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ओटीए कर रहे आराम, कच्चे बीयरर संभाल रहे काम

Mon, 04 Dec 2017 02:58 AM IST
Updated Mon, 04 Dec 2017 02:58 AM IST
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ओटीए कर रहे आराम, कच्चे बीयरर संभाल रहे काम
ओटीए कर रहे आराम, कच्चे बीयरर संभाल रहे काम
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-पीजीआईएमएस के ऑपरेशन थियेटर में अव्यवस्थाओं की भरमार
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के ऑपरेशन थियेटर में अव्यवस्थाओं का आलम है। यहां अधिकारियों से सांठ-गांठ कर ओटीए अपनी ड्यूटी मनचाही जगह लगवा कर आराम फरमा रहे हैं। जबकि इनकी जगह काम कच्चे बीयरर को करना पड़ रहा है। इसका परिणाम यह हो रहा है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों को अधिक अलर्ट रहना पड़ता है।
संस्थान में लगभग 100 ओटीए तैनात है, इनकी ड्यूटी ऑपरेशन थियेटर में डॉक्टरों की मदद करना है। इसके लिए यह स्टाफ एक्सपर्ट होता है, इससे ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर की कार्य करने की क्षमता बढ़ जाती है। इनके अनुभव के आधार पर इनका वेतन लगभग 30 हजार रुपये प्रतिमाह होता है। लेकिन ये कर्मचारी संस्थान में अपनी ड्यूटी पर काम करने की जगह अपनी ड्यूटी अन्य स्थानों पर लगवा लेते हैं। इससे ऑपरेशन थियेटर में डॉक्टर के काम करने की क्षमता में फर्क पड़ता है। इनके स्थान पर प्रशासन ने ठेके पर लगे कच्चे बीयरर लगा रखे हैं।
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सूत्रों की मानें तो एमएस कार्यालय में ही 22 से 23, एक्स-रे विभाग में तकरीबन दस, कुछ ओपीडी और कुछ ओटीए कॉलेज में अपनी ड्यूटी लगवा चुके हैं। अब स्थिति यह है कि 30 हजार रुपये प्रति माह लेने वाले एक्सपर्ट की जगह दस हजार रुपये महीना लेने वाले बीयरर को यह कार्य करना पड़ रहा है।
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छुट्टी का लालच और काम से बचना है मुख्य कारण
सूत्रों की मानें तो ओटीए अपनी ड्यूटी ऑपरेशन थियेटर से हटवा कर आराम फरमाते हैं। क्योंकि ऑपरेशन थियेटर में ड्यूटी लंबी होती है और शनिवार को कोई अवकाश नहीं होता। जबकि कार्यालय में ड्यूटी लगवाने पर उनकी ड्यूटी कार्यालय अवधि तक ही होती है और शनिवार तथा रविवार अवकाश मिल जाता है।


बोले अधिकारी
इस मामले को प्रशासन के समक्ष रखा जाएगा। यदि किसी को कोई समस्या है तो वह अथॉरिटी से मिलकर अपनी बात रख सकता है। यह बातचीत और जांच के बाद ही पता चल सकता है कि ओटीए को कहीं और क्यों लगाया गया है।
- डॉ. प्रशांत, प्रोफेसर इंचार्ज, पीआर विभाग, पीजीआईएमएस
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