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आरपीएफ व जीआरपी थाने से चंद कदम की दूरी पर मेंटीनेंस के लिये खड़ी पैसेंजर ट्रेन बनी जुए का अड्डा
Updated Mon, 12 Mar 2018 03:08 AM IST
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अमर उजाला स्टिंग ----
आरपीएफ-जीआरपी थाने से चंद कदम की दूरी पर मेंटेनेंस के लिये खड़ी पैसेंजर ट्रेन बनी जुए का अड्डा
- अमर उजाला द्वारा कई दिन तक किये गये स्टिंग में हुआ खुलासा, कैमरे में कैद हुये जुआ खेलने वाले युवक
- प्रतिदिन दोपहर के समय ताश के पत्तों से जुआ खेलने के लिये ट्रेन में पहुंच जाते हैं कुछ युवक
महबूब अली
रोहतक।
इसे विभागीय अधिकारियों की लापरवाही कहा जाएगा या फिर मिलीभगत कि जीआरपी व आरपीएफ थाने से चंद कदम की दूरी पर खड़ी पैसेंजर ट्रेन में हर रोज जुआ हो रहा है। रोहतक रेलवे स्टेशन पर मेंटेनेंस के लिये खड़ी की जाने वाली पैसेंजर ट्रेनों में ताश के पत्तों पर बाजी लगाई जा रही है। दोपहर के समय जुआ खेलने वाले युवक पैसेंजर ट्रेन में पहुंच जाते हैं। उक्त युवक ट्रेन में ही नशे का भी सेवन करते हैं। अमर उजाला द्वारा कई दिन तक किये गये स्टिंग में इसका खुलासा हुआ। ट्रेनों में जुआ खेल रहे युवकों को प्रतिनिधि ने अपने कैमरे में कैद कर लिया। अब विभागीय अधिकारियों ने मामले की जानकारी से इनकार करते हुये कार्रवाई की बात कही है।
रोहतक रेलवे स्टेशन पर खड़ी भिवानी पैसेंजर, बोगी संख्या 05464
उक्त ट्रेन मेंटीनेंस के लिये प्लेटफार्म नंबर दो के सामने ही खड़ी थी। रिपोर्टर ने बोगी में चढ़कर देखा तो चार युवक ताश खेल रहे थे जबकि एक नशीला पदार्थ खाते हुये उनका हौसला बढ़ा रहा था। रिपोर्टर युवकों के पास कोने वाली सीट पर बैठ गया। जुआ लगा रहे युवकों व रिपोर्र्टर के बीच यह बातें हुईं।
रिपोर्टर - भाईसाहब दिल्ली को जाने वाली पैसेंजर ट्रेन किस समय आएगी?
चार में से एक युवक - भाई 1.30 पै आउगी, लाइन नंबर एक पै चला ज्या
रिपोर्टर - अभी तोट्रेन के आने में समय है
युवक - हां अभी आधा घंटा है
रिपोर्टर - आप लोग कौन सा खेल खेल रहे हो?
दूसरा युवक - हाम रमी खेल खेल रें सै, तू भी खेलै कै
रिपोर्टर - नहीं
करीब पांच मिनट बाद तीनों युवकों ने चौथे युवक को चेब से पचास-पचास रुपये निकालकर दिये।
रिपोर्टर - ये तुमने रमी खेल पर रुपये लगाये हैं क्या?
तीसरा युवक - हां हम हर रोज रुपये लगाकर ही ताश खेलते हैं।
रिपोर्टर - क्या करते हो तुम?
चौथा युवक - टाइम पास करण आजा यां, किसी को बेरा बी णा लगता
रिपोर्टर - खेल रुपये लगाकर नहीं खेलना चाहिए?
