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शहर में बंदरों का आतंक.....

Thu, 28 Mar 2019 02:14 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 28 Mar 2019 02:14 AM IST
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शहर में बंदरों का आतंक.....
अमर उजाला ब्यूरो
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रोहतक। भले ही नगर निगम 2018-19 में 41.65 लाख रुपये खर्च कर 3400 बंदरों को पकड़कर कलेश्वर के जंगल में छोड़ने का दावा कर रहा है, मगर हकीकत इससे अलग है। दिन पर दिन शहर में बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। न सिर्फ शहर के बीचोंबीच बल्कि सेक्टर और कॉलोनियों के लोग इससे परेशान हैं। लोग आए दिन नगर निगम में बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की गुहार लगा रहे हैं, मगर कोई सार्थक कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। बुधवार को होईकोर्ट ने बंदरों के आतंक के खिलाफ डाली गई एक जनहित याचिका पर सुनवाई की। इस पर कोर्ट ने हरियाणा सरकार से उठाए गए कदमों की रिपोर्ट मांगी। इसको लेकर अमर उजाला रिपोर्टर ने शहर में भी पड़ताल की।
जवाहर नगर, गांधी कैंप, ओल्ड पावर हाउस, चिन्योट कॉलोनी, प्रेम चौक, झंग कॉलोनी, मानसरोवर पार्क, मॉडल टाउन, पीजीआई आदि स्थानों में बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। स्थिति यह हो गई है कि लोगों ने खुले में कपड़ा सुखाना तो दूर खुले में सामान रखना भी बंद कर दिया है। इसकी वजह बंदरों द्वारा सामान को क्षतिग्रस्त करना अथवा कपड़ों को फाड़ देना है। यही नहीं, बंदर हमलावर होते जा रहे हैं, जिसकी वजह से लोगों का खाने-पीने का सामान घर तक सुरक्षित पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। बंदर झपट्टा मारकर हाथों से खाने-पीने के सामान की थैली को फाड़कर नुकसान पहुंचा रहे हैं। कमोबेश यही हालात सेक्टरों और कॉलोनियों में देखे जा रहे हैं।
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वहीं, नगर निगम का दावा है कि गत एक साल में निगम ने 4000 बंदरों को पकड़कर कलेश्वर के जंगल में छोड़ने का ठेका उठाया था। इसके लिए निगम ने छोटे व बड़े एक बंदर को पकड़ने पर ठेकेदार को 1225 रुपये देने की सहमति दी थी। निगम अधिकारियों का दावा है कि ठेकेदार ने 3400 बंदरों को पकड़ा और उसे 41.35 लाख रुपये का भुगतान दिया गया। दावा है कि पकड़े गए बंदरों को कलेश्वर के जंगल में छोड़ा गया। निगम का यह दावा गले नहीं उतर रहा, क्योंकि बंदरों को पकड़कर जंगल में छोड़ने के बावजूद शहर में बंदरों का लगातार आतंक बढ़ता जा रहा है। लोगों की लगातार नगर निगम में शिकायतें आ रही हैं। निगम अधिकारी बताते हैं कि नौ फरवरी से अब तक 76 बंदर पकड़े गए हैं। पहली बार में 20 और दूसरी बार में 56 बंदरों को पकड़ा गया है। ठेकेदार कृष्ण का कहना है कि नौ फरवरी से अब तक करीब 70 बंदर पकड़े गए हैं। जल्द ही वह फिर से बंदरों को पकड़ना शुरू करेंगे।
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नगर निगम कमिश्नर आरके वर्मा का कहना है कि बंदरों को पकड़ने के लिए ठेका दिया जा चुका है। अधीनस्थों को इसके लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं।
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