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खामोश बैठे कांग्रेसी नेता आए एक्शन मोड़ में, 29 को भरेंगे हुंकार
Updated Fri, 21 Jul 2017 11:59 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हांसी।
पिछले काफी समय से हांसी क्षेत्र में थम सी गई राजनीति में अब एकदम से हलचल आ गई है। शहर में खामोश बैठे विपक्ष दल के नेता अब एक्शन मोड़ में आ गए है। इस संबंध में पूर्व सीपीएस और वरिष्ठ कांग्रेस नेता विनोद भयाना ने बजरंग आश्रम में कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित कर हांसी-रोहतक रेलवे लाइन की मांग पर भाजपा सरकार द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने के विरोध में 29 जुलाई को सांसद व वरिष्ठ कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में अनाज मंडी में धरना लगाने की घोषणा की। इसके बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि 29 जुलाई 2013 को रेल-रोड रैली में पूर्व केन्द्रीय मंत्री अर्जुन खंडेलवाल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हांसी-रोहतक रेलवे लाइन की आधारशीला रखी थी। इस बात को चार साल बीत गए है। लेकिन सरकार लोगों की इस मुख्य मांग को पूरा करने की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में रेलवे लाइन बिछाने का 70 प्रतिशत कार्य हो चुका था। इसको लेकर भूमि भी अधीग्रहण की जा चुकी है। भाजपा को सत्ता में आए तीन साल हो चुके है। मगर सरकार लोगों की इस मांग की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि हांसी की जनता कमजोर नहीं है, वह अपना हक लेना जानती है। इस धरनास्थल पर हांसी क्षेत्र के विभिन्न गांवों और नगर से हजारों लोग भाग लेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के मामले में सीएम हांसी के साथ भेदभाव कर रहे है, जबकि नारनौंद पर मेहरबानी की जा रही है।
बोले भयाना, लोगों ने वोट नहीं दिया, बल्कि आजमाया
वहीं इस बार विधायक के चुनाव में हुई हार पर बोलते हुए भयाना ने कहा कि शायद हांसी की जनता की उम्मीदों पर वह खरा नहीं उतर पाए, जिस कारण लोगों ने किसी ओर को हांसी का विधायक चुन लिया। भयाना ने विधायक रेनूका का नाम लिए बिना चुटकी लेते हुए कहा कि इससे मुझे अपनेे व पराये की पहचान हो गई तथा लोगों को आजमाने का मौका भी मिल गया। भयाना ने स्वयं स्वीकार किया कि यह भी सच्चाई है कि हांसी में न तो पक्ष है और न ही विपक्ष। बेशक विधायक हमारी पार्टी का है, लेकिन काम करने का हर किसी का अपना तरीका होता है। कोई पब्लिक के बीच में रह कर काम करता है, जबकि कोई पब्लिक से दूर रह कर राजनीति करता है। इस दौरान भयाना रेनूका बिश्नोई की आलोचना करने से बचते नजर आए। भयाना ने चुनाव में हार की खीज उतारते हुए कहा कि इस बार लोगों ने काम के लिए वोट नहीं दिया, बल्कि दूसरे को आजमाया। आप संतुष्ट है या नहीं, मैं कुछ नहीं कहना चाहता।
भाभी बना कर वोट दिए थे, बुआ बन कर बैठ गई
इस दौरान भयाना के समर्थकों ने सरकार के साथ विधायक रेनूका बिश्रोई को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि लोगों ने भाभी बना कर वोट दिए थे, जोकि बुआ बन कर बैठ गई है। हांसी हलके की हालत खराब हो चुकी है, कोई वारिस नहीं है। आज लोगों को अहसास हो गया है कि विधायक लोकल होना चाहिए। उन्होंने विधायिका पर तंज कसते हुए कहा कि वह तो कनाडा, गुरुग्राम, लंदन और विदेशों की सैर कर रही है। विधायक को लोगों के बीच आना चाहिए, चाहे समस्या का समाधान हो न हो। इस अवसर पर बख्शी ठकराल, ओमप्रकाश चौहान, योगेंद्र योगी, हीरालाल सोनी, दिनेश भुटानी, रमेश महता, वेद बाकौलिया, फतेह सिंह गुर्जर, फकीर चंद बब्बर, राजू मदान, देवराज खट्ट, सुरेश खिचड़, रामनाथ पंचाल, सीटू नागपाल आदि लोग उपस्थित रहे।
