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नेड पर अपलोड हुआ एमडीयू के विद्यार्थियों का डाटा
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नोट : एमडीयू लोगो का प्रयोग करें।
नेड पर अपलोड हुआ एमडीयू के एक लाख विद्यार्थियों का रिकॉर्ड
-डिग्री डिप्लोमा की जांच के लिए नहीं जाना होगा विश्वविद्यालय
-ऑन लाइन पोर्टल पर घर बैठे की जा सकती है दस्तावेजों की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। एमडीयू ने डिजिटलाइज दुनिया की ओर बड़ा कदम बढ़ा दिया है। अब से विवि के विद्यार्थियों के डिग्री, डिप्लोमा या सर्टिफिकेट को कोई भी कभी भी जांच सकता है। इनमें किसी तरह की गड़बड़ी की आशंका पर अधिकारी भी अपने घर या कार्यालय से ही वैरिफिकेशन कर सकता है। इसके लिए विवि ने नेड (नेशनल एकेडमिक डिपोजिट्री) पर एक लाख छह हजार विद्यार्थियों का डाटा अपलोड कर दिया है। फिलहाल डिस्टेंस एजुकेशन का डाटा अपलोड किया जा रहा है। इसके बाद नियमित विद्यार्थियों को रिकॉर्ड अपलोड किया जाएगा।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय का है प्रोजेक्ट
देश में मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) ने राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसके तहत सभी विवि को अपने विद्यार्थियों का डाटा ऑनलाइन अपलोड करना है। यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) की देखरेख में इस प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है।
नेड पर 24 घंटे उपलब्ध रहेगा रिकॉर्ड
विद्यार्थियों की डिग्री, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट, मार्कशीट व अन्य दस्तावेज नेड पर 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे। रिकॉर्ड को डिजिटलाइज्ड व अपलोड करने की जिम्मेदारी शिक्षण संस्थानों, बोर्ड व पात्रता मूल्यांकन निकाय को दी गई है। नेड पोर्टल आसानी से काम करने वाला बनाया गया है। यहां कोइ भी संस्थान अपने विद्यार्थी या कर्मचारी का रिकॉर्ड ऑनलाइन जांच सकता है।
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वर्जन ::::
एमएचआरडी के प्रोजेक्ट के तहत विद्यार्थियों का रिकॉर्ड ऑनलाइन किया जा रहा है। विवि एक लाख छह हजार विद्यार्थियों की डिग्री, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट व मार्कशीट नेड पोर्टल पर अपलोड कर चुका है। यहां कोई भी इन दस्तावेजों को आसानी से जांच सकता है। इससे बार-बार वैरिफिकेशन के लिए विवि के चक्कर नहीं लगाने होंगे। नई व्यवस्था समय की बचत के साथ फर्जीवाड़े पर भी अंकुश लगाएगी। जल्दी ही सारा रिकॉर्ड अपलोड कर दिया जाएगा।
-डॉ. बीएस सिंधू, परीक्षा नियंत्रक, एमडीयू
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नेड पर अपलोड हुआ एमडीयू के एक लाख विद्यार्थियों का रिकॉर्ड
-डिग्री डिप्लोमा की जांच के लिए नहीं जाना होगा विश्वविद्यालय
-ऑन लाइन पोर्टल पर घर बैठे की जा सकती है दस्तावेजों की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। एमडीयू ने डिजिटलाइज दुनिया की ओर बड़ा कदम बढ़ा दिया है। अब से विवि के विद्यार्थियों के डिग्री, डिप्लोमा या सर्टिफिकेट को कोई भी कभी भी जांच सकता है। इनमें किसी तरह की गड़बड़ी की आशंका पर अधिकारी भी अपने घर या कार्यालय से ही वैरिफिकेशन कर सकता है। इसके लिए विवि ने नेड (नेशनल एकेडमिक डिपोजिट्री) पर एक लाख छह हजार विद्यार्थियों का डाटा अपलोड कर दिया है। फिलहाल डिस्टेंस एजुकेशन का डाटा अपलोड किया जा रहा है। इसके बाद नियमित विद्यार्थियों को रिकॉर्ड अपलोड किया जाएगा।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय का है प्रोजेक्ट
देश में मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) ने राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसके तहत सभी विवि को अपने विद्यार्थियों का डाटा ऑनलाइन अपलोड करना है। यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) की देखरेख में इस प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है।
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नेड पर 24 घंटे उपलब्ध रहेगा रिकॉर्ड
विद्यार्थियों की डिग्री, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट, मार्कशीट व अन्य दस्तावेज नेड पर 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे। रिकॉर्ड को डिजिटलाइज्ड व अपलोड करने की जिम्मेदारी शिक्षण संस्थानों, बोर्ड व पात्रता मूल्यांकन निकाय को दी गई है। नेड पोर्टल आसानी से काम करने वाला बनाया गया है। यहां कोइ भी संस्थान अपने विद्यार्थी या कर्मचारी का रिकॉर्ड ऑनलाइन जांच सकता है।
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वर्जन ::::
एमएचआरडी के प्रोजेक्ट के तहत विद्यार्थियों का रिकॉर्ड ऑनलाइन किया जा रहा है। विवि एक लाख छह हजार विद्यार्थियों की डिग्री, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट व मार्कशीट नेड पोर्टल पर अपलोड कर चुका है। यहां कोई भी इन दस्तावेजों को आसानी से जांच सकता है। इससे बार-बार वैरिफिकेशन के लिए विवि के चक्कर नहीं लगाने होंगे। नई व्यवस्था समय की बचत के साथ फर्जीवाड़े पर भी अंकुश लगाएगी। जल्दी ही सारा रिकॉर्ड अपलोड कर दिया जाएगा।
-डॉ. बीएस सिंधू, परीक्षा नियंत्रक, एमडीयू