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अंधड़ से खेतों में बिछा ‘पीला सोना’

Sun, 08 Apr 2018 01:40 AM IST
Updated Sun, 08 Apr 2018 01:40 AM IST
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अंधड़ से खेतों में बिछा ‘पीला सोना’
अंधड़ से खेतों में बिछा ‘पीला सोना’
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चरखी दादरी।
शुक्रवार सांय को चरखी दादरी व आसपास के भागों में हुई बारिश से रबी की प्रमुख गेहूं की फसल में काफी नुकसान होने का आंकलन किया जा रहा है। कृषि वैज्ञानिक 15 से 20 प्रतिशत तो किसान नेता 40 तक नुकसान होने की बात कह रहे हैं। जिले के तराई एरिया में बिछी गेहूं की फसल से अब दाना पूरा बनने की किसानों की उम्मीद खत्म हो गई है। कृषि विभाग अधिकारियों का कहना है कि जिस किसान को नुकसान होने का अंदेशा है वह 48 घंटे के अंदर कृषि विभाग कार्यालय में शिकायत कर सकता है। शिकायत के आधार पर तत्काल फील्ड सर्वे करवाई जाएगी।
जिले में इस बार 57 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बिजाई हुई थी। फसल पकने के बाद जिले के ड्राई एरिया में तो गेहूं की कटाई का कार्य भी शुरू हो चुका है जबकि तराई एरिया में गेहूं की कटाई का कार्य 13 अप्रैल वैशाखी तक शुरू होने की उम्मीद है। गांव लोहरवाड़ा, समसपुर, झिंझर, अचीना, मोरवाला,, बिगो, इमलोटा, कन्हेटी, भागवी, सरूपगढ़, सातौर, चरखी, भैरवी, घिकाड़ा, साहुवास, फतेहगढ, मिसरी, जयश्री, रावलधी, घसोला, रामनगर आदि काफी गांव शामिल हैं। इन गांवों में गेहूं की कटाई का कार्य अक्सर देरी से शुरू होता है। इन भागों में कई जगह तो गेहूं की फसल में हरियाली बनी हुई हैं । इस फसल में दाने का अभी पकाव हो रहा था। अब बारिश से यह फसल खेतों में बिछ जाने पर दाना पूरा नहीं बन पाएगा या गेहूं का यह दाना सिकुड़कर उसी अवस्था में रहने की आशंका है। इससे जिस खेत में प्रति एकड़ 20 कुंतल पैदावार होनी चाहिए थी वहां अब बारिश के कारण नुकसान से प्रति एकड़ 17-18 कुंतल तक ही पैदावार मिलने की संभावना है।
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शहर के छह-सात किलोमीटर की परिधि में ज्यादा नुकसान
बारिश से शहर के छह -सात किलोमीटर की परिधि मेें फसलों में 30 प्रतिशत नुकसान आकलन जताया जा रहा है। इसके अलावा बाढड़ा के कई गांवों में भी गेहूं की फसल में खासा नुकसान होने की रिपोर्ट मिली है। गांव लाड, उण, रूदड़ौल, बडराई व आसपास के एरिया को कृषि विभाग अधिकारी ज्यादा प्रभावित मान रहे है। बाढड़ा एरिया को ड्राई माना जाता है। यह रेतीला एरिया है हालांकि यहां गेहूं की कटाई का कार्य दो-तीन अप्रैल से ही शुरू हो गया था।
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48 घंटे में है शिकायत दर्ज करवाने का प्रावधान
बारिश से जिन किसानों को नुकसान हुआ है उन्हें खुद कृषि कार्यालय जाकर अपनी नुकसान संबंधी शिकायत दर्ज करवानी होगी तब जाकर उनकी सुनवाई हो सकेगी। शिकायत मिलते ही कृषि विभाग अधिकारी संबंधित बीमा कंपनी को सूचित करेंगे।
:: बीमा कंपनी प्रतिनिधि व कृषि अधिकारी करेंगे सर्वे, दो किसानों ने की शिकायत
शिकायत दर्ज होने के बाद कृषि विभाग अधिकारी व बीमा कंपनी प्रतिनिधि मौके पर जाकर किसान की फसल का जायजा लेंगे तथा इसकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। नुकसान के आधार पर ही बीमा कंपनी बीमा लाभ प्रदान करेगी। अब तक बाढड़ा क्षेत्र से दो किसानों की शिकायत कृषि विभाग अधिकारियों के पास पहुंची है। 48 घंटे के दौरान जितनी शिकायतें मिलेंगी विभाग अधिकारी सर्वे करवाएंगे।
क्या कहते हैं किसान नेता
:: दादरी शहर के आसपास के गांवों में बारिश से ज्यादा नुकसान हुआ है। जिन किसानों को नुकसान हुआ है उनको बीमा लाभ मिलना चाहिए। सरकार ने पिछले सीजन में फसलों में नुकसान का बीमा लाभ भी आज तक नहीं दिया है।
सुनील कुमार, प्रदेश अध्यक्ष किसान जनहित समिति
:: बारिश से चरखी दादरी जिले में 30 से 40 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। बीमा कंपनी को किसानों को फसल नुकसान की भरपाई के लिए बीमा लाभ देना चाहिए। किसान पहले ही कर्जदार है।

सुनीता, जनहित किसान समिति महिला विंग प्रदेश अध्यक्ष
==तेज हवा के साथ हुई बारिश से कही 15 तो कही 25 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। बीमा कंपनी व कृषि विभाग को तुरंत गिरदावरी करवानी चाहिए ताकि किसानों को बीमा लाभ मिल सके।
किसान नेता शमशेर सिंह खातीवास
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