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विजिलेंस टीम ने पकड़े 38 बिजली चोर
Updated Thu, 20 Jul 2017 12:20 AM IST
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विजिलेंस टीम ने पकड़े 38 बिजली चोर
चरखी दादरी। रेवाड़ी विजिलेंस ने बुधवार को शहर में बिजली चोरी रोकने के लिए छापामारी की। इस दौरान विजिलेंस टीम के साथ निगम की सात टीमें भी साथ रही। इन टीमों ने अलग-अलग हिस्सों में छापामारी कर 38 उपभोक्ताओं को बिजली चोरी करते पकड़ा। मीटर उखाड़ने के बाद ये उपभोक्ता सीधा कुंडी मारकर बिजली चोरी कर रहे थे। इसके अलावा निगम की टीमों ने एक दर्जन से अधिक बिजली मीटरों को भी गड़बड़ी की आशंका के चलते जब्त किया है। निगम अधिकारियों ने बिजली चोरी करते पकड़े गए उपभोक्ताओं पर करीब 24 लाख रुपये जुर्माना ठोंका है। दो दिन के अंदर जुर्माना राशि की अदायगी न करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ निगम अधिकारी आगामी कार्यवाही अमल में लाएंगें।
शहर का लाइन लोस इस समय 30 प्रतिशत से ऊपर है। निगम को इस साल के अंत तक घटाकर इसे 22 प्रतिशत लाना है। ऐसे में अब निगम अधिकारी डिफाल्टर उपभोक्ताओं व कुंडीमार उपभोक्ताओं पर नजर रखे हुए हैं। बुधवार सुबह करीब दस बजे जेई संदीप नेहरा की अगुवाई में रेवाड़ी विजिलेंस की टीम दादरी पहुंची। इसके तुरंत बाद एक्सईएन भागीरथ ने सात स्थानीय टीमें भी तुरंत गठित कर दी। इन टीमों ने सुबह करीब 11 बजे घिकाड़ा रोड, प्रेम नगर, पुराना शहर, हीरा चौक क्षेत्र, कबीर बस्ती, रावलधी-दिल्ली बाईपास, बस स्टैंड रोड, महेंद्रगढ़ चुंगी, एमसी कॉलोनी, हरी नगर व गांधी नगर क्षेत्रों में छापामारी की। टीमों की छापामारी कार्रवाई शाम पांच बजे तक चली। करीब नौ घंटे तक चले इस अभियान 38 लोगों को सीधा कुंडी मारकर बिजली चोरी करते पकड़ा गया। वहीं, छेड़छाड़ की आशंका पर विजिलैंस टीम ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से 13 मीटरों को सील भी किया है। इनकी लैब में जांच करवाई जाएगी और अगर इनमें गड़बड़ी की बात सामने आई तो फिर घर के लोड का आंकलन कर निगम अधिकारी जुर्माना राशि तय करेंगे।
निगम की सात टीमों में एसडीओ विक्रम परमार, एसडीओ जयप्रकाश घणघस, एसडीओ बिजेंद्र, जेई महेंद्र, जेई जतिन, राम अवतार जेई, संजीव विज जेई व सुशील जेई शामिल थे।
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48 घंटे बाद दर्ज होगी एफआईआर
बिजली निगम की टीमों ने बिजली चोरी करते मिले 38 उपभोक्ताओं पर करीब 24 लाख रुपये जुर्माना लगाया है। इन उपभोक्ताओं को जुर्माना राशि की अदायगी के लिए 48 घंटे का समय दिया गया है। इस समयावधि में अगर ये उपभोक्ता जुर्माना राशि जमा नहीं करवाते हैं तो फिर इनके खिलाफ निगम अधिकारी एफआईआर दर्ज करवाएंगें।
एमआईएस एप की ले रहे मदद
बिजली चोरी रोकने के लिए निगम अधिकारी एमआईएस (मैनजमेंट इंफोरमेशन सिस्टम) एप्लीकेशन की भी मदद ले रहे हैं। यह एप्लीकेशन मीटरों में छेड़छाड़, औसतन मासिक बिल या बंद पड़े मीटरों के बारे में अधिकारियों को अहम जानकारी दे रही है।
6633 उपभोक्ताओं पर निगम की पैनी नजर
