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पेयजल के लिए एक्सईएन कार्यालय पर दिया धरना

Fri, 21 Jul 2017 01:42 AM IST
Updated Fri, 21 Jul 2017 01:42 AM IST
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पेयजल के लिए एक्सईएन कार्यालय पर दिया धरना
पेयजल के लिए एक्सईएन कार्यालय पर दिया धरना
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चरखी दादरी।
पेयजल समस्याओं के समाधान के लिए गांधी नगर निवासियों ने वीरवार को एक्सईएन कार्यालय के सामने बैठकर धरना दिया। धरने की अगुवाई वार्ड नंबर दो के पार्षद महेश गुप्ता ने की। वे सुबह करीब दस बजे वार्ड के लोगों के साथ जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन कार्यालय पहुंच गए। एक्सईएन के न मिलने पर उन्होंने कार्यालय गेट के समीप ही धरना देना शुरू कर दिया। इस दौरान जन स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली से नाराज वार्डवासियों ने विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। इसके अलावा तीन दिन में समाधान न होने पर सोमवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल व धरना शुरू करने का ऐलान किया है। वहीं, विभागीय अधिकारियों ने लोगों को समस्या के जल्द समाधान का आश्वासन दिया है।
वार्ड नंबर दो गांधी नगर में पिछले करीब डेढ़ साल से पेयजल संकट गहराया हुआ है। इससे पहले करीब आठ माह पहले वार्डवासियों ने विरोध स्वरूप अधिकारियों को गुलाब सौंपकर व जिंदाबाद के नारे लगाकर अनूठे ढंग से प्रदर्शन किया था। इस दौरान जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने 15 दिन के अंदर समस्याओं के समाधान का आश्वासन इन्हें दिया था। अब वार्डवासियों का आरोप है कि आठ माह बाद भी उनकी समस्याएं जस की तस बनी है। वार्ड की कई गलियों में अब भी पेयजल सप्लाई नहीं पहुंच पा रही है। पार्षद महेश गुप्ता का कहना है कि वार्ड में कई जगह नई पेयजल लाइन डालने की दरकार है और विभागीय अधिकारी इस पर टाल-मटोल वाला रवैया अपनाए हुए हैं। उन्होंने बताया कि वार्डवासियों को पेयजल किल्लत पर पानी के टैंकर डलवाकर आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वार्ड की इस स्थिति से तमाम अधिकारियों को कई दफा अवगत कराया जा चुका है लेकिन हर बार आश्वासन देकर अधिकारी अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। अधिकारियों के इस रवैये से खफा वार्डवासियों ने वीरवार को गांधीगिरी दिखाते हुए एक दिन की भूख हड़ताल कर धरना दिया। इस दौरान पेयजल किल्लत से परेशान लोगों ने ज्ञापन सौंपकर समस्या के समाधान की गुहार लगाई। पार्षद महेश गुप्ता ने बताया उनके वार्ड में पेयजल सप्लाई नियमित नहीं होती। इसके अलावा पेयजल सप्लाई छोड़ने का कोई समय भी निश्चित नहीं है। वार्डवासियों को पानी के इंतजार में देर रात तक जागना पड़ता है। महेश गुपता ने बताया कि वार्ड की कई गलियां ऐसी हैं जिनमें पिछले दो माह से पेयजल सप्लाई में पानी की एक बूंद तक नहीं पहुंची है। यहां के बाशिंदों को अपने स्तर पर ही पेयजल व घरेलू प्रयोग में लाने वाले पानी का इंतजाम करना पड़ रहा है। महिलाओं ने विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर अपना रोष प्रकट किया।
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बाक्स: चीफ सेक्रेटरी व सीएम को भेजी लापरवाही की शिकायत
पार्षद महेश गुप्ता ने कहा कि विभागीय अधिकारियों की लापरवाही पर उन्होंने जन स्वास्थ्य विभग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी संजीव कौशल को भी मंगलवार को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने बताया कि एडिशनल चीफ सेक्रेटरी को वार्ड की पेयजल व सीवरेज संबंधित समस्याओं की जानकारी देकर समाधान की मांग की है। इसके अलावा बुधवार को उन्होंने सीएम विंडो की मार्फत मुख्यमंत्री को भी शिकायत भेजकर समस्या के समाधान की गुहार लगाई है।
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बाक्स: महिलाओं ने की बूस्टिंग स्टेशन के कर्मचारियों को बदलने की मांग
महिला रीना बंसल, राजबाला, रेखा, रोशनी आदि ने बताया कि वार्ड में पेयजल किल्लत गहराने का प्रमुख कारण बूस्टिंग स्टेशन पर तैनात कर्मचारी की लापरवाही है। महिलाओं का आरोप है कि यहां तैनात कर्मचारी कभी एक समय पर पेयजल सप्लाई नहीं छोड़ते। सप्लाई कभी सुबह पांच बजे आती है तो कभी देर रात 12 बजे। महिलाओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि जब बूस्टिंग स्टेशन पर तैनात कर्मचारी के पास फोन मिलाते है तो वह संतोषजनक जवाब देने की बजाय भला-बुरा कहने लग जाता है। महिलाओं ने संबंधित बूस्टिंग स्टेशन के कर्मचारियों को बदलने की मांग भी की है।
बाक्स: सिर पर मटके ढोकर व घर का बजट बिगाड़कर नसीब हो रहा पानी
-हमारी गली में पिछले करीब डेढ़ माह से पेयजल सप्लाई नहीं आई है। घरेलू कामकाज व पीने के पानी का प्रबंध अपने स्तर पर ही कर रहे हैं। मजबूरीवश सिर पर मटके ढोते हैं या फिर पानी का टैंकर घरों में डलवाना पड़ता है। पेयजल किल्लत से घरेलू बजट बिगड़ रहा है।
रेखा, गांधी नगर निवासी
--विभाग के अधिकारियों को आमजन की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। वार्ड में न तो नियमित पेयजल सप्लाई होती और न ही शेड्यूल अनुसार। कभी सुबह जल्दी उठकर पानी भरना पड़ता है तो कभी देर रात पानी के इंतजार में जगना पड़ता है। वार्डवासी पेयजल किल्लत से परेशान हैं।
रोशनी, गांधी नगर निवासी
--कभी दो दिन में तो कभी चार दिन में पेयजल सप्लाई छोड़ी जाती है। बूस्टिंग स्टेशन पर तैनात कर्मचारियों की लापरवाही हम पर भारी पड़ रही है। सप्लाई छोड़ने के लिए जब फोन करते हैं तो कर्मचारी सूचना देने की बजाय भला-बुरा कहने लगते हैं। बूस्टिंग स्टेशन कर्मचारियों को बदला जाना चाहिए।
रीना बंसल, गांधी नगर निवासी
--शहर के जलघरों के वाटर स्टोरेज टैंक पानी से लबालब है लेकिन इसके बाद भी विभाग एक दिन छोड़कर एक दिन पेयजल सप्लाई कर रहा है। हमारे वार्ड में पेयजल किल्लत मची हुई है लेकिन समाधान की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस बार समाधान न होने पर अनिश्चितकालीन धरना हम देंगे।

राजबाला, गांधी नगर निवासी

मैं कई दफा विभाग के अधिकारियों को समस्या से अवगत करा चुका हूं। इसके बावजूद इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। विभागीय अनदेखी के विरोध में हम भूख हड़ताल कर आज धरने पर बैठे हैं। तीन दिन के अंदर अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सोमवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल व धरना हम शुरू कर देंगे।
महेश गुप्ता, पार्षद वार्ड नंबर दो
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