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मांगों को लेकर अदालत में रहा वर्क सस्पेंड
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के आह्वान पर सोमवार को जिला बार के वकीलों ने वर्क सस्पेंड रखा। साथ ही डीसी की गैर मौजूदगी में सीटीएम को मांग पत्र दिया। मंगलवार को वकील दिल्ली में जंतर-मंतर पर मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे।
बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के चेयरमैन डॉ. विजेन्द्र सिंह अहलावत ने बताया कि 12 फरवरी को एनसीआर, पंजाब एंड हरियाणा की बार एसोसिएशन्स, दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन्स, सुप्रीम कोर्ट ऑन रिकार्ड एसोसिएशन के वकील दिल्ली में पटियाला हाउस से जन्तर-मन्तर तक विरोध प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देंगे। अहलावत ने बताया कि बार काउंसलि ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने 2 फरवरी को प्रधानमंत्री के नाम पत्र लिखकर, उनके द्वारा 1 मार्च 2014 को गांधीनगर, गुजरात में बार काउंसिल ऑफ इंडिया से किए गए वायदों को पूरा करने की मांग की, लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा कोई कार्यवाही न होने पर मीटिंग में रोष जताया गया।
यह है प्रमुख मांगें
: जरूरतमंद वकीलों को पांच साल तक 10 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइफंड दिया जाए।
: केन्द्र सरकार वकीलों व याचिका कर्त्ताओं के लिए बजट में 5 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान करे।
: वकीलों को फ्री मेडिकलेम, वकील की मृत्यु पर 50 लाख रुपये आश्रित को दिए जाएं।
: वृद्ध वकीलों की पेंशन हो, वकीलों के लिए चैम्बर, बैठने की सुविधा, लाइब्रेरी व इंटरनेट जैसी जरूरी सुविधाएं दी जाएं।
: ट्रिब्यूनल, फोरम व कमीशन में पूर्व जजों के अतिरिक्त योग्य वकीलों को भी सदस्य बनाने का प्रावधान किया जाए।
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रोहतक। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के आह्वान पर सोमवार को जिला बार के वकीलों ने वर्क सस्पेंड रखा। साथ ही डीसी की गैर मौजूदगी में सीटीएम को मांग पत्र दिया। मंगलवार को वकील दिल्ली में जंतर-मंतर पर मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे।
बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के चेयरमैन डॉ. विजेन्द्र सिंह अहलावत ने बताया कि 12 फरवरी को एनसीआर, पंजाब एंड हरियाणा की बार एसोसिएशन्स, दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन्स, सुप्रीम कोर्ट ऑन रिकार्ड एसोसिएशन के वकील दिल्ली में पटियाला हाउस से जन्तर-मन्तर तक विरोध प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देंगे। अहलावत ने बताया कि बार काउंसलि ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने 2 फरवरी को प्रधानमंत्री के नाम पत्र लिखकर, उनके द्वारा 1 मार्च 2014 को गांधीनगर, गुजरात में बार काउंसिल ऑफ इंडिया से किए गए वायदों को पूरा करने की मांग की, लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा कोई कार्यवाही न होने पर मीटिंग में रोष जताया गया।
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यह है प्रमुख मांगें
: जरूरतमंद वकीलों को पांच साल तक 10 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइफंड दिया जाए।
: केन्द्र सरकार वकीलों व याचिका कर्त्ताओं के लिए बजट में 5 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान करे।
: वकीलों को फ्री मेडिकलेम, वकील की मृत्यु पर 50 लाख रुपये आश्रित को दिए जाएं।
: वृद्ध वकीलों की पेंशन हो, वकीलों के लिए चैम्बर, बैठने की सुविधा, लाइब्रेरी व इंटरनेट जैसी जरूरी सुविधाएं दी जाएं।
: ट्रिब्यूनल, फोरम व कमीशन में पूर्व जजों के अतिरिक्त योग्य वकीलों को भी सदस्य बनाने का प्रावधान किया जाए।