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विश्व पशु चिकित्सा दिवस : रेबीज बीमारी के प्रति चलाया जन-जागरूकता अभियान
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रेबीज बीमारी के प्रति जागरूक करती टीम। स्रोत : विभाग
नांगलमूंदी। विश्व पशु चिकित्सा दिवस के अवसर पर विभिन्न पशु चिकित्सा संस्थानों में पशुपालकों के लिए अनेक गतिविधियों का आयोजन किया गया। उप निदेशक डॉ. नसीब सिंह ने बताया कि राजकीय पशु चिकित्सालय व पॉलिक्लिनिक सहारनवास में निशुल्क एंटी-रेबीज टीकाकरण शिविर में पालतू व आवारा कुत्तों व बिल्लियों का मुफ्त टीकाकरण किया गया।
वहीं रेबीज बीमारी के प्रति जन-जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। राजकीय पशु चिकित्सालय माजरा श्योराज में डॉ. नताशा द्वारा एंटी-रेबीज टीकाकरण शिविर लगाया। डॉ. नताशा द्वारा राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, माजरा श्योराज में छात्राओं को जूनोटिक रोगों के बारे में जागरूक किया।
नांगल मूंदी में डॉ. निशा एवं डॉ. साहिल ने पशु स्वास्थ्य देखभाल शिविर लगाया। वहीं फिदेड़ी में डॉ. बिजेन्द्र ने राजकीय माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों को रेबीज से बचाव, जूनोटिक बीमारियों व खाद्य सुरक्षा के विषय में जागरूक किया।
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रेबीज एक घातक व जानलेवा बीमारी
वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. प्रदीप जांगड़ा ने बताया कि रेबीज एक घातक एवं जानलेवा बीमारी है जो संक्रमित पशु के काटने से मनुष्यों में भी फैल सकती है। कुत्तों में रेबीज से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय समय पर टीकाकरण है। यदि कोई पशु संक्रमित हो जाता है तो उसके काटने से यह संक्रमण अन्य पशुओं एवं मनुष्यों में फैल सकता है, इसलिए टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है।
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रेबीज टीकाकरण के लाभ
रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी से प्रभावी सुरक्षा
पालतू एवं आवारा पशुओं में संक्रमण की रोकथाम
मनुष्यों में संक्रमण के खतरे में कमी
सामुदायिक स्तर पर बीमारी के प्रसार पर नियंत्रण
पशुपालकों की आर्थिक हानि से बचाव
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वहीं रेबीज बीमारी के प्रति जन-जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। राजकीय पशु चिकित्सालय माजरा श्योराज में डॉ. नताशा द्वारा एंटी-रेबीज टीकाकरण शिविर लगाया। डॉ. नताशा द्वारा राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, माजरा श्योराज में छात्राओं को जूनोटिक रोगों के बारे में जागरूक किया।
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नांगल मूंदी में डॉ. निशा एवं डॉ. साहिल ने पशु स्वास्थ्य देखभाल शिविर लगाया। वहीं फिदेड़ी में डॉ. बिजेन्द्र ने राजकीय माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों को रेबीज से बचाव, जूनोटिक बीमारियों व खाद्य सुरक्षा के विषय में जागरूक किया।
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रेबीज एक घातक व जानलेवा बीमारी
वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. प्रदीप जांगड़ा ने बताया कि रेबीज एक घातक एवं जानलेवा बीमारी है जो संक्रमित पशु के काटने से मनुष्यों में भी फैल सकती है। कुत्तों में रेबीज से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय समय पर टीकाकरण है। यदि कोई पशु संक्रमित हो जाता है तो उसके काटने से यह संक्रमण अन्य पशुओं एवं मनुष्यों में फैल सकता है, इसलिए टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है।
रेबीज टीकाकरण के लाभ
रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी से प्रभावी सुरक्षा
पालतू एवं आवारा पशुओं में संक्रमण की रोकथाम
मनुष्यों में संक्रमण के खतरे में कमी
सामुदायिक स्तर पर बीमारी के प्रसार पर नियंत्रण
पशुपालकों की आर्थिक हानि से बचाव