जिलेभर के 6633 बिजली उपभोक्ता इस समय शक के दायरे में हैं। इनमें ग्रामीण व शहरी दोनों उपभोक्ता शामिल हैं। निगम अधिकारियों ने एप्लीकेशन के मदद से गड़बड़ी आशंकित इन उपभोक्ताओं की सूची तैयार की हैं। इसमें 1907 ग्रामीण उपभोक्ताओं के नाम हैं तो वहीं इस दायरे में 4786 शहरी उपभोक्ता भी शामिल हैं। निगम की सात टीमें इन उपभोक्ताओं के घर जाकर बिजली मीटर या अन्य संभावित गड़बड़ी की जांच कर रही हैं।
पांच माह में दस प्रतिशत घटाना होगा लाइन लोस
डीएसबीवीएन को 2019 तक प्रदेश का लाइन लोस घटाकर 15 प्रतिशत लाना होगा। यह लक्ष्य निगम को उदय योजना के तहत मिला है। इसके बाद केंद्र व राज्य मिलकर निगम के घाटे को पूरा करेगी। वर्ष 2018 तक निगम अधिकारियों को लाइन लोस घटाकर 18.76 प्रतिशत करना होगा। एमआईएस की मदद से जिले के संदिग्ध उपभोक्ताओं की पहली सूची निगम अधिकारियों ने तैयार कर ली है। इस साल के अंत तक निगम को 30 प्रतिशत से ऊपर चल रहे लाइन लोस को घटाकर 22 प्रतिशत लाना है।
किस माह कितनी पकड़ी बिजली चोरियां
माह चोरी जुर्माना अदायगी
जनवरी 50 15.06 12.50
फरवरी 94 13.09 सात लाख
मार्च 139 15.22 9.50
अप्रैल 40 8.67 आठ लाख
मई 31 23.78 4.36
जून 48 19 12.29
जुलाई 120 60.25 10.25
(नोट:- जुर्माना राशि व अदा की गई राशि लाखों में है।)
विजिलेंस टीम सहित स्थानीय सात टीमों ने बुधवार को छापामारी अभियान चलाया। इस दौरान 38 उपभोक्ताओं को कुंडी लगाकर बिजली चोरी करते पकड़ा गया है जबकि 13 बिजली मीटरों को भी सील किया है। इनकी लैब में जांच करवाई जाएगी और इसके बाद ही आगामी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। चोरी करते पकड़े गए उपभोक्ताओं पर करीब 24 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। 48 घंटे के अंदर अदायगी नहीं करने पर रेवाड़ी में एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
विक्रम परमार, एसडीओ बिजली निगम
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चरखी दादरी। रेवाड़ी विजिलेंस ने बुधवार को शहर में बिजली चोरी रोकने के लिए छापामारी की। इस दौरान विजिलेंस टीम के साथ निगम की सात टीमें भी साथ रही। इन टीमों ने अलग-अलग हिस्सों में छापामारी कर 38 उपभोक्ताओं को बिजली चोरी करते पकड़ा। मीटर उखाड़ने के बाद ये उपभोक्ता सीधा कुंडी मारकर बिजली चोरी कर रहे थे। इसके अलावा निगम की टीमों ने एक दर्जन से अधिक बिजली मीटरों को भी गड़बड़ी की आशंका के चलते जब्त किया है। निगम अधिकारियों ने बिजली चोरी करते पकड़े गए उपभोक्ताओं पर करीब 24 लाख रुपये जुर्माना ठोंका है। दो दिन के अंदर जुर्माना राशि की अदायगी न करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ निगम अधिकारी आगामी कार्यवाही अमल में लाएंगें।
शहर का लाइन लोस इस समय 30 प्रतिशत से ऊपर है। निगम को इस साल के अंत तक घटाकर इसे 22 प्रतिशत लाना है। ऐसे में अब निगम अधिकारी डिफाल्टर उपभोक्ताओं व कुंडीमार उपभोक्ताओं पर नजर रखे हुए हैं। बुधवार सुबह करीब दस बजे जेई संदीप नेहरा की अगुवाई में रेवाड़ी विजिलेंस की टीम दादरी पहुंची। इसके तुरंत बाद एक्सईएन भागीरथ ने सात स्थानीय टीमें भी तुरंत गठित कर दी। इन टीमों ने सुबह करीब 11 बजे घिकाड़ा रोड, प्रेम नगर, पुराना शहर, हीरा चौक क्षेत्र, कबीर बस्ती, रावलधी-दिल्ली बाईपास, बस स्टैंड रोड, महेंद्रगढ़ चुंगी, एमसी कॉलोनी, हरी नगर व गांधी नगर क्षेत्रों में छापामारी की। टीमों की छापामारी कार्रवाई शाम पांच बजे तक चली। करीब नौ घंटे तक चले इस अभियान 38 लोगों को सीधा कुंडी मारकर बिजली चोरी करते पकड़ा गया। वहीं, छेड़छाड़ की आशंका पर विजिलैंस टीम ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से 13 मीटरों को सील भी किया है। इनकी लैब में जांच करवाई जाएगी और अगर इनमें गड़बड़ी की बात सामने आई तो फिर घर के लोड का आंकलन कर निगम अधिकारी जुर्माना राशि तय करेंगे।
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निगम की सात टीमों में एसडीओ विक्रम परमार, एसडीओ जयप्रकाश घणघस, एसडीओ बिजेंद्र, जेई महेंद्र, जेई जतिन, राम अवतार जेई, संजीव विज जेई व सुशील जेई शामिल थे।
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48 घंटे बाद दर्ज होगी एफआईआर
बिजली निगम की टीमों ने बिजली चोरी करते मिले 38 उपभोक्ताओं पर करीब 24 लाख रुपये जुर्माना लगाया है। इन उपभोक्ताओं को जुर्माना राशि की अदायगी के लिए 48 घंटे का समय दिया गया है। इस समयावधि में अगर ये उपभोक्ता जुर्माना राशि जमा नहीं करवाते हैं तो फिर इनके खिलाफ निगम अधिकारी एफआईआर दर्ज करवाएंगें।
एमआईएस एप की ले रहे मदद
बिजली चोरी रोकने के लिए निगम अधिकारी एमआईएस (मैनजमेंट इंफोरमेशन सिस्टम) एप्लीकेशन की भी मदद ले रहे हैं। यह एप्लीकेशन मीटरों में छेड़छाड़, औसतन मासिक बिल या बंद पड़े मीटरों के बारे में अधिकारियों को अहम जानकारी दे रही है।
6633 उपभोक्ताओं पर निगम की पैनी नजर
जिलेभर के 6633 बिजली उपभोक्ता इस समय शक के दायरे में हैं। इनमें ग्रामीण व शहरी दोनों उपभोक्ता शामिल हैं। निगम अधिकारियों ने एप्लीकेशन के मदद से गड़बड़ी आशंकित इन उपभोक्ताओं की सूची तैयार की हैं। इसमें 1907 ग्रामीण उपभोक्ताओं के नाम हैं तो वहीं इस दायरे में 4786 शहरी उपभोक्ता भी शामिल हैं। निगम की सात टीमें इन उपभोक्ताओं के घर जाकर बिजली मीटर या अन्य संभावित गड़बड़ी की जांच कर रही हैं।
पांच माह में दस प्रतिशत घटाना होगा लाइन लोस
डीएसबीवीएन को 2019 तक प्रदेश का लाइन लोस घटाकर 15 प्रतिशत लाना होगा। यह लक्ष्य निगम को उदय योजना के तहत मिला है। इसके बाद केंद्र व राज्य मिलकर निगम के घाटे को पूरा करेगी। वर्ष 2018 तक निगम अधिकारियों को लाइन लोस घटाकर 18.76 प्रतिशत करना होगा। एमआईएस की मदद से जिले के संदिग्ध उपभोक्ताओं की पहली सूची निगम अधिकारियों ने तैयार कर ली है। इस साल के अंत तक निगम को 30 प्रतिशत से ऊपर चल रहे लाइन लोस को घटाकर 22 प्रतिशत लाना है।
किस माह कितनी पकड़ी बिजली चोरियां
माह चोरी जुर्माना अदायगी
जनवरी 50 15.06 12.50
फरवरी 94 13.09 सात लाख
मार्च 139 15.22 9.50
अप्रैल 40 8.67 आठ लाख
मई 31 23.78 4.36
जून 48 19 12.29
जुलाई 120 60.25 10.25
(नोट:- जुर्माना राशि व अदा की गई राशि लाखों में है।)
विजिलेंस टीम सहित स्थानीय सात टीमों ने बुधवार को छापामारी अभियान चलाया। इस दौरान 38 उपभोक्ताओं को कुंडी लगाकर बिजली चोरी करते पकड़ा गया है जबकि 13 बिजली मीटरों को भी सील किया है। इनकी लैब में जांच करवाई जाएगी और इसके बाद ही आगामी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। चोरी करते पकड़े गए उपभोक्ताओं पर करीब 24 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। 48 घंटे के अंदर अदायगी नहीं करने पर रेवाड़ी में एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
विक्रम परमार, एसडीओ बिजली निगम