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उज्ज्वल भविष्य के लिए शिक्षा के साथ संस्कार जरूरी : मनोहर लाल
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वैश्य शिक्षण संस्था के 100 वें स्थापना वर्ष पर हुए कार्यक्रम का उद्घाटन करते मुख्यमंत्री मनोहर ला?
रोहतक। सीएम मनोहर लाल ने कहा कि सिर्फ शिक्षा से भविष्य उज्ज्वल नहीं होगा, इसके साथ संस्कार होने भी जरूरी हैं। अगर कोई कानून के डर से गलत काम नहीं करता है तो यह उचित नहीं, लेकिन अगर मन के संस्कार ऐसे हों कि यह काम गलत है और नहीं करना है, तब उचित है। वह वैश्य एजुकेशन सोसाइटी के सौवें स्थापना दिवस और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150वें जयंती वर्ष पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने महाराजा अग्रसेन आवास परिसर का शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा संस्थानों को आवास परिसर की जरूरत होती है। शिक्षकों और विद्यार्थियों को अच्छी सुविधा नहीं मिलती तो अच्छा माहौल नहीं बनता। चार साल पहले वह अटल जी की कविताओं पर आयोजित कार्यक्रम में आए थे। इस संस्था का स्वर्णिम इतिहास, अच्छा वर्तमान है, वह अच्छे भविष्य की कामना करते हैं। विद्यार्थियों को राष्ट्रपिता के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान करते हुए सीएम ने कहा कि गांधी जी जीवन में बहुत से संकल्प लेकर चले और देश को आजाद कराया। अगर मैं किसी एक व्यक्ति को आजादी का श्रेय दूंगा तो वह गांधी जी हैं। घटना बहुत साधारण थी, दक्षिण अफ्रीका में अंग्रेज ने गांधी जी को ट्रेन से नीचे उतार दिया था। उन्होंने स्टेशन पर रात बिताई, उस पीड़ा में उन्होंने संकल्प लिया कि अंग्रेजों को भारत से बाहर निकालना है। अंग्रेज ने ट्रेन से नीचे नहीं उतारा, उनके दिल में संकल्प के बीज बो दिए। गांधी जी विदेश जा रहे थे, उनकी मां ने कहा कि संकल्प करो शाकाहारी रहोगे और शराब नहीं पियोगे। गांधी जी ने जीवन भर वैसे ही रहे। मैं देश के युवाओं से कहूंगा कि संस्कार अच्छे बने रहने चाहिए। बहुत से युवा नशे की चपेट में हैं। वे महापुरुषों का ध्यान करें। सीएम ने कहा कि एक बार गांधी जी को सीढ़ी चढ़ते समय डर लगा। उन्होंने मां को पुकारा, मां ने कहा राम का नाम लो और ऊपर आ जाओ। ऊपर जाने पर उन्हें लगा कि कुछ नहीं था। जीवन भर वह राम का नाम लेते रहे, उनकी प्रतिमा के नीचे भी हे राम लिखा है। इससे पहले सांसद डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि इस संस्थान ने कई डॉक्टर, इंजीनियर दिए हैं। सोसाइटी के प्रधान विकास गोयल ने मेहमानों का स्वागत किया। सीएम ने सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने के बाद संबोधित करना था, पर उन्होंने पहले भाषण दिया और व्यस्तता के कारण चले गए। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, मेयर मनमोहन गोयल, एलपीएस बोसार्ड के डायरेक्टर राजेश जैन, जिला भाजपा प्रधान अजय बंसल भी शामिल हुए।
अपने फंड से 31 लाख, सांसद निधि से 11 लाख दिए
सीएम मनोहर लाल ने कहा कि सांसद ने अपनी ओर से कोई घोषणा नहीं की, मुझ पर छोड़ दिया। पर यह बोल गए तो अब कुछ करना पड़ेगा। एमपी की ओर से संस्था को 11 लाख दिए जाएंगे। सीएम का अपना डिस्क्रीशनरी फंड होता है, पर इस साल का फंड खत्म हो गया है, अप्रैल में नया आएगा। फिर भी मैं अपनी ओर से 21 लाख देता हूं। कार्यक्रम के बाद चलते-चलते वह बोले कि विकास जी (विकास गोयल, प्रधान वैश्य एजुकेशन सोसायटी) कह रहे हैं 21 नहीं, 31 करो, तो मेरी ओर से 31 लाख दिए जाएंगे।
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इसी स्कूल में दी थी दसवीं की परीक्षा
सीएम मनोहर लाल ने बताया कि दसवीं की परीक्षा में उनका सेंटर इसी संस्था के स्कूल में बना था। आज फिर यहां आने के बाद पुरानी यादें ताजा हो गईं।
50-50 साल का संयोग
सीएम मनोहर लाल ने एक दिलचस्प आंकड़ा बताया। उन्होंने कहा कि चार वर्ष याद कीजिए। 1869, 1919, 1969 और 1919 पर गौर कीजिए। 1869 में गांधी जी का जन्म हुआ। 1919-20 में उन्होंने वैश्य एजुकेशन सोसाइटी की नींव रखी थी। 1969 में मैंने यहां दसवीं की परीक्षा दी। 2019-20 में मैं यहां आया हूं।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा संस्थानों को आवास परिसर की जरूरत होती है। शिक्षकों और विद्यार्थियों को अच्छी सुविधा नहीं मिलती तो अच्छा माहौल नहीं बनता। चार साल पहले वह अटल जी की कविताओं पर आयोजित कार्यक्रम में आए थे। इस संस्था का स्वर्णिम इतिहास, अच्छा वर्तमान है, वह अच्छे भविष्य की कामना करते हैं। विद्यार्थियों को राष्ट्रपिता के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान करते हुए सीएम ने कहा कि गांधी जी जीवन में बहुत से संकल्प लेकर चले और देश को आजाद कराया। अगर मैं किसी एक व्यक्ति को आजादी का श्रेय दूंगा तो वह गांधी जी हैं। घटना बहुत साधारण थी, दक्षिण अफ्रीका में अंग्रेज ने गांधी जी को ट्रेन से नीचे उतार दिया था। उन्होंने स्टेशन पर रात बिताई, उस पीड़ा में उन्होंने संकल्प लिया कि अंग्रेजों को भारत से बाहर निकालना है। अंग्रेज ने ट्रेन से नीचे नहीं उतारा, उनके दिल में संकल्प के बीज बो दिए। गांधी जी विदेश जा रहे थे, उनकी मां ने कहा कि संकल्प करो शाकाहारी रहोगे और शराब नहीं पियोगे। गांधी जी ने जीवन भर वैसे ही रहे। मैं देश के युवाओं से कहूंगा कि संस्कार अच्छे बने रहने चाहिए। बहुत से युवा नशे की चपेट में हैं। वे महापुरुषों का ध्यान करें। सीएम ने कहा कि एक बार गांधी जी को सीढ़ी चढ़ते समय डर लगा। उन्होंने मां को पुकारा, मां ने कहा राम का नाम लो और ऊपर आ जाओ। ऊपर जाने पर उन्हें लगा कि कुछ नहीं था। जीवन भर वह राम का नाम लेते रहे, उनकी प्रतिमा के नीचे भी हे राम लिखा है। इससे पहले सांसद डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि इस संस्थान ने कई डॉक्टर, इंजीनियर दिए हैं। सोसाइटी के प्रधान विकास गोयल ने मेहमानों का स्वागत किया। सीएम ने सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने के बाद संबोधित करना था, पर उन्होंने पहले भाषण दिया और व्यस्तता के कारण चले गए। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, मेयर मनमोहन गोयल, एलपीएस बोसार्ड के डायरेक्टर राजेश जैन, जिला भाजपा प्रधान अजय बंसल भी शामिल हुए।
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अपने फंड से 31 लाख, सांसद निधि से 11 लाख दिए
सीएम मनोहर लाल ने कहा कि सांसद ने अपनी ओर से कोई घोषणा नहीं की, मुझ पर छोड़ दिया। पर यह बोल गए तो अब कुछ करना पड़ेगा। एमपी की ओर से संस्था को 11 लाख दिए जाएंगे। सीएम का अपना डिस्क्रीशनरी फंड होता है, पर इस साल का फंड खत्म हो गया है, अप्रैल में नया आएगा। फिर भी मैं अपनी ओर से 21 लाख देता हूं। कार्यक्रम के बाद चलते-चलते वह बोले कि विकास जी (विकास गोयल, प्रधान वैश्य एजुकेशन सोसायटी) कह रहे हैं 21 नहीं, 31 करो, तो मेरी ओर से 31 लाख दिए जाएंगे।
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इसी स्कूल में दी थी दसवीं की परीक्षा
सीएम मनोहर लाल ने बताया कि दसवीं की परीक्षा में उनका सेंटर इसी संस्था के स्कूल में बना था। आज फिर यहां आने के बाद पुरानी यादें ताजा हो गईं।
50-50 साल का संयोग
सीएम मनोहर लाल ने एक दिलचस्प आंकड़ा बताया। उन्होंने कहा कि चार वर्ष याद कीजिए। 1869, 1919, 1969 और 1919 पर गौर कीजिए। 1869 में गांधी जी का जन्म हुआ। 1919-20 में उन्होंने वैश्य एजुकेशन सोसाइटी की नींव रखी थी। 1969 में मैंने यहां दसवीं की परीक्षा दी। 2019-20 में मैं यहां आया हूं।