फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   किसान और सर्वखाप 16 को रोकेंगे राष्ट्रीय राजमार्ग, आज से जिला मुख्यालय में देंगे धरना

किसान और सर्वखाप 16 को रोकेंगे राष्ट्रीय राजमार्ग, आज से जिला मुख्यालय में देंगे धरना

Mon, 12 Jun 2017 01:28 AM IST
Updated Mon, 12 Jun 2017 01:28 AM IST
विज्ञापन
किसान और सर्वखाप 16 को रोकेंगे राष्ट्रीय राजमार्ग, आज से जिला मुख्यालय में देंगे धरना
किसान और सर्वखाप 16 को रोकेंगे राष्ट्रीय राजमार्ग, आज से जिला मुख्यालय में देंगे धरना
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में लगातार चले आ रहे किसान आंदोलन को हरियाणा के किसानों और सर्वखापों ने भी समर्थन दिया है। कर्ज माफी और फसल के लाभकारी 50 फीसदी मूल्य देने की मांग पर अब हरियाणा के किसान भी आंदोलन में कूद पड़े हैं। किसान यूनियन और सर्वखाप के प्रतिनिधियों की एक बैठक रविवार को छोटूराम धर्मशाला में हुई। बैठक में तय हुआ कि हरियाणा में 12 से 16 जून तक लगातार विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। सोमवार से जिले के सभी मुख्यालयों पर किसान और सर्वखाप तीन दिवसीय धरने की शुरुआत करेंगे। 15 जून को प्रदेश के किसान यूनियन के बैनर तले किसान और सर्वखाप प्रधान दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहुंचकर धरना देंगे। इसके साथ ही 16 जून को प्रदेश के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक जाम लगाया जाएगा। बैठक में दावा किया गया कि इसी दिन रोहतक के हर गांव के लोग सड़क पर आएंगे और जाम लगाएंगे।

भारत किसान यूनियन हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने बैठक में आंदोलन की रूपरेखा रखी। चढूनी ने कहा कि किसानों के कई मुद्दे हैं। शुरुआत में कर्ज माफी और फसल के लाभकारी 50 फीसदी मूल्य की लड़ाई लड़ेंगे। सभी मांगे नहीं माने जाने तक आंदोलन खत्म नहीं होगा। 12 से 16 जून तक लगातार होने वाले आंदोलन के बाद भी सरकार ने उनकी मांगों पर कोई गौर नहीं किया तो 19 जून को दिल्ली में राष्ट्रीय किसान महासंघ की बैठक होगी। इस बैठक में सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आने से पहले किसानों से वादा किया था कि सरकार बनने पर वे स्वामीनाथन रिपोर्ट के तहत फसलों की लागत से 50 फीसदी अधिक मूल्य देंगे और कर्ज भी माफ करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद 29 जगहों पर रैली करके इस संबंध में बयान दिए थे। चढूनी ने कहा कि भाजपा डिफाल्टर कंपनियों का कर्ज माफ कर सकती है तो डिफाल्टर किसानों का कर्ज भी माफ किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह सरकार पूंजीपतियों की सरकार है। उन्होंने दावा किया है कि मध्य प्रदेश में हुए आंदोलन में छह किसान नहीं मारे गए हैं, बल्कि 12 मरे हैं। इसे लेकर दिल्ली में राष्ट्रीय किसान महासंघ की बैठक भी कई प्रस्ताव पास किए गए हैं। इसमें पूरे देश से करीब 62 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। उनकी मांग है कि मध्यप्रदेश की सरकार को बर्खास्त करके राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए। किसान विरोधी केंद्र सरकार के खिलाफ पूरे देश से निंदा प्रस्ताव पास किए जाए। किसानों पर गोलियां चलाने वालों पर मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर प्रत्येक किसान के मेहनताने की बात करे तो वह करीब 3081 रुपये बनता है। इतने कम वेतन में पूरे परिवार का गुजारा करना काफी मुश्किल है। इस अवसर पर दो जमा पांच मुद्दे जन आंदोलन के अध्यक्ष सत्यवीर सिंह हुड्डा, सर्व खाप के संयोजक महेंद्र सिंह नांदल, दहिया खाप से सुरेंद्र दहिया, मलिक खाप से जगबीर मलिक, रत्न सिंह मान, पूर्व एमएलए बलबीर सिंह ग्रेवाल मौजूद रहे।
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed