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कलियाणा में पौने नौ एकड़ में बनेगी नंदीशाला

Wed, 30 Aug 2017 01:48 AM IST
Updated Wed, 30 Aug 2017 01:48 AM IST
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कलियाणा में पौने नौ एकड़ में बनेगी नंदीशाला
कलियाणा में बनेगी पौने नौ एकड़ में नंदीशाला
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चरखी दादरी।
लावारिस पशुओं के लिए अब गांव कलियाणा में पौने नौ एकड़ जमीन में नंदीशाला बनाई जाएगी। ग्राम पंचायत ने इस संबंध में प्रस्ताव प्रशासन को सौंप दिया है। जल्द ही जमीन की पैमाइश की प्रक्रिया पूरी करवाई जाएगी। यह गांव शामलात जमीन है। पशु पालन विभाग ने 4105 लावारिस पशुओं को सूचीबद्ध कर रखा है और जिले में अभी भी 2424 पशु सड़कों और कॉलोनियों में घूम रहे हैं।
चरखी दादरी शहर व आसपास के क्षेत्रों में इस समय लावारिस पशुओं से लोग बेहद परेशान हैं। पशुपालन विभाग ने प्रशासन व सरकार के निर्देश पर इन पशुओं को गोशालाओं में शिफ्टिंग का अभियान चलाया था। गोशालाओं में और जगह न होने पर ये अभियान बीच में ही रोकना पड़ा। इस अभियान को अब पशुपालन विभाग फिर से गति देने की तैयारी में है ताकि लोगों इन लावारिस पशुओं से स्थायी तौर पर निजात मिल सके। विभाग व प्रशासन की ओर से गांवों में खाली पड़ी जमीन की तलाश की जा रही है। कई गांवों में जमीन होते भी पंचायतें यह जमीन देने को तैयार नहीं हैं। गांव अटेला में तीन एकड़ जमीन नंदीशाला के लिए पहले ही मिल चुकी है। यहां प्रशासन की ओर से नंदीशाला निर्माण की तैयारियां की जा रही हैं।
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गांव कलियाणा पंचायत ने दी पौने नौ एकड़ जमीन
नंदीशाला के लिए अब गांव कलियाणा ने पौने नौ एकड़ जमीन दी है। पंचायत ने इस आशय का प्रस्ताव पारित कर प्रशासन को साैंप दिया है। प्रस्ताव मिलते ही प्रशासन ने इस जमीन की पैमाइश करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि जल्द से जल्द इसे सिरे चढ़ाया जा सके।
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जिले भर में हैं 4105 लावारिस पशु
पशु पालन विभाग ने जिले भर में 4105 पशुओं को चिह्नित कर रखा है जो सड़कों, कालोनियों व अन्य स्थानों पर घूम रहे हैं। अब तक विभाग की ओर से 1583 पशुओं को पकड़ा भी जा चुका है। इस प्रकार 2422 पशु अभी सड़कों व कालोनियों में घूम रहे हैं। प्रशासन इस संबंध में जनसहयोग मांग रहा है ताकि इस समस्या से स्थायी रूप से छुटकारा मिल सके।

दस गायों की सात दिनों में हो चुकी है मौत
प्रशासन के कैटल फ्री शहर अभियान चलाने के बावजूद हालात पहले जैसे ही हैं। आए दिन गोवंश हादसों का शिकार हो रहे हैं। स्वामी दयाल सेवा संघ सचिव व गोभक्त रिंपी फौगाट ने बताया कि पिछले एक सप्ताह में दस गायों की मौत हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि नप कर्मचारी सूचना देने के बावजूद मौके पर नहीं पहुंचते और गोभक्तों को अपने स्तर पर ही प्रबंध कर मृत गायों को मिट्टी देनी पड़ती है। उन्होंने बताया कि पशुपालन विभाग व नगर परिषद का सहयोग न के बराबर है।
वर्जन-
गांव कलियाणा में जल्द ही नंदीशाला शुरू कर दी जाएगी। जमीन मिल गई है। जनता को भी इस अभियान में सहयोग करना चाहिए।
एसडीओ डॉ.सतबीर मोठसरा, पशुपालन विभाग
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