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कश्मीरी छात्रों की पिटाई मामले में सीएम के हस्तक्षेप पर एफआईआर होने पर एसएफआई ने जताया रोष
Updated Mon, 05 Feb 2018 02:24 AM IST
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कश्मीरी छात्रों की पिटाई के मामले में एसएफआई ने जताया रोष
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
एसएफआई ने महेंद्रगढ़ में दो कश्मीरी छात्रों पर हुए हमले का शर्मसार करने वाली घटना बताया है। छात्रों की शिकायत पर पुलिस का एफआईआर दर्ज नहीं करना निंदनीय है। इस बारे में जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती व पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला के अनुरोध करने पर सीएम ने हस्तक्षेप करते हुए केस दर्ज करने के निर्देश जारी किए।
संगठन के राज्य सचिव सुमित सिंह ने कहा कि यह घटना नई नहीं है। पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं। वर्ष 2016 के अंत में सेंट्रल यूनिवर्सिटी में पाकिस्तान जिंदाबाद नारे के लिखे गए थे। महेंद्रगढ़ व कश्मीरी छात्रों पर आरोप लगाया। इस अपराध को उन्हें स्वीकारना पड़ा। इसी तरह की घटनाएं राजस्थान, यूपी समेत पूरे देश में हुई हैं। यहां एक विशेष धार्मिक समुदाय के लोगों को निशाना बनाया गया है। पीड़ितों पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। पहलु खान हत्या मामले में पीड़ितों पर गाय तस्करी का आरोप लगाया गया था। एसएफआई कार्यकर्ता कश्मीरी छात्रों पर हमले में शामिल सभी लोगों की गिरफ्तारी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हैं। घायल छात्रों की सुरक्षा व चिकित्सा देखभाल के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ऐसा नहीं होने पर पीड़ित छात्रों के पक्ष में आंदोलन किया जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
एसएफआई ने महेंद्रगढ़ में दो कश्मीरी छात्रों पर हुए हमले का शर्मसार करने वाली घटना बताया है। छात्रों की शिकायत पर पुलिस का एफआईआर दर्ज नहीं करना निंदनीय है। इस बारे में जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती व पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला के अनुरोध करने पर सीएम ने हस्तक्षेप करते हुए केस दर्ज करने के निर्देश जारी किए।
संगठन के राज्य सचिव सुमित सिंह ने कहा कि यह घटना नई नहीं है। पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं। वर्ष 2016 के अंत में सेंट्रल यूनिवर्सिटी में पाकिस्तान जिंदाबाद नारे के लिखे गए थे। महेंद्रगढ़ व कश्मीरी छात्रों पर आरोप लगाया। इस अपराध को उन्हें स्वीकारना पड़ा। इसी तरह की घटनाएं राजस्थान, यूपी समेत पूरे देश में हुई हैं। यहां एक विशेष धार्मिक समुदाय के लोगों को निशाना बनाया गया है। पीड़ितों पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। पहलु खान हत्या मामले में पीड़ितों पर गाय तस्करी का आरोप लगाया गया था। एसएफआई कार्यकर्ता कश्मीरी छात्रों पर हमले में शामिल सभी लोगों की गिरफ्तारी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हैं। घायल छात्रों की सुरक्षा व चिकित्सा देखभाल के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ऐसा नहीं होने पर पीड़ित छात्रों के पक्ष में आंदोलन किया जाएगा।
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