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सांवड़ जलघर के पानी में नहीं मिला क्लोरीन
Updated Sat, 22 Jul 2017 12:31 AM IST
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सांवड़ जलघर के पानी में नहीं मिला क्लोरीन
चरखी दादरी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पिछले शुक्रवार को सांवड़ व हिंडोल के जलघर के सैंपल लिए थे। इनमें से हिंडोल जलघर के पानी में कोई खामी स्वास्थ्य विभाग की टीम को नहीं मिली जबकि सांवड़ जलघर से सप्लाई होने वाले पानी में क्लोरीन नहीं पाया गया। सैंपल लेने के बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीणों को डेंगू व चिकनगुनिया जैसी बीमारियों बारे जागरूक किया और अपने आसपास साफ-सफाई रखने के लिए प्रेरित किया।
शहर में जलघरों के सैंपल लेने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने गांवों में बने जलघरों के भी सैंपल लिए। स्वास्थ्य निरीक्षक राजबीर सिंह, सतेंद्र, रामबीर, जगबीर व संजीत ने गांव सांवड़ व हिंडोल में जलघरों में क्लोरीन की जांच की। राजबीर ने कहा कि घरों में कूलर व पानी की टंकियों को सप्ताह में एक बार जरूर साफ करना चाहिए। घरों के आसपास जलभराव से एकत्र पानी में मिट्टी के तेल का छिड़काव करना चाहिए। सतेंद्र ने बताया कि मच्छरों से बचने के लिए रात को मच्छरदानी का इस्तेमाल करना चाहिए। निरीक्षक राजबीर ने बताया कि पेयजल में क्लोरीन की मात्रा का संतुलित रूप में होना अति जरूरी है। इसके बिना पानी शरीर को नुकसान पहुंचता है।
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चरखी दादरी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पिछले शुक्रवार को सांवड़ व हिंडोल के जलघर के सैंपल लिए थे। इनमें से हिंडोल जलघर के पानी में कोई खामी स्वास्थ्य विभाग की टीम को नहीं मिली जबकि सांवड़ जलघर से सप्लाई होने वाले पानी में क्लोरीन नहीं पाया गया। सैंपल लेने के बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीणों को डेंगू व चिकनगुनिया जैसी बीमारियों बारे जागरूक किया और अपने आसपास साफ-सफाई रखने के लिए प्रेरित किया।
शहर में जलघरों के सैंपल लेने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने गांवों में बने जलघरों के भी सैंपल लिए। स्वास्थ्य निरीक्षक राजबीर सिंह, सतेंद्र, रामबीर, जगबीर व संजीत ने गांव सांवड़ व हिंडोल में जलघरों में क्लोरीन की जांच की। राजबीर ने कहा कि घरों में कूलर व पानी की टंकियों को सप्ताह में एक बार जरूर साफ करना चाहिए। घरों के आसपास जलभराव से एकत्र पानी में मिट्टी के तेल का छिड़काव करना चाहिए। सतेंद्र ने बताया कि मच्छरों से बचने के लिए रात को मच्छरदानी का इस्तेमाल करना चाहिए। निरीक्षक राजबीर ने बताया कि पेयजल में क्लोरीन की मात्रा का संतुलित रूप में होना अति जरूरी है। इसके बिना पानी शरीर को नुकसान पहुंचता है।
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