{"_id":"5a030a3b4f1c1bd7538bc0ed","slug":"111510148667-rohtak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नोट बंदी के खिलाफ एचपीसीसी ने मनाया काला दिवस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नोट बंदी के खिलाफ एचपीसीसी ने मनाया काला दिवस
Updated Wed, 08 Nov 2017 07:14 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एचपीसीसी ने मनाया काला दिवस, सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर बुधवार को नोट बंदी के विरोध में काला दिवस मनाया गया। इसके चलते कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने हाथों पर काली पट्टी बांध कर लघु सचिवालय में जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।
उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने आए पूर्व गृह मंत्री सुभाष बतरा और संजय परमार सैनी ने कहा कि आठ नवंबर को प्रधानमंत्री मोदी ने देश में 500 व एक हजार रुपये की करेंसी को चलन से बाहर करते हुए जनता से 50 दिन का समय मांगा था। मगर एक वर्ष पूरा होने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। नोट बंदी के बाद देश आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है। किसान, मजदूर, व्यापारी के लिये नोट बंदी किसी तुगलकी फरमान या किसी आपदा से कम नहीं है। अभी जनता नोट बंदी की मार से उभरी भी नहीं थी कि सरकार ने एक बार फिर बिना तैयारी बाजार पर जीएसटी थोप दिया। इस अवसर पर प्रदेश सचिव सुरेंद्र सिंधु, पंचायती राज विभाग के पूर्व चेयरमैन सुरेंद्र दलाल, नरेंद्र कौशिक, सुनील शर्मा, अमरजीत राठी, परमजीत, रमन चौधरी, अशोक धमीजा, राजू बब्बर, संदीप छाछिया, कपिल खन्ना, प्रहलाद सैनी, संदीप, महताब सिंह, अनिल कालिया, आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर बुधवार को नोट बंदी के विरोध में काला दिवस मनाया गया। इसके चलते कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने हाथों पर काली पट्टी बांध कर लघु सचिवालय में जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।
उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने आए पूर्व गृह मंत्री सुभाष बतरा और संजय परमार सैनी ने कहा कि आठ नवंबर को प्रधानमंत्री मोदी ने देश में 500 व एक हजार रुपये की करेंसी को चलन से बाहर करते हुए जनता से 50 दिन का समय मांगा था। मगर एक वर्ष पूरा होने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। नोट बंदी के बाद देश आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है। किसान, मजदूर, व्यापारी के लिये नोट बंदी किसी तुगलकी फरमान या किसी आपदा से कम नहीं है। अभी जनता नोट बंदी की मार से उभरी भी नहीं थी कि सरकार ने एक बार फिर बिना तैयारी बाजार पर जीएसटी थोप दिया। इस अवसर पर प्रदेश सचिव सुरेंद्र सिंधु, पंचायती राज विभाग के पूर्व चेयरमैन सुरेंद्र दलाल, नरेंद्र कौशिक, सुनील शर्मा, अमरजीत राठी, परमजीत, रमन चौधरी, अशोक धमीजा, राजू बब्बर, संदीप छाछिया, कपिल खन्ना, प्रहलाद सैनी, संदीप, महताब सिंह, अनिल कालिया, आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन