नई बसें शामिल करने की मांग करते हुए कहा कि इससे बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध होगा। लोगों को बेहतर परिवहन सेवा मुहैया होगी।
प्रदर्शन का संचालन करते हुए जयकुंवार दहिया व विपिन ग्रेवाल ने कहा कि एक तरफ तो सरकार भ्रष्टाचार मुक्त शासन का दावा कर रही है, वहीं पिछले 12 दिनों से रेवाडी में कर्मचारियों ने डिपो महाप्रबंधक पर भ्रष्टाचारों के आरोपों की जांच नहीं करवा रही है। इससे साबित होता है कि सरकार की कथनी व करनी में भारी अंतर है। उन्होंने सरकार से डिपो महाप्रबंधक का तबादला व उन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की उच्च स्तरीय जांच करवाए जाने की मांग की। साथ ही चेताया कि अगर सरकार ने जल्द ही रेवाडी डिपो महाप्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पडे़गा। यूनियन के प्रदेश कोषाध्यक्ष दीपक बल्हारा व उपप्रधान सुमेर सिवाच ने भी अपने विचार रखे। इस मौके पर रमेश डीघल, रामधारी, रणबीर दांगी, सत्यवान, जसवंत वैद्य, राजकुमार गिल, हिमत राणा, प्रदीप हुड्डा शामिल रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
केंद्र सरकार की ओर से राज्य सभा में लाए जा रहे सड़क परिवहन एवं सुरक्षा अधिनियम 2017 के विरोध में शुक्रववार को हरियाणा रोडवेज कर्मचारी संयुक्त सघंर्ष समिति ने दो घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय ट्रांसपोर्ट फेडरेशन के आह्वान पर हुए इस प्रदर्शन में कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। यहां सभी ने बिल वापस करने की आवाज उठाई।
डिपो प्रधान युद्धवीर दांगी व सतबीर मुंढ़ाल ने कहा कि यह बिल राज्यसभा में पारित होने पर न केवल परिवहन कर्मचारियों के लिए घातक साबित होगा, बल्कि प्रदेश की जनता को इसका खामियाजा भुगतना पडेगा। इस बिल में गलती से यातायात के नियम तोडने पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इससे वाहन चलाना जोखिम भरा होगा। इस बिल के लागू होने से लाखों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। सरकार बडे पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए यह बिल लागू कर रही है। सरकार को कर्मचारियों व जनता की भावनाओं से कोई सरोकार नहीं है। सरकार ने यह बिल लागू किया तो रोडवेज कर्मचारी पूरे देश में आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। सरकार से इस बिल पर रोक लगाए जाने की मांग करते हुए राहत की अपील की। कर्मचारियों ने सरकार से परिवहन बेडे में 14 हजार नई बसें शामिल करने की मांग करते हुए कहा कि इससे बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध होगा। लोगों को बेहतर परिवहन सेवा मुहैया होगी।
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प्रदर्शन का संचालन करते हुए जयकुंवार दहिया व विपिन ग्रेवाल ने कहा कि एक तरफ तो सरकार भ्रष्टाचार मुक्त शासन का दावा कर रही है, वहीं पिछले 12 दिनों से रेवाडी में कर्मचारियों ने डिपो महाप्रबंधक पर भ्रष्टाचारों के आरोपों की जांच नहीं करवा रही है। इससे साबित होता है कि सरकार की कथनी व करनी में भारी अंतर है। उन्होंने सरकार से डिपो महाप्रबंधक का तबादला व उन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की उच्च स्तरीय जांच करवाए जाने की मांग की। साथ ही चेताया कि अगर सरकार ने जल्द ही रेवाडी डिपो महाप्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पडे़गा। यूनियन के प्रदेश कोषाध्यक्ष दीपक बल्हारा व उपप्रधान सुमेर सिवाच ने भी अपने विचार रखे। इस मौके पर रमेश डीघल, रामधारी, रणबीर दांगी, सत्यवान, जसवंत वैद्य, राजकुमार गिल, हिमत राणा, प्रदीप हुड्डा शामिल रहे।
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