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FHFG
Updated Mon, 03 Jul 2017 12:04 AM IST
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जलभराव की समस्या से साबी नदी दिलाएगी निजात
अमित विश्वकर्मा
रेवाड़ी।
शहर को जलमग्न होने से बचाने और ओवरफ्लो सीवर की समस्या से निजात दिलाने के लिए तैयार 48 करोड़ की परियोजना इस सप्ताह शुरू हो जाएगी। इसके शुरू होने से शहर की दो लाख की आबादी को राहत मिलने की उम्मीद है। जनस्वास्थ्य विभाग ने इस प्रोजेक्ट के टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली है। नसियाजी रोड स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से करीब 17 किलोमीटर लंबी एचडीई पाइप डालकर ट्रीटेड पानी धारूहेड़ा स्थित साबी नदी मेें डाला जाएगा। सब कुछ ठीक रहा तो इसी सप्ताह नसियाजी ट्रीटमेंट प्लांट प्रोजेक्ट का शुभारंभ हो जाएगा।
किसानों को मिलेगी राहत
नसियाजी रोड स्थित 16 और आठ एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) दो और गांव कालूवास स्थित साढ़े छह एमएलडी एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) से प्रतिदिन लाखों लीटर ट्रीटेड (सीवेज के निस्तारण के बाद निकला पानी) पानी निकलता है। तीनों प्लांटों से निकलने वाले इस पानी को आसपास के खेतों और रेलवे लाइन के पास डाला जाता है। इसका बड़ा कारण विभाग के पास जगह नहीं होना है। इसका खामियाजा आसपास के गांवों के किसानों को उठाना पड़ता है। इससे उनकी सैकड़ों एकड़ की फसल खराब हो जाती है। किसान इसकी शिकायत सीएम तक कर चुके हैं। बारिश के दिनों में स्थिति और बिगड़ जाती है। ऐसे में पाइप लाइन डालने से किसानों के साथ शहर की आबादी को गंदे पानी से स्थायी समाधान मिल जाएगा।
रोजाना घरों से निकलता है 3.5 करोड़ लीटर सीवेज युक्त पानी
शहर के 31 वार्डों से प्रतिदिन करीब तीन करोड़ पांच लाख लीटर सीवेज युक्त पानी निकलता है। सीवेज युक्त पानी के निस्तारण के लिए नसिया रोड पर दो और कालुवास में एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया है। प्लांट का काम गंदे पानी को पहले से बेहतर बनाना होता है। यहां पर गंदे पानी का बीओडी अर्थात पानी में ऑक्सीजन की मात्रा को बढ़ाया जाता है। प्लांट से पानी का उठान नहीं होने से शहर में ओवरफ्लो की समस्या बढ़ जाती है। जन स्वास्थ्य विभाग की तरफ से यह भी दावा किया जाता है कि नसियाजी मोड़ पर लगे सीवेज प्लांट से निकलने वाला पानी फसलों के लिए हानिकारक नहीं है। बावजूद इसके किसान विभाग की शिकायत करते रहते हैं।
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48 करोड़ के प्रोजेक्ट की टेंडर सहित अन्य प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसी सप्ताह नसियाजी स्थित एसटीपी पर प्रोजेक्ट का शुभारंभ कर दिया जाएगा। प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद शहरवासियों को ओवरफ्लो के साथ बरसात के दिनों में जलभराव से मुक्ति मिल जाएगी। - डीएस दहिया, कार्यकारी अभियंता, पब्लिक हेल्थ, रेवाड़ी सर्कल
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अमित विश्वकर्मा
रेवाड़ी।
शहर को जलमग्न होने से बचाने और ओवरफ्लो सीवर की समस्या से निजात दिलाने के लिए तैयार 48 करोड़ की परियोजना इस सप्ताह शुरू हो जाएगी। इसके शुरू होने से शहर की दो लाख की आबादी को राहत मिलने की उम्मीद है। जनस्वास्थ्य विभाग ने इस प्रोजेक्ट के टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली है। नसियाजी रोड स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से करीब 17 किलोमीटर लंबी एचडीई पाइप डालकर ट्रीटेड पानी धारूहेड़ा स्थित साबी नदी मेें डाला जाएगा। सब कुछ ठीक रहा तो इसी सप्ताह नसियाजी ट्रीटमेंट प्लांट प्रोजेक्ट का शुभारंभ हो जाएगा।
किसानों को मिलेगी राहत
नसियाजी रोड स्थित 16 और आठ एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) दो और गांव कालूवास स्थित साढ़े छह एमएलडी एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) से प्रतिदिन लाखों लीटर ट्रीटेड (सीवेज के निस्तारण के बाद निकला पानी) पानी निकलता है। तीनों प्लांटों से निकलने वाले इस पानी को आसपास के खेतों और रेलवे लाइन के पास डाला जाता है। इसका बड़ा कारण विभाग के पास जगह नहीं होना है। इसका खामियाजा आसपास के गांवों के किसानों को उठाना पड़ता है। इससे उनकी सैकड़ों एकड़ की फसल खराब हो जाती है। किसान इसकी शिकायत सीएम तक कर चुके हैं। बारिश के दिनों में स्थिति और बिगड़ जाती है। ऐसे में पाइप लाइन डालने से किसानों के साथ शहर की आबादी को गंदे पानी से स्थायी समाधान मिल जाएगा।
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रोजाना घरों से निकलता है 3.5 करोड़ लीटर सीवेज युक्त पानी
शहर के 31 वार्डों से प्रतिदिन करीब तीन करोड़ पांच लाख लीटर सीवेज युक्त पानी निकलता है। सीवेज युक्त पानी के निस्तारण के लिए नसिया रोड पर दो और कालुवास में एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया है। प्लांट का काम गंदे पानी को पहले से बेहतर बनाना होता है। यहां पर गंदे पानी का बीओडी अर्थात पानी में ऑक्सीजन की मात्रा को बढ़ाया जाता है। प्लांट से पानी का उठान नहीं होने से शहर में ओवरफ्लो की समस्या बढ़ जाती है। जन स्वास्थ्य विभाग की तरफ से यह भी दावा किया जाता है कि नसियाजी मोड़ पर लगे सीवेज प्लांट से निकलने वाला पानी फसलों के लिए हानिकारक नहीं है। बावजूद इसके किसान विभाग की शिकायत करते रहते हैं।
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48 करोड़ के प्रोजेक्ट की टेंडर सहित अन्य प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसी सप्ताह नसियाजी स्थित एसटीपी पर प्रोजेक्ट का शुभारंभ कर दिया जाएगा। प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद शहरवासियों को ओवरफ्लो के साथ बरसात के दिनों में जलभराव से मुक्ति मिल जाएगी। - डीएस दहिया, कार्यकारी अभियंता, पब्लिक हेल्थ, रेवाड़ी सर्कल