पहला युवक - ये तो चलता रहता है
इसके बाद रिपोर्टर यहां से चला आया
रोहतक रेलवे स्टेशन पर मेंटेनेंस के लिये खड़ी भिवानी पैसेंजर, बोगी नंबर 05467
यहां पर भी चार युवक ताश के पत्तों पर जुआ खेल रहे थे। चारों रिपोर्टर को देखते ही हक्के-बक्के रह गये। रिपोर्टर ने दिल्ली जाने वाली ट्रेन के लिये समय पूछा तथा युवकों के पास जाकर खड़ा हो गया। यहां इस तरह से वार्तालाप शुरू हुई।
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रिपोर्टर - ये कौन का खेल-खेल रहे हो, मुझे भी ताश खेलना पसंद है।
दो युवक एक साथ बोले - पहले सीप खेल रहे थे, मगर अब रमी खेल रहे हैं।
रिपोर्टर - कितने-कितने रुपये लगाये है
युवक - बीस-बीस रुपये
रिपोर्टर - यह कैसे खेला जाता है
दूसरा युवक - चार लोग इसमे खेलते हैं, तीन हारने के बाद जीतने वाले को रुपये देते हैं।
रिपोर्टर के सामने ही चारों ने एक के बाद एक दस बाजी खेलीं तथा जीतने वाले को जेब से निकालकर रुपये दिये।
भाई! कुछ खर्चा णिकल जावै है
रिपोर्टर द्वारा यह पूछने पर कि क्यों खेलते हो यह खेल तो एक युवक ने कहा कि भाई इससे कुछ जेब खर्च तो णिकल ही जावै है। ना काम करणा पड़ता।
प्रतिदिन चलता है खेल
दैनिक रेल यात्री संघ दिल्ली व रोहतक के प्रवक्ता सतपाल सिंह हाडा, मनोज कुमार, निकित आदि ने बताया कि मेंटेनेंस के लिये खड़ी ट्रेनों ही नहीं अन्य पैसेंजर व एक्सप्रेस ट्रेनों में भी हर रोज इस तरह से कुछ युवक जुआ खेलते हैं। यदि कोई इनका विरोध करता है तो उनके साथ मारपीट करने तक पर उतारू हो जाते हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद विभागीय अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं करते हैं।
मेंटेनेंस के लिये खड़ी पैसेंजर ट्रेनों में युवकों द्वारा जुआ खेलने का मामला संज्ञान में नहीं है। मामला गंभीर है। जांच कराकर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-संतोष कुमार, एसपी आरपीएफ
पैसेंजर ट्रेनों में युवकों द्वारा जुआ खेलने का मामला गंभीर है। इस संबंध में आरपीएफ व जीआरपी को पत्र भेजा जाएगा। जुआ खेलने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा।
- नितिन चौधरी, सीपीआरओ रेलवे
मेंटेनेंस के लिये खड़ी ट्रेनों में युवकों द्वारा जुआ खेलने का मामला संज्ञान में नहीं है। मामला गंभीर है। कल ही युवकों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
- एसपी सिंह, आरपीएफ एसएचओ, रोहतक
ट्रेनों में जुआ खेलने की शिकायत किसी भी यात्री ने नहीं की है। शिकायत मिलने पर मामला दर्ज कर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-नरेंद्र कुमार, एसएचओ, जीआरपी, रोहतक
पैसेंजर ट्रेनों में ताश के पत्तों पर जुआ लगाने का मामला संज्ञान में नहीं है। आरपीएफ के माध्यम से ऐसे युवकों पर शिकंजा कसा जाएगा।
- बीएस मीणा, स्टेशन अधीक्षक, रोहतक
मूकदर्शक बनी रहती है पुलिस
यात्रियों का आरोप है कि प्रतिदिन इसी तरह से ट्रेनों में जुआ खेला जाता है। बावजूद इसके पुलिस मूकदर्शक बनी रहती है। रोहतक रेलवे स्टेशन पर खड़ी जिन ट्रेनों में अमर उजाला के स्टिंग के दौरान जुआ खेलने की बात सामने आई, वहां से आरपीएफ व जीआरपी थाने की दूरी मुश्किल से 200 मीटर होगी।
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आरपीएफ-जीआरपी थाने से चंद कदम की दूरी पर मेंटेनेंस के लिये खड़ी पैसेंजर ट्रेन बनी जुए का अड्डा
- अमर उजाला द्वारा कई दिन तक किये गये स्टिंग में हुआ खुलासा, कैमरे में कैद हुये जुआ खेलने वाले युवक
- प्रतिदिन दोपहर के समय ताश के पत्तों से जुआ खेलने के लिये ट्रेन में पहुंच जाते हैं कुछ युवक
महबूब अली
रोहतक।
इसे विभागीय अधिकारियों की लापरवाही कहा जाएगा या फिर मिलीभगत कि जीआरपी व आरपीएफ थाने से चंद कदम की दूरी पर खड़ी पैसेंजर ट्रेन में हर रोज जुआ हो रहा है। रोहतक रेलवे स्टेशन पर मेंटेनेंस के लिये खड़ी की जाने वाली पैसेंजर ट्रेनों में ताश के पत्तों पर बाजी लगाई जा रही है। दोपहर के समय जुआ खेलने वाले युवक पैसेंजर ट्रेन में पहुंच जाते हैं। उक्त युवक ट्रेन में ही नशे का भी सेवन करते हैं। अमर उजाला द्वारा कई दिन तक किये गये स्टिंग में इसका खुलासा हुआ। ट्रेनों में जुआ खेल रहे युवकों को प्रतिनिधि ने अपने कैमरे में कैद कर लिया। अब विभागीय अधिकारियों ने मामले की जानकारी से इनकार करते हुये कार्रवाई की बात कही है।
रोहतक रेलवे स्टेशन पर खड़ी भिवानी पैसेंजर, बोगी संख्या 05464
उक्त ट्रेन मेंटीनेंस के लिये प्लेटफार्म नंबर दो के सामने ही खड़ी थी। रिपोर्टर ने बोगी में चढ़कर देखा तो चार युवक ताश खेल रहे थे जबकि एक नशीला पदार्थ खाते हुये उनका हौसला बढ़ा रहा था। रिपोर्टर युवकों के पास कोने वाली सीट पर बैठ गया। जुआ लगा रहे युवकों व रिपोर्र्टर के बीच यह बातें हुईं।
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रिपोर्टर - भाईसाहब दिल्ली को जाने वाली पैसेंजर ट्रेन किस समय आएगी?
