{"_id":"5a2322674f1c1b4e718b6ebe","slug":"11512252007-rohtak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीजीपी ने पहली बार माना, प्रद्युम्न मामले में पुलिस से हुई गलती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीजीपी ने पहली बार माना, प्रद्युम्न मामले में पुलिस से हुई गलती
Updated Sun, 03 Dec 2017 03:30 AM IST
विज्ञापन
डीजीपी ने पहली बार माना, प्रद्युम्न मामले में पुलिस से हुई गलती
- कहा - सीबीआई की रिपोर्ट मिलने के बाद होगी कार्रवाई
मयंक तिवारी
रोहतक।
गुरुग्राम के रायन इंटरनेशनल स्कूल में हुई प्रद्युम्न की हत्या के मामले में डीजीपी ने पहली बार माना कि जांच में गलती हुई है। इस मामले में कंडक्टर की गिरफ्तारी और सीबीआई की जांच के बाद हुए खुलासे के बाद पुलिस की ओर से लापरवाही हुई है। सीबीआई मामले की जांच कर रही है। सीबीआई की ओर से आने वाली रिपोर्ट के बाद दोषी पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
8 सितंबर को गुरुग्राम के रायन इंटरनेशनल स्कूल में 7 वर्षीय प्रद्युम्न की चाकू से गला रेतकर हत्या हुई थी। पुलिस ने आनन-फानन में स्कूल बस कंडक्टर अशोक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। 22 सितंबर को सीबीआई ने मामले में एफआईआर दर्ज की और 7 नवंबर को 11वीं में पढ़ने वाले छात्र को गिरफ्तार जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया। जिसके बाद अशोक को जमानत मिल गई।
इस मामले में गुरुग्राम पुलिस में तैनात रहे कुछ अधिकारियों को दोषी पाया गया है। डीजीपी ने अमर उजाला से बातचीत में स्वीकार किया कि मामले की जांच में पुलिस से कहीं चूक हुई है। उन्हें सीबीआई की ओर से आने वाली रिपोर्ट का इंतजार है। जिसमें लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों के बारे में बताया जाएगा। विभागीय जांच के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
- कहा - सीबीआई की रिपोर्ट मिलने के बाद होगी कार्रवाई
मयंक तिवारी
रोहतक।
गुरुग्राम के रायन इंटरनेशनल स्कूल में हुई प्रद्युम्न की हत्या के मामले में डीजीपी ने पहली बार माना कि जांच में गलती हुई है। इस मामले में कंडक्टर की गिरफ्तारी और सीबीआई की जांच के बाद हुए खुलासे के बाद पुलिस की ओर से लापरवाही हुई है। सीबीआई मामले की जांच कर रही है। सीबीआई की ओर से आने वाली रिपोर्ट के बाद दोषी पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
8 सितंबर को गुरुग्राम के रायन इंटरनेशनल स्कूल में 7 वर्षीय प्रद्युम्न की चाकू से गला रेतकर हत्या हुई थी। पुलिस ने आनन-फानन में स्कूल बस कंडक्टर अशोक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। 22 सितंबर को सीबीआई ने मामले में एफआईआर दर्ज की और 7 नवंबर को 11वीं में पढ़ने वाले छात्र को गिरफ्तार जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया। जिसके बाद अशोक को जमानत मिल गई।
विज्ञापन
इस मामले में गुरुग्राम पुलिस में तैनात रहे कुछ अधिकारियों को दोषी पाया गया है। डीजीपी ने अमर उजाला से बातचीत में स्वीकार किया कि मामले की जांच में पुलिस से कहीं चूक हुई है। उन्हें सीबीआई की ओर से आने वाली रिपोर्ट का इंतजार है। जिसमें लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों के बारे में बताया जाएगा। विभागीय जांच के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन