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...और भाजपा-कांग्रेसी हो गए जनप्रतिनिधि
Updated Tue, 05 Sep 2017 01:09 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
रविवार सुबह नगर परिषद की ओर से पहले सीएम के मिलने और रात दस बजे सीएम के नहीं मिलने के फोन से आहत कांग्रेसी पार्षदों में खासा रोष है। जानकारी अनुसार रविवार रात साढ़े दस बजे अचानक कांग्रेस समर्थित वार्ड पार्षदों के पास फोन जाता है कि सीएम साहब सोमवार सुबह के समय कांग्रेसी पार्षदों से नहीं मिलेंगे। जबकि रविवार को ही सुबह नौ बजे नप की ओर से सभी पार्षदों के पास सोमवार को सीएम से मिलने के कार्यक्रम की सूचना भेजी गई थी। सीएम से मिलने के तयशुदा कार्यक्रम में अचानक हुए बदलाव के बाद पार्षदों का कहना है कि रविवार को तीन घंटे चले डिनर के बाद सीएम को पार्षद जन प्रतिनिधि की बजाए भाजपाई एवं कांग्रेसी दिखने लगे। जबकि नप चेयरपर्सन उन्हीं के समर्थन से बनी है। नाराज पार्षदों ने कहा कि सीएम के इस भेदभाव के बाद यह निश्चित हो गया है कि सबका साथ-सबका विकास का नारा खोखला है।
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रेवाड़ी।
रविवार सुबह नगर परिषद की ओर से पहले सीएम के मिलने और रात दस बजे सीएम के नहीं मिलने के फोन से आहत कांग्रेसी पार्षदों में खासा रोष है। जानकारी अनुसार रविवार रात साढ़े दस बजे अचानक कांग्रेस समर्थित वार्ड पार्षदों के पास फोन जाता है कि सीएम साहब सोमवार सुबह के समय कांग्रेसी पार्षदों से नहीं मिलेंगे। जबकि रविवार को ही सुबह नौ बजे नप की ओर से सभी पार्षदों के पास सोमवार को सीएम से मिलने के कार्यक्रम की सूचना भेजी गई थी। सीएम से मिलने के तयशुदा कार्यक्रम में अचानक हुए बदलाव के बाद पार्षदों का कहना है कि रविवार को तीन घंटे चले डिनर के बाद सीएम को पार्षद जन प्रतिनिधि की बजाए भाजपाई एवं कांग्रेसी दिखने लगे। जबकि नप चेयरपर्सन उन्हीं के समर्थन से बनी है। नाराज पार्षदों ने कहा कि सीएम के इस भेदभाव के बाद यह निश्चित हो गया है कि सबका साथ-सबका विकास का नारा खोखला है।