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वकीलों के चैंबरों के काटे बिजली कनेक्शन
Updated Thu, 05 Jul 2018 02:40 AM IST
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दस अधिवक्ताओं के चैंबरों से काटा बिजली कनेक्शन, उखाड़े मीटर
-बिजली विभाग की कार्रवाई से कचहरी का माहौल हुआ गरम
-बार में बैठक के बाद अगली रणनीति बनाने का लिया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
बिजली बिल का भुगतान न होने पर बिजली विभाग ने बीते दिनों 10 अधिवक्ताओं के चैंबरों के बिजली कनेक्शन काट दिए। अधिवक्ताओं का आरोप है कि बिजली विभाग ने बिना कोई नोटिस दिए न सिर्फ कनेक्शन काटे बल्कि मीटर भी उखाड़कर ले गए।
अधिवक्ताओं ने कहा कि इस अवैधानिक तरीके का मुखर होकर विरोध किया जाएगा, जिसको लेकर बार की बैठक में रणनीति बनाई जाएगी। वहीं, बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कोई अवैधानिक कार्रवाई नहीं की गई है, जिनको डिफाल्टर घोषित किया गया है, उन्हीं के खिलाफ कार्रवाई हुई है।
बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नियम सभी के लिए समान है। किसी भी व्यक्ति को बिजली चोरी अथवा बिल भुगतान में समय सीमा से ज्यादा छूट नहीं दी जा सकती है। कचहरी परिसर में 10 डिफाल्टर वकीलों के चैंबरों के कनेक्शन काटे गए हैं, जो डिफाल्टर घोषित किए गए हैं। इससे पहले उन्हें नोटिस दिया गया था। नोटिस के बाद उन्होंने बिल का भुगतान नहीं किया तो कनेक्शन काट दिया।
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नहीं दिए गए कोई नोटिस : अधिवक्ता
दूसरी ओर जिन अधिवक्ताओं के चैंबरों के कनेक्शन काटे गए, उनका कहना है कि बिजली का कनेक्शन काटने से पहले विभाग को नोटिस देना चाहिए था, जो नहीं दिया गया। बिजली विभाग का यह कदम पूरी तरह से अवैधानिक है। यह मामला बार में जाएगा, जहां जल्द बैठक करके अगला कदम उठाने की रणनीति बनाई जाएगी। अधिवक्ता पुनीत पौनिया ने बताया कि पिछले दिनों छुट्टी होने की वजह से चैंबर नहीं खुले थे। तभी बिजली विभाग ने कार्रवाई करते हुए मीटर उखाड़ लिए।
और भी अधिवक्ता हैं डिफाल्टरों की सूची में
सूत्र बताते हैं कि बिजली विभाग ने कई और अधिवक्ताओं की सूची बनाई है, जिन्हें डिफाल्टर की श्रेणी में रखा गया है। इनको भी नोटिस दिए जा चुके हैं। यदि समय सीमा के अंदर बिल का भुगतान नहीं हुआ तो इनके भी कनेक्शन काट दिए जाएंगे। बिजली विभाग के अनुसार जिले के डिफाल्टरों पर विभाग का 160 करोड़ रुपये बकाया है।
वर्जन ::::
करीब 65 डिफाल्टर हैं जिनमें से अभी 10 अधिवक्ताओं के चैंबरों के कनेक्शन काटकर मीटर हटाए गए हैं। शेष डिफाल्टरों ने यदि समय सीमा में बिल का भुगतान नहीं किया तो उनके भी कनेक्शन काटे जाएंगे।
-जितेंद्र, एसडीओ, नंबर-दो
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-बिजली विभाग की कार्रवाई से कचहरी का माहौल हुआ गरम
-बार में बैठक के बाद अगली रणनीति बनाने का लिया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
बिजली बिल का भुगतान न होने पर बिजली विभाग ने बीते दिनों 10 अधिवक्ताओं के चैंबरों के बिजली कनेक्शन काट दिए। अधिवक्ताओं का आरोप है कि बिजली विभाग ने बिना कोई नोटिस दिए न सिर्फ कनेक्शन काटे बल्कि मीटर भी उखाड़कर ले गए।
अधिवक्ताओं ने कहा कि इस अवैधानिक तरीके का मुखर होकर विरोध किया जाएगा, जिसको लेकर बार की बैठक में रणनीति बनाई जाएगी। वहीं, बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कोई अवैधानिक कार्रवाई नहीं की गई है, जिनको डिफाल्टर घोषित किया गया है, उन्हीं के खिलाफ कार्रवाई हुई है।
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बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नियम सभी के लिए समान है। किसी भी व्यक्ति को बिजली चोरी अथवा बिल भुगतान में समय सीमा से ज्यादा छूट नहीं दी जा सकती है। कचहरी परिसर में 10 डिफाल्टर वकीलों के चैंबरों के कनेक्शन काटे गए हैं, जो डिफाल्टर घोषित किए गए हैं। इससे पहले उन्हें नोटिस दिया गया था। नोटिस के बाद उन्होंने बिल का भुगतान नहीं किया तो कनेक्शन काट दिया।
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नहीं दिए गए कोई नोटिस : अधिवक्ता
दूसरी ओर जिन अधिवक्ताओं के चैंबरों के कनेक्शन काटे गए, उनका कहना है कि बिजली का कनेक्शन काटने से पहले विभाग को नोटिस देना चाहिए था, जो नहीं दिया गया। बिजली विभाग का यह कदम पूरी तरह से अवैधानिक है। यह मामला बार में जाएगा, जहां जल्द बैठक करके अगला कदम उठाने की रणनीति बनाई जाएगी। अधिवक्ता पुनीत पौनिया ने बताया कि पिछले दिनों छुट्टी होने की वजह से चैंबर नहीं खुले थे। तभी बिजली विभाग ने कार्रवाई करते हुए मीटर उखाड़ लिए।
और भी अधिवक्ता हैं डिफाल्टरों की सूची में
सूत्र बताते हैं कि बिजली विभाग ने कई और अधिवक्ताओं की सूची बनाई है, जिन्हें डिफाल्टर की श्रेणी में रखा गया है। इनको भी नोटिस दिए जा चुके हैं। यदि समय सीमा के अंदर बिल का भुगतान नहीं हुआ तो इनके भी कनेक्शन काट दिए जाएंगे। बिजली विभाग के अनुसार जिले के डिफाल्टरों पर विभाग का 160 करोड़ रुपये बकाया है।
वर्जन ::::
करीब 65 डिफाल्टर हैं जिनमें से अभी 10 अधिवक्ताओं के चैंबरों के कनेक्शन काटकर मीटर हटाए गए हैं। शेष डिफाल्टरों ने यदि समय सीमा में बिल का भुगतान नहीं किया तो उनके भी कनेक्शन काटे जाएंगे।
-जितेंद्र, एसडीओ, नंबर-दो