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Rohtak News: 10 वेंटिलेटर खराब...बच्ची को क्यों नहीं मिला, वजह पता ही नहीं

Mon, 02 Jun 2025 02:13 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक Updated Mon, 02 Jun 2025 02:13 AM IST
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10 ventilators are out of order... why the girl did not get them, the reason is not known

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नेहा किन्हा



रोहतक। प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान पीजीआईएमएस की व्यवस्था खुद वेंटिलेटर पर नजर आ रही है। पीडियाट्रिक प्लमनोलॉजी इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू या पीकू) के 10 वेंटिलेटर खराब हैं। यहां कुल 32 वेंटिलेटी हैं। 22 ही काम कर रहे हैं। कोराेना काल में 14 वेंटिलेटर मिले थे। प्रबंधन अब जांच कराने की बात कह रहा है। पीजीआई निदेशक डाॅ. एसके सिंघल बोले, वेंटिलेटर नहीं मिलने की वजह पता की जाएगी।



रविवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने शिशु रोग विभाग का जायजा लिया। यहां तीन पीकू वार्ड हैं।वार्ड नंबर 14 के पीकू में 20 बेड हैं। इनमें से 10 पर वेंटिलेटर हैं। पुरानी ओटी के पीकू में आठ और इसके साथ बने पीकू में 14 वेंटिलेटर हैं। ये 14 वेंटिलेटर कोरोना काल में मिले थे। इनमें 10 खराब हैं। ऐसे में कुल 32 वेंटिलेटर हैं। इनमें 22 ही काम कर रहे हैं। संस्थान में वेंटिलेटरों पर ध्यान नहीं देने की बात सामने आई है। कोरोना काल में मिले लाखों रुपये के वेंटिलेटर का लगने के बाद से काम नहीं करना अपने आपमें बड़ा सवाल खड़े करता है। संवाद
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सोनीपत से बच्ची गंभीर हालत में लाई गई थी। उसकी हालत नाजुक थी। इसे यहां इलाज देकर बचाने का हर संभव प्रयास किया गया। विभाग में वेंटिलेटर खाली नहीं था। वेंटिलेटर खाली होने पर मरीज को दिया जाता है। --डाॅ. कुंदन मित्तल, चिकित्सा अधीक्षक, पीजीआईएमएस।
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बच्ची को वेंटिलेटर नहीं मिलने का मामला सामने आया है। इसकी जांच की जाएगी। अभी तक वेंटिलेटर फुल होने की बात सामने आई है। उनके बाद आए किसी दूसरे बच्चे को वेंटिलेटर दिया गया है, तो इसकी जानकारी नहीं है। वेंटिलेटर कोरोना के समय मिले थे ये तभी से खराब हैं। इनका कभी प्रयोग नहीं हुआ।



-डाॅ. एसके सिंघल, निदेशक, पीजीआईएमएस।
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