चार में से एक युवक - भाई 1.30 पै आउगी, लाइन नंबर एक पै चला ज्या
रिपोर्टर - अभी तोट्रेन के आने में समय है
युवक - हां अभी आधा घंटा है
रिपोर्टर - आप लोग कौन सा खेल खेल रहे हो?
दूसरा युवक - हाम रमी खेल खेल रें सै, तू भी खेलै कै
रिपोर्टर - नहीं
करीब पांच मिनट बाद तीनों युवकों ने चौथे युवक को चेब से पचास-पचास रुपये निकालकर दिये।
रिपोर्टर - ये तुमने रमी खेल पर रुपये लगाये हैं क्या?
तीसरा युवक - हां हम हर रोज रुपये लगाकर ही ताश खेलते हैं।
रिपोर्टर - क्या करते हो तुम?
चौथा युवक - टाइम पास करण आजा यां, किसी को बेरा बी णा लगता
रिपोर्टर - खेल रुपये लगाकर नहीं खेलना चाहिए?
पहला युवक - ये तो चलता रहता है
इसके बाद रिपोर्टर यहां से चला आया
रोहतक रेलवे स्टेशन पर मेंटेनेंस के लिये खड़ी भिवानी पैसेंजर, बोगी नंबर 05467
यहां पर भी चार युवक ताश के पत्तों पर जुआ खेल रहे थे। चारों रिपोर्टर को देखते ही हक्के-बक्के रह गये। रिपोर्टर ने दिल्ली जाने वाली ट्रेन के लिये समय पूछा तथा युवकों के पास जाकर खड़ा हो गया। यहां इस तरह से वार्तालाप शुरू हुई।
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दो युवक एक साथ बोले - पहले सीप खेल रहे थे, मगर अब रमी खेल रहे हैं।
रिपोर्टर - कितने-कितने रुपये लगाये है
युवक - बीस-बीस रुपये
रिपोर्टर - यह कैसे खेला जाता है
दूसरा युवक - चार लोग इसमे खेलते हैं, तीन हारने के बाद जीतने वाले को रुपये देते हैं।
रिपोर्टर के सामने ही चारों ने एक के बाद एक दस बाजी खेलीं तथा जीतने वाले को जेब से निकालकर रुपये दिये।
भाई! कुछ खर्चा णिकल जावै है
रिपोर्टर द्वारा यह पूछने पर कि क्यों खेलते हो यह खेल तो एक युवक ने कहा कि भाई इससे कुछ जेब खर्च तो णिकल ही जावै है। ना काम करणा पड़ता।
प्रतिदिन चलता है खेल
दैनिक रेल यात्री संघ दिल्ली व रोहतक के प्रवक्ता सतपाल सिंह हाडा, मनोज कुमार, निकित आदि ने बताया कि मेंटेनेंस के लिये खड़ी ट्रेनों ही नहीं अन्य पैसेंजर व एक्सप्रेस ट्रेनों में भी हर रोज इस तरह से कुछ युवक जुआ खेलते हैं। यदि कोई इनका विरोध करता है तो उनके साथ मारपीट करने तक पर उतारू हो जाते हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद विभागीय अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं करते हैं।
मेंटेनेंस के लिये खड़ी पैसेंजर ट्रेनों में युवकों द्वारा जुआ खेलने का मामला संज्ञान में नहीं है। मामला गंभीर है। जांच कराकर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-संतोष कुमार, एसपी आरपीएफ
पैसेंजर ट्रेनों में युवकों द्वारा जुआ खेलने का मामला गंभीर है। इस संबंध में आरपीएफ व जीआरपी को पत्र भेजा जाएगा। जुआ खेलने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा।
- नितिन चौधरी, सीपीआरओ रेलवे
मेंटेनेंस के लिये खड़ी ट्रेनों में युवकों द्वारा जुआ खेलने का मामला संज्ञान में नहीं है। मामला गंभीर है। कल ही युवकों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
- एसपी सिंह, आरपीएफ एसएचओ, रोहतक
ट्रेनों में जुआ खेलने की शिकायत किसी भी यात्री ने नहीं की है। शिकायत मिलने पर मामला दर्ज कर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-नरेंद्र कुमार, एसएचओ, जीआरपी, रोहतक
पैसेंजर ट्रेनों में ताश के पत्तों पर जुआ लगाने का मामला संज्ञान में नहीं है। आरपीएफ के माध्यम से ऐसे युवकों पर शिकंजा कसा जाएगा।
- बीएस मीणा, स्टेशन अधीक्षक, रोहतक
मूकदर्शक बनी रहती है पुलिस
यात्रियों का आरोप है कि प्रतिदिन इसी तरह से ट्रेनों में जुआ खेला जाता है। बावजूद इसके पुलिस मूकदर्शक बनी रहती है। रोहतक रेलवे स्टेशन पर खड़ी जिन ट्रेनों में अमर उजाला के स्टिंग के दौरान जुआ खेलने की बात सामने आई, वहां से आरपीएफ व जीआरपी थाने की दूरी मुश्किल से 200 मीटर होगी।