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हहह
Updated Tue, 18 Jul 2017 11:39 PM IST
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विभागों में तालमेल की कमी से हर माह लग रहा साढ़े पांच लाख का फटका
प्रवीण शर्मा
रेवाड़ी। शहर के एकमात्र राव तुलाराम स्टेडियम के बाहर बनी दुकानों में विभागीय तालमेल की कमी से अवैध बस्ती बस गई है। खेल और पंचायत विभाग के बीच अटके मामले के चलते ये दुकानें अभी तक नहीं खुल सकी हैं। ऐसे में खेल विभाग को लाखों रुपये फटका लग रहा है। जानकारी मुताबिक स्टेडियम के बाहरी हिस्से में साल 2011 में 88 दुकानों का निर्माण शुरू कराया गया था। इसका उद्देश्य इन दुकानों से मिलने वाले किराए से स्टेडियम की स्थिति को सुधारना था। इसके लिए दो भागों में 44-44 दुकानें बनाई गई। दुकान बनाने से पूर्व इन्हें अलॉट भी किया गया, जिससे कुल तीन करोड़ आठ लाख रुपये मिले। इस रकम से पंचायती विभाग ने इन दुकानों का निर्माण किया था।
निरीक्षण में मिली थी खामियां
साल 2015 में सीटीएम के नेतृत्व में इन दुकानों का निरीक्षण किया जिसमें कुछ खामियां पाई। इसके बाद पार्किंग के लिए नगर परिषद को लिखा गया। बाद में ट्रांसफार्मर के लिए बिजली निगम को एस्टिमेट बनाकर भेजा। इसके अतिरिक्त टायलेट, बाथरूम, नंबरिंग, बिजली की फिटिंग सहित अन्य खामियां भी पाई गई थी। इन दुकानों को लेकर पिछले दिनों डीसी डॉ. यश गर्ग ने भी खेल अधिकारी और पंचायती विभाग को शीघ्र ही दुकानें शुरू करने के आदेश दिए थे। लेकिन अभी तक पंचायती विभाग की ओर से लिखित में हैंडओवर नहीं करने से यह दुकानें नहीं खुल पा रही हैं।
यह होना था लाभ
इन दुकानों के किराये से प्रतिमाह पांच लाख 70 हजार रुपये की आमदनी होनी थी। इससे स्टेडियम के रखरखाव, माली का वेतन सहित अन्य काम होने थे। लेकिन इतने वर्ष बीतने के बाद भी यह शुरू नहीं हो सकी। इससे करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।
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दिनभर लगा रहता है जमावड़ा
दुकानें नहीं खुलने से यहां बाहर से आए लोग बस गए हैं, जो इनका प्रयोग रहने के लिए कर रहे हैं। इससे एक और सुरक्षा को भी खतरा है। ये लोग परिवार सहित यहां डेरा जमाए बैठे हैं। वहीं दूसरी ओर दुकानें नहीं मिलने से दुकान मालिक खेल विभाग के अधिकारियों को फोन घनघनाते रहते हैं।
कई बार पंचायत विभाग को अवगत करा दिया है। लेकिन वह दुकानों को हैंडओवर ही नहीं कर रही हैं। दुकान मालिक हमारे पास फोन कर हमें परेशान करते हैं। -भारत ग्रोवर, खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी
हमारी तरफ से काम पूरा है। शीघ्र ही इसका पजेशन लेटर सौंप दिया जाएगा। जिससे आगे का काम किया जा सके। - विनय, जेई, पंचायती राज
मामला मेरे संज्ञान में है। शीघ्र ही मामले को दिखवाया इसका निपटारा किया जाएगा। -डॉ. यश गर्ग, डीसी, रेवाड़ी
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प्रवीण शर्मा
रेवाड़ी। शहर के एकमात्र राव तुलाराम स्टेडियम के बाहर बनी दुकानों में विभागीय तालमेल की कमी से अवैध बस्ती बस गई है। खेल और पंचायत विभाग के बीच अटके मामले के चलते ये दुकानें अभी तक नहीं खुल सकी हैं। ऐसे में खेल विभाग को लाखों रुपये फटका लग रहा है। जानकारी मुताबिक स्टेडियम के बाहरी हिस्से में साल 2011 में 88 दुकानों का निर्माण शुरू कराया गया था। इसका उद्देश्य इन दुकानों से मिलने वाले किराए से स्टेडियम की स्थिति को सुधारना था। इसके लिए दो भागों में 44-44 दुकानें बनाई गई। दुकान बनाने से पूर्व इन्हें अलॉट भी किया गया, जिससे कुल तीन करोड़ आठ लाख रुपये मिले। इस रकम से पंचायती विभाग ने इन दुकानों का निर्माण किया था।
निरीक्षण में मिली थी खामियां
साल 2015 में सीटीएम के नेतृत्व में इन दुकानों का निरीक्षण किया जिसमें कुछ खामियां पाई। इसके बाद पार्किंग के लिए नगर परिषद को लिखा गया। बाद में ट्रांसफार्मर के लिए बिजली निगम को एस्टिमेट बनाकर भेजा। इसके अतिरिक्त टायलेट, बाथरूम, नंबरिंग, बिजली की फिटिंग सहित अन्य खामियां भी पाई गई थी। इन दुकानों को लेकर पिछले दिनों डीसी डॉ. यश गर्ग ने भी खेल अधिकारी और पंचायती विभाग को शीघ्र ही दुकानें शुरू करने के आदेश दिए थे। लेकिन अभी तक पंचायती विभाग की ओर से लिखित में हैंडओवर नहीं करने से यह दुकानें नहीं खुल पा रही हैं।
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यह होना था लाभ
इन दुकानों के किराये से प्रतिमाह पांच लाख 70 हजार रुपये की आमदनी होनी थी। इससे स्टेडियम के रखरखाव, माली का वेतन सहित अन्य काम होने थे। लेकिन इतने वर्ष बीतने के बाद भी यह शुरू नहीं हो सकी। इससे करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।
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दिनभर लगा रहता है जमावड़ा
दुकानें नहीं खुलने से यहां बाहर से आए लोग बस गए हैं, जो इनका प्रयोग रहने के लिए कर रहे हैं। इससे एक और सुरक्षा को भी खतरा है। ये लोग परिवार सहित यहां डेरा जमाए बैठे हैं। वहीं दूसरी ओर दुकानें नहीं मिलने से दुकान मालिक खेल विभाग के अधिकारियों को फोन घनघनाते रहते हैं।
कई बार पंचायत विभाग को अवगत करा दिया है। लेकिन वह दुकानों को हैंडओवर ही नहीं कर रही हैं। दुकान मालिक हमारे पास फोन कर हमें परेशान करते हैं। -भारत ग्रोवर, खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी
हमारी तरफ से काम पूरा है। शीघ्र ही इसका पजेशन लेटर सौंप दिया जाएगा। जिससे आगे का काम किया जा सके। - विनय, जेई, पंचायती राज
मामला मेरे संज्ञान में है। शीघ्र ही मामले को दिखवाया इसका निपटारा किया जाएगा। -डॉ. यश गर्ग, डीसी, रेवाड़ी