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पहाड़ों पर बारिश से बढ़ा यमुना का जलस्तर
Updated Tue, 27 Jun 2017 12:32 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। मानसून ने भले ही प्रदेश में दस्तक नहीं दी है, लेकिन यमुना नदी में पानी की मात्रा बढ़ने लगी है। सोमवार को यमुना नदी में इस सीजन का सर्वाधिक पानी आया। पहाड़ों पर यमुना नदी के कैचमेंट एरिया में बरसात होने से यमुना का जलस्तर 17353 क्यूसिक तक पहुंच गया। इसके चलते हरियाणा की पश्चिमी यमुना नहर और उत्तर प्रदेश की पूर्वी यमुना नहर की पानी की मांग भी पूरी हो गई।
सिंचाई विभाग के मुताबिक सोमवार को सुबह पहाड़ों पर यमुना नदी के कैचमेंट एरिया में बारिश हुई। इसके चलते यमुना का जलस्तर बढ़ने लगा। हथनी कुंड बैराज में सुबह 10 बजे जलस्तर करीब 11 हजार क्यूसिक हो गया। इसके बाद घंटा-दर-घंटा जलस्तर बढ़ता रहा। दोपहर दो बजे से लेकर तीन बजे तक नदी में 17353 क्यूसिक पानी रहा। हालांकि चार बजे से पानी की मात्रा 14741 क्यूसिक पर पहुंच गई। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से बैराज से कई घंटों तक पश्चिमी व पूर्वी यमुना नहर को मांग के अनुसार पानी मिलता रहा। दोनों नहरों की मांग पूरी होने के बाद शेष पानी यमुना नदी से होकर गुजरा। सोमवार को सुबह पश्चिमी यमुना नहर का इंडेंट (पानी की मांग) 9500 क्यूसिक था। नदी में पानी होने से कई घंटों तक पश्चिमी यमुना नहर में 9500 क्यूसिक पानी की आपूर्ति हुई। उधर, पूर्वी यमुना नहर को भी मांग के अनुरूप तीन हजार क्यूसिक पानी मिलता रहा। दोपहर बाद पश्चिमी यमुना नहर का इंडेंट 14 हजार क्यूसिक पहुंच गया। हालांकि नदी में जलस्तर बाढ़ के स्तर से काफी नीचे है, लेकिन यमुना नदी का पानी बढ़ने से जिला प्रशासन भी अलर्ट हो गया। अधिकारी नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं।
दो महीने से थे यमुना में सूखे के हालात
पिछले करीब दो महीने से यमुना नदी में सूखे की स्थिति बनी हुई है। यमुना नदी में पानी न होने से पश्चिमी व पूर्वी यमुना नहर को पानी नहीं मिल पा रहा था। बीते महीने कई दिनों तक यमुना नदी में काफी कम पानी रहा। इस कारण पूर्वी यमुना नहर को बिल्कुल भी पानी नहीं मिल पाया, जबकि पश्चिमी यमुना नहर को भी मांग से आधे से कम पानी मिला। गौरतलब है कि पश्चिमी यमुना नहर का पानी दक्षिण हरियाणा के कई जिलों की प्यास बुझाता है। नहर के पानी को सिंचाई के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। नदी में पानी न होने से पश्चिमी यमुना नहर मेें भी लगभग सूखे की स्थिति रही। इसके चलते हरियाणा के कई जिलों में पेयजल संकट गहराया।
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पहाड़ों पर बारिश से बढ़ा यमुना का जलस्तर
-यमुना नदी में आया सीजन का सर्वाधिक पानी
-पूरी हुई पश्चिमी व पूर्वी यमुना नहर की पानी की मांग
फोटो-18,19
यमुनानगर। मानसून ने भले ही प्रदेश में दस्तक नहीं दी है, लेकिन यमुना नदी में पानी की मात्रा बढ़ने लगी है। सोमवार को यमुना नदी में इस सीजन का सर्वाधिक पानी आया। पहाड़ों पर यमुना नदी के कैचमेंट एरिया में बरसात होने से यमुना का जलस्तर 17353 क्यूसिक तक पहुंच गया। इसके चलते हरियाणा की पश्चिमी यमुना नहर और उत्तर प्रदेश की पूर्वी यमुना नहर की पानी की मांग भी पूरी हो गई।
सिंचाई विभाग के मुताबिक सोमवार को सुबह पहाड़ों पर यमुना नदी के कैचमेंट एरिया में बारिश हुई। इसके चलते यमुना का जलस्तर बढ़ने लगा। हथनी कुंड बैराज में सुबह 10 बजे जलस्तर करीब 11 हजार क्यूसिक हो गया। इसके बाद घंटा-दर-घंटा जलस्तर बढ़ता रहा। दोपहर दो बजे से लेकर तीन बजे तक नदी में 17353 क्यूसिक पानी रहा। हालांकि चार बजे से पानी की मात्रा 14741 क्यूसिक पर पहुंच गई। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से बैराज से कई घंटों तक पश्चिमी व पूर्वी यमुना नहर को मांग के अनुसार पानी मिलता रहा। दोनों नहरों की मांग पूरी होने के बाद शेष पानी यमुना नदी से होकर गुजरा। सोमवार को सुबह पश्चिमी यमुना नहर का इंडेंट (पानी की मांग) 9500 क्यूसिक था। नदी में पानी होने से कई घंटों तक पश्चिमी यमुना नहर में 9500 क्यूसिक पानी की आपूर्ति हुई। उधर, पूर्वी यमुना नहर को भी मांग के अनुरूप तीन हजार क्यूसिक पानी मिलता रहा। दोपहर बाद पश्चिमी यमुना नहर का इंडेंट 14 हजार क्यूसिक पहुंच गया। हालांकि नदी में जलस्तर बाढ़ के स्तर से काफी नीचे है, लेकिन यमुना नदी का पानी बढ़ने से जिला प्रशासन भी अलर्ट हो गया। अधिकारी नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं।
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दो महीने से थे यमुना में सूखे के हालात
पिछले करीब दो महीने से यमुना नदी में सूखे की स्थिति बनी हुई है। यमुना नदी में पानी न होने से पश्चिमी व पूर्वी यमुना नहर को पानी नहीं मिल पा रहा था। बीते महीने कई दिनों तक यमुना नदी में काफी कम पानी रहा। इस कारण पूर्वी यमुना नहर को बिल्कुल भी पानी नहीं मिल पाया, जबकि पश्चिमी यमुना नहर को भी मांग से आधे से कम पानी मिला। गौरतलब है कि पश्चिमी यमुना नहर का पानी दक्षिण हरियाणा के कई जिलों की प्यास बुझाता है। नहर के पानी को सिंचाई के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। नदी में पानी न होने से पश्चिमी यमुना नहर मेें भी लगभग सूखे की स्थिति रही। इसके चलते हरियाणा के कई जिलों में पेयजल संकट गहराया।
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पहाड़ों पर बारिश से बढ़ा यमुना का जलस्तर
-यमुना नदी में आया सीजन का सर्वाधिक पानी
-पूरी हुई पश्चिमी व पूर्वी यमुना नहर की पानी की मांग
फोटो-18,19