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बिना ई-वे बिल ट्रांसपोर्टरों ने बंद कर दी बुकिंग, शहर की बुकिंग 80 फीसदी गिरी

Thu, 01 Feb 2018 02:41 AM IST
Updated Thu, 01 Feb 2018 02:41 AM IST
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बिना ई-वे बिल ट्रांसपोर्टरों ने बंद कर दी बुकिंग, शहर की बुकिंग 80 फीसदी गिरी
फोटो:
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बिना ई-वे बिल ट्रांसपोर्टरों ने बंद कर दी बुकिंग, हरियाणा में बुकिंग 80 फीसदी गिरी
आज से लागू हो रहा ई-वे बिल :
- ट्रांसपोर्टरों को ई-वे बिल को लेकर जानकारी ही नहीं, बोले सरकार से जल्दबाजी में लागू किया
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
ई-वे बिल की प्रक्रिया को ठीक से समझ लेने के लिए बीते 16 दिन से चल रहा ट्रायल बुधवार को समाप्त हो गया। इसके साथ ही गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) विभाग वीरवार से ई-वे बिल लागू कर रहा है, लेकिन माल की आवाजाही इतनी आसान नहीं होने वाली। असल में, हरियाणा में ट्रांसपोर्टरों ने बगैर ई-वे बिल के माल की बुकिंग बंद कर दी है। इसकी वजह से रोहतक, सिरसा, कैथल, नारलौल, भिवानी, सोनीपत, अंबाला, फतेहाबाद, जिंद, हिसार के ट्रांसपोर्ट नगरों में रोज की बुकिंग 80 फीसदी गिर गई है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि व्यापारी या उद्यमी ई-वे बिल जनरेट करके देगा, तभी माल को ले जाएंगे, जिसका असर रोहतक के कारोबार पर पड़ रहा है।
ट्रांसपोर्टरों के मुताबिक हरियाणा में रोज की बुकिंग की करीब 70 से 80 हजार है, लेकिन वीरवार को बुकिंग 13 से 14 हजार के आसपास ही रही है। रोहतक में रोज की रोज सात से आठ हजार बिलिंग हो रही थीं, लेकिन बुधवार को तकरीबन 13 सौ के आसपास ही बुकिंग हुई है। यहां करीब 15 सौ कपड़ा कारोबारी है, जिनका माल ले जाना सबसे ज्यादा परेशानी है। ई-वे बिल जनरेट करने के लिए जीएसटी नंबर जरूरी है, लेकिन महज साढ़े तीन सौ कपड़ा व्यापारियों ने ही जीएसटीएन लिया है, नतीजा इन व्यापारियोें का माल की सप्लाई करने से ट्रांसपोर्टरों ने इंकार कर दिया। ऑल हरियाणा ट्रक ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के महासिचव कुलदीप बेनीवाल ने बताया कि ट्रांसपोर्टरों की जिम्मेदारी बढ़ा दी गई, माल भेजने में ई-वे बिल जनरेट करना पड़ रहा है, लेकिन जीएसटी साइट हैंग हो रही और बिल जनरेट नहीं हो पा रहा है।
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भिवानी में दिल्ली पिलानी ट्रांसपोर्ट कपंनी के संचालक वेद पुजारी ने बताया कि यहां 20 ट्रांसपोर्ट कंपनियां हैं, लेकिन सभी परेशान हैं। बिना तैयारी के ई-वे बिल लागू कर दिया गया है और ट्रांसपोर्टर परेशान है। सिरसा ट्रक यूनियन के प्रधान मनजीत सिंह बिट्टू ने बताया कि ट्रांसपोर्टरों को ई-वे बिल से सबसे ज्यादा परेशानी होगी। सोनीपत कैंटर एसोसिएशन के प्रधान कप्तान ने कहा कि कागज पूरे करके देने की जिम्मेदारी व्यापारी की है, वही ई-वे बिल भी देगा। कैथल की ट्रांसपोर्टर नगीना सिंह ने बताया कि ई-वे बिल में व्यवहारिक दिक्कत है, जिससे परेशानी होगी। व्यापारी के ई-वे बिल देने पर ही बुकिंग की जा रही है। अंबाला सिटी के ट्रांसपोर्टर नवरतन गर्ग ने बताया कि ई-वे बिल से ट्रांसपोर्टरों को खासी परेशानी झेलनी पड़ेंगी। ऐसे में ई-वे बिल व्यापारी से मिलने पर बुकिंग की जाएगी। फतेहाबाद के कैंटर यूनियन पदाधिकारी सुभाष पपिया ने कहा कि छोटे ट्रांसपोर्टरों के लिए बहुत समस्या है, उन्हें जानकारी ही नहीं है।
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ई-वे बिल का जानकारी नहीं
ट्रांसपोर्टरों के पास कंप्यूटर और इंटरनेट नहीं है, अभी तक सभी को ई-वे बिल की सही जानकारी तक नहीं है। ऐसे में बगैर ई-वे बिल के आ रहे व्यापारियों और उद्यमियों की बुकिंग नहीं की जा रही है। ई-वे बिल जनरेट व्यापारी करेगा, जभी माल को ट्रांसपोर्टर ले जाएगा। कई व्यापारी माल लेकर आ रहे हैं और ट्रांसपोर्टर से ई-वे बिल जनरेट करने के लिए कह रहे है, लेकिन ट्रांसपोर्टर को ई-वे बिल जनरेट करना है या नहीं, इसकी जानकारी ही नहीं है। फिलहाल, बुकिंग नहीं ली जा रही है।
- गुरुचरण सिंह, अध्यक्ष रोहतक ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन

रोज का कारोबार 80 फीसदी तक गिरा
रोज का कारोबार 80 फीसदी तक गिर गया है, एक कारोबारी जहां आठ से नौ गाड़ियां रोज रवाना करता है वहीं बुधवार को महज दो गाड़ियां ही रवाना कर सका। व्यापारी ई-वे बिल ला रहा है, तभी माल को भेजा जा रहा है। ट्रांसपोर्टरों के पास ई-वे बिल जनरेटर करने का साधन नहीं है। पहले के जितनी बुकिंग नहीं है।

- परमजीत सिंह, एमडी, चितकारा ट्रांसपोर्ट कंपनी

बड़ी कंपनियां ट्रांसपोर्टरों बगैर जीएसटी नंबर के नहीं दे रहीं बुकिंग
बड़ी कंपनियों ने ट्रांसपोर्टरों को साफ कर दिया है कि अगर जीएसटी नंबर जनरेट नहीं किया है तो उन्हें काम नहीं देंगी। रोहतक ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि ट्रांसपोर्टर को जीएसटी नंबर जनरेट करने के बारे में कोई जानकारी है, जिससे खासी दिक्कत हो रही है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि बड़ी कंपनियां 50 हजार रुपये से कम के माल का भी ई-वे बिल दे रहे हैं, जिससे खासी दिक्कत होगी। जिन ट्रांसपोर्टरों के पास जीएसटी नंबर नहीं है, उनका कारोबार ठप होने की कगार पर है।
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