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नंबरदार
Updated Thu, 31 May 2018 02:48 AM IST
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नंबरदार केपद के लिए चाचा भतीजा में विवाद पर डीसी ने दी अगली तारीख
रोहतक। सुनारिया कलां के भुराण पाना का एक पक्ष बुधवार को नंबरदार के पद के लिए दावेदारी करता हुए लघु सचिवालय में डीसी कार्यालय पहुंचा। बीते तीन महीने से चाचा और भतीजा के बीच नंबरदार का पद पाने के लिए विवाद चल रहा है। डीसी कार्यालय में सिर्फ भतीजा पक्ष के ही आने पर डीसी ने सुनवाई की अगली तारीख दे दी है।
बुधवार को पाने के लोग भतीजे सुभाष केसाथ गवाही देने लघु सचिवालय पहुंचे थे। पाने वालों ने आरोप लगाया कि सुभाष के चाचा नंबरदार पद के सही दावेदार नहीं हैं। जिसके चलते वार्ड 22 में नंबरदार के पद को लेकर चाचा भतीजा के बीच विवाद बढ़ता ही जा रहा है। सुभाष ने बताया कि मामला पिछले तीन महीनों से डीसी की अदालत में चल रहा है, लेकिन अभी तक इसका कोई समाधान नहीं हो पाया है। बुधवार को दूसरा पक्ष नहीं आने पर छह जून की तारीख दे दी गई है। भुराण पाना के चंद्र ने बताया कि पहले तो सुभाष के दादा चंद्रभान नंबरदार थे, उसके पिता मुख्तियार नंबरदार बने, जिसके बाद सुभाष को नंबरदार बनना था, लेकिन चाचा नंबरदार बन गया। उन्होंने कहा कि सुभाष ही नंबरदारी के लिए उचित दावेदार है। इस मौके पर हरि सिंह, होशियार सिंह, धर्मे, ओमी, संतू, रोहताश, राजवीर, राजकुमार, लीलू, जगमंदर, अशोक, जगदीश, ओम, पवन, मनफुल, सुदेश, पप्पू आदि मौजूद रहे।
रोहतक। सुनारिया कलां के भुराण पाना का एक पक्ष बुधवार को नंबरदार के पद के लिए दावेदारी करता हुए लघु सचिवालय में डीसी कार्यालय पहुंचा। बीते तीन महीने से चाचा और भतीजा के बीच नंबरदार का पद पाने के लिए विवाद चल रहा है। डीसी कार्यालय में सिर्फ भतीजा पक्ष के ही आने पर डीसी ने सुनवाई की अगली तारीख दे दी है।
बुधवार को पाने के लोग भतीजे सुभाष केसाथ गवाही देने लघु सचिवालय पहुंचे थे। पाने वालों ने आरोप लगाया कि सुभाष के चाचा नंबरदार पद के सही दावेदार नहीं हैं। जिसके चलते वार्ड 22 में नंबरदार के पद को लेकर चाचा भतीजा के बीच विवाद बढ़ता ही जा रहा है। सुभाष ने बताया कि मामला पिछले तीन महीनों से डीसी की अदालत में चल रहा है, लेकिन अभी तक इसका कोई समाधान नहीं हो पाया है। बुधवार को दूसरा पक्ष नहीं आने पर छह जून की तारीख दे दी गई है। भुराण पाना के चंद्र ने बताया कि पहले तो सुभाष के दादा चंद्रभान नंबरदार थे, उसके पिता मुख्तियार नंबरदार बने, जिसके बाद सुभाष को नंबरदार बनना था, लेकिन चाचा नंबरदार बन गया। उन्होंने कहा कि सुभाष ही नंबरदारी के लिए उचित दावेदार है। इस मौके पर हरि सिंह, होशियार सिंह, धर्मे, ओमी, संतू, रोहताश, राजवीर, राजकुमार, लीलू, जगमंदर, अशोक, जगदीश, ओम, पवन, मनफुल, सुदेश, पप्पू आदि मौजूद रहे।
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