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हह
Updated Sun, 30 Jul 2017 11:31 PM IST
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गांधी 15 दिन और जीते तो बढ़ जाती नेहरू की मुश्किल : यादव
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
हरियाणा किसान आयोग के चेयरमैन रमेश यादव ने रविवार को एक विवादित बयान दिया है। रेवाड़ी में आयोजित किसान दरबार के समापन पर पत्रकारों से बातचीत में रमेश यादव ने कहा कि अगर महात्मा गांधी 15 दिन और जीवित रहते तो तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के लिए बड़ी मुसीबत हो जाती। उन्होंने कहा कि आजादी के समय किसान सबसे अधिक उपेक्षित था। महात्मा गांधी का मानना था कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को गोवंश संभालने के लिए कानून बनाने की बात कही। इसके बाद वह सत्याग्रह करने वाले थे। बदकिस्मती से 15 दिन पहले ही वह नहीं रहे। अगर वह 15 दिन और जीवित रहते तो जवाहरलाल नेहरू के लिए मुसीबत खड़ी हो जाती। वह इसके बाद सत्याग्रह शुरू करने वाले थे।
हर खेत तक पहुंचेगा पानी
यादव ने कहा कि सरकार की योजना अगले दो साल में हर खेत तक पानी पहुंचाने की है। सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। अब किसान के खेत तक बाजार आएंगे। जब पत्रकारों ने चेयरमैन से पूछा कि पूर्ववर्ती सरकारें किसानों को विदेशों में होने वाली खेती की जानकारी देेन के लिए दल बनाकर वहां भेजती थी। जबकि अब तो केवल कृषि मंत्री ही खेती देखने जाते हैं। इस पर चेयरमैन ने कहा कि देखने के लिए हमारे राज्य में ही बहुत कुछ है। हमारा प्रयास किसानों को अपनी खेती से भलीभांति परिचित कराना है। इस्रराइल जैसे देश भी भारत की कृषि का लोहा मानते हैं। ऐसे में किसानों को विदेशों में ले जाने का क्या लाभ।
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
हरियाणा किसान आयोग के चेयरमैन रमेश यादव ने रविवार को एक विवादित बयान दिया है। रेवाड़ी में आयोजित किसान दरबार के समापन पर पत्रकारों से बातचीत में रमेश यादव ने कहा कि अगर महात्मा गांधी 15 दिन और जीवित रहते तो तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के लिए बड़ी मुसीबत हो जाती। उन्होंने कहा कि आजादी के समय किसान सबसे अधिक उपेक्षित था। महात्मा गांधी का मानना था कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को गोवंश संभालने के लिए कानून बनाने की बात कही। इसके बाद वह सत्याग्रह करने वाले थे। बदकिस्मती से 15 दिन पहले ही वह नहीं रहे। अगर वह 15 दिन और जीवित रहते तो जवाहरलाल नेहरू के लिए मुसीबत खड़ी हो जाती। वह इसके बाद सत्याग्रह शुरू करने वाले थे।
हर खेत तक पहुंचेगा पानी
यादव ने कहा कि सरकार की योजना अगले दो साल में हर खेत तक पानी पहुंचाने की है। सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। अब किसान के खेत तक बाजार आएंगे। जब पत्रकारों ने चेयरमैन से पूछा कि पूर्ववर्ती सरकारें किसानों को विदेशों में होने वाली खेती की जानकारी देेन के लिए दल बनाकर वहां भेजती थी। जबकि अब तो केवल कृषि मंत्री ही खेती देखने जाते हैं। इस पर चेयरमैन ने कहा कि देखने के लिए हमारे राज्य में ही बहुत कुछ है। हमारा प्रयास किसानों को अपनी खेती से भलीभांति परिचित कराना है। इस्रराइल जैसे देश भी भारत की कृषि का लोहा मानते हैं। ऐसे में किसानों को विदेशों में ले जाने का क्या लाभ।
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