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हांसी।
पिछले काफी समय से हांसी क्षेत्र में थम सी गई राजनीति में अब एकदम से हलचल आ गई है। शहर में खामोश बैठे विपक्ष दल के नेता अब एक्शन मोड़ में आ गए है। इस संबंध में पूर्व सीपीएस और वरिष्ठ कांग्रेस नेता विनोद भयाना ने बजरंग आश्रम में कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित कर हांसी-रोहतक रेलवे लाइन की मांग पर भाजपा सरकार द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने के विरोध में 29 जुलाई को सांसद व वरिष्ठ कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में अनाज मंडी में धरना लगाने की घोषणा की। इसके बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि 29 जुलाई 2013 को रेल-रोड रैली में पूर्व केन्द्रीय मंत्री अर्जुन खंडेलवाल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हांसी-रोहतक रेलवे लाइन की आधारशीला रखी थी। इस बात को चार साल बीत गए है। लेकिन सरकार लोगों की इस मुख्य मांग को पूरा करने की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में रेलवे लाइन बिछाने का 70 प्रतिशत कार्य हो चुका था। इसको लेकर भूमि भी अधीग्रहण की जा चुकी है। भाजपा को सत्ता में आए तीन साल हो चुके है। मगर सरकार लोगों की इस मांग की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि हांसी की जनता कमजोर नहीं है, वह अपना हक लेना जानती है। इस धरनास्थल पर हांसी क्षेत्र के विभिन्न गांवों और नगर से हजारों लोग भाग लेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के मामले में सीएम हांसी के साथ भेदभाव कर रहे है, जबकि नारनौंद पर मेहरबानी की जा रही है।
बोले भयाना, लोगों ने वोट नहीं दिया, बल्कि आजमाया
वहीं इस बार विधायक के चुनाव में हुई हार पर बोलते हुए भयाना ने कहा कि शायद हांसी की जनता की उम्मीदों पर वह खरा नहीं उतर पाए, जिस कारण लोगों ने किसी ओर को हांसी का विधायक चुन लिया। भयाना ने विधायक रेनूका का नाम लिए बिना चुटकी लेते हुए कहा कि इससे मुझे अपनेे व पराये की पहचान हो गई तथा लोगों को आजमाने का मौका भी मिल गया। भयाना ने स्वयं स्वीकार किया कि यह भी सच्चाई है कि हांसी में न तो पक्ष है और न ही विपक्ष। बेशक विधायक हमारी पार्टी का है, लेकिन काम करने का हर किसी का अपना तरीका होता है। कोई पब्लिक के बीच में रह कर काम करता है, जबकि कोई पब्लिक से दूर रह कर राजनीति करता है। इस दौरान भयाना रेनूका बिश्नोई की आलोचना करने से बचते नजर आए। भयाना ने चुनाव में हार की खीज उतारते हुए कहा कि इस बार लोगों ने काम के लिए वोट नहीं दिया, बल्कि दूसरे को आजमाया। आप संतुष्ट है या नहीं, मैं कुछ नहीं कहना चाहता।
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भाभी बना कर वोट दिए थे, बुआ बन कर बैठ गई
इस दौरान भयाना के समर्थकों ने सरकार के साथ विधायक रेनूका बिश्रोई को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि लोगों ने भाभी बना कर वोट दिए थे, जोकि बुआ बन कर बैठ गई है। हांसी हलके की हालत खराब हो चुकी है, कोई वारिस नहीं है। आज लोगों को अहसास हो गया है कि विधायक लोकल होना चाहिए। उन्होंने विधायिका पर तंज कसते हुए कहा कि वह तो कनाडा, गुरुग्राम, लंदन और विदेशों की सैर कर रही है। विधायक को लोगों के बीच आना चाहिए, चाहे समस्या का समाधान हो न हो। इस अवसर पर बख्शी ठकराल, ओमप्रकाश चौहान, योगेंद्र योगी, हीरालाल सोनी, दिनेश भुटानी, रमेश महता, वेद बाकौलिया, फतेह सिंह गुर्जर, फकीर चंद बब्बर, राजू मदान, देवराज खट्ट, सुरेश खिचड़, रामनाथ पंचाल, सीटू नागपाल आदि लोग उपस्थित रहे।
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