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हत्या के मामले में दो को आजीवन कारावास
Updated Fri, 07 Sep 2018 02:40 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। गांव भराण निवासी 40 वर्षीय युवक अजय की हत्या के मामले में गांव के दो युवकों दीपक और जोगेंद्र को अदालत ने आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं तीसरे आरोपी महेंद्र को वारदात की साजिश में शामिल होने के आरोप से बरी कर दिया गया।
पुलिस रिकार्ड के मुताबिक पांच अक्तूबर 2016 को भराण गांव निवासी शकुंतला ने शिकायत दी कि उसका छोटा बेटा 40 वर्षीय अजय परिवार सहित रोहतक की हरकीदेवी कालोनी में रह रहा था। दो अक्तूबर को उसे रसोई गैस सिलिंडर भरवाने के लिए गांव में बुलाया था। सिलिंडर भरवाकर वह घर से रोहतक के लिए बाइक पर चल पड़ा। उसी शाम अजय की पत्नी सुशीला ने फोन किया कि अजय अभी तक घर नहीं आया। सुराग नहीं लगने पर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। आठ दिन बाद भिवानी के बौंद कलां के नजदीक उण गांव के पास नहर में एक शव मिला था, जिसकी शिनाख्त अजय के तौर पर हुई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। रिपोर्ट से पता चला कि अजय की मौत सिर में लगी चोट से हुई है। जांच में गांव के दो युवकों दीपक व जोगेंद्र को काबू किया, जिन्होंने पूछताछ में खुलासा किया कि शराब पीकर हुए झगड़े में अजय की हत्या कर दी गई। बाद में शव नहर में फेंक दिया। साथ ही महेंद्र को वारदात की साजिश के आरोप में काबू किया। तभी से जिला अदालत में आरोपियों के खिलाफ केस चल रहा था। वीरवार को सेशन जज संत प्रकाश की अदालत ने दीपक और जोगेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं महेंद्र को साजिश के आरोप से बरी कर दिया।
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रोहतक। गांव भराण निवासी 40 वर्षीय युवक अजय की हत्या के मामले में गांव के दो युवकों दीपक और जोगेंद्र को अदालत ने आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं तीसरे आरोपी महेंद्र को वारदात की साजिश में शामिल होने के आरोप से बरी कर दिया गया।
पुलिस रिकार्ड के मुताबिक पांच अक्तूबर 2016 को भराण गांव निवासी शकुंतला ने शिकायत दी कि उसका छोटा बेटा 40 वर्षीय अजय परिवार सहित रोहतक की हरकीदेवी कालोनी में रह रहा था। दो अक्तूबर को उसे रसोई गैस सिलिंडर भरवाने के लिए गांव में बुलाया था। सिलिंडर भरवाकर वह घर से रोहतक के लिए बाइक पर चल पड़ा। उसी शाम अजय की पत्नी सुशीला ने फोन किया कि अजय अभी तक घर नहीं आया। सुराग नहीं लगने पर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। आठ दिन बाद भिवानी के बौंद कलां के नजदीक उण गांव के पास नहर में एक शव मिला था, जिसकी शिनाख्त अजय के तौर पर हुई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। रिपोर्ट से पता चला कि अजय की मौत सिर में लगी चोट से हुई है। जांच में गांव के दो युवकों दीपक व जोगेंद्र को काबू किया, जिन्होंने पूछताछ में खुलासा किया कि शराब पीकर हुए झगड़े में अजय की हत्या कर दी गई। बाद में शव नहर में फेंक दिया। साथ ही महेंद्र को वारदात की साजिश के आरोप में काबू किया। तभी से जिला अदालत में आरोपियों के खिलाफ केस चल रहा था। वीरवार को सेशन जज संत प्रकाश की अदालत ने दीपक और जोगेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं महेंद्र को साजिश के आरोप से बरी कर दिया।
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