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स्कूलों में उड़ रही योग के नियमों की धज्जियां, खतरे में मासू

Fri, 29 Sep 2017 03:03 AM IST
Updated Fri, 29 Sep 2017 03:03 AM IST
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स्कूलों में उड़ रही योग के नियमों की धज्जियां, खतरे में मासू
अमर उजाला ब्यूरो
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रोहतक। शहर के एक निजी स्कूल में योग करते समय हुई छात्रा की मौत के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। सरकार से लेकर आमजन तक योग को बढ़ावा दे रहे हैं, लेकिन योग के नियमों की जानकारी बेहद कम लोगों को है। स्कूलों में भी योग को बढ़ावा दिया जा रहा है। नियम यह है कि खाने के तीन घंटे बाद ही योगा हो सकता है, लेकिन स्कूलों में इन नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ रही है। बच्चे घर से नाश्ता करके जाते हैं और स्कूलों में उनसे योग कराया जा रहा है। योग से पहले यह जानना जरूरी है कि आपके लिए कौन सा आसन सही है या फिर कौन सा गलत। कहीं ऐसा तो नहीं कि आप योग के माध्यम से शरीर को स्वस्थ्य बनाने के लिए खुद मौत को दावत दे रहे हो। इसी मुद्दे पर योग के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर और योग शिक्षक रहे डॉ. एमएस देशवाल अमर उजाला के माध्यम से योग करने वालों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी दे रहे हैं।
1980 से योग से जुड़े डॉ. देशवाल का कहना है कि आठ वर्ष की उम्र के बाद कोई भी व्यक्ति योग कर सकता है। हरियाणा में योग के तीन प्लेटफार्म है। पहला योग अब एजुकेशन में शामिल हो चुका है। दूसरा खेलों में भी योग की अपनी पहचान और तीसरा आयुष विभाग भी इसके लिए कार्य कर रहा है, लेकिन जरूरत है कि योग के नियमों की जानने की। योग किसी भी समय कराया जा सकता है, लेकिन बच्चा हो या फिर बड़ा खाने के तीन घंटे बाद ही योग होना चाहिए। क्योंकि योग से पेट पर दबाव पड़ता है और ऐसी स्थिति में तबीयत खराब होने की संभावना बढ़ जाती है। यहां तक कि आधा घंटे पहले पानी भी नहीं पीना चाहिए। स्कूलों में सुबह के समय जो योग कराया जा रहा है वह गलत है। बच्चे घर से नाश्ता करके जाते हैं और पेट भरा होने के बाद उन्हें योग करना पड़ता है। इसके साथ ही बड़े और बच्चों के लिए अलग-अलग योग प्रक्रिया होनी चाहिए। बीमारी से उठकर आए बच्चों को बिल्कुल भी योग नहीं कराना चाहिए। इसमें कई प्रकार की सावधानी बरतनी जरूरी है।
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यह सावधानी भी जरूरी
डॉ. देशवाल ने बताया कि दौड़ से आकर कभी सिरसासन नहीं करना चाहिए। जिस व्यक्ति को सिरदर्द, आंखे लाल, पेट में दिक्कत और ब्लड प्रेशर अधिक रहता है तो उन्हें भी योग नहीं करना चाहिए। बीमार व्यक्ति को पहले रिकवरी करनी चाहिए, तभी योग करें। बीमारी से उठकर तब तक योग न करें, जब तक पूरी तरह फिट न हो। वहीं गर्भवती महिलाएं भी केवल ध्यान कर सकती है। ऐसे समय में उन्हें भी योग से परहेज करना जरूरी है।
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योग से पहले डॉक्टर से लें सलाह
डॉ. देशवाल के अनुसार, योग के माध्यम से अगर कोई व्यक्ति बीमारी ठीक करना चाहता है तो उसे पहले डॉक्टर से मेडिकल करना चाहिए। डॉक्टर की सलाह के बाद ही योग करें। इसके अलावा जो व्यक्ति फिटनेस के लिए योग करना चाहते हैं उनसे भी स्वास्थ्य संबंधी सामान्य जानकारी लेनी जरूरी है। स्वास्थ्य संबंधी पूरी जानकारी के बाद ही योग कराया जाना चाहिए।
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