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Rewari News: विश्व सेरेब्रल पाल्सी दिवस.. मांसपेशियों के नियंत्रण और संतुलन को प्रभावित करता है सेरेब्रल पाल्सी
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रेवाड़ी। विश्व सेरेब्रल पाल्सी दिवस के अवसर पर बच्चों में होने वाले इस न्यूरोलॉजिकल विकार के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। सेरेब्रल पाल्सी शरीर की गतिविधियों, मांसपेशियों के नियंत्रण और संतुलन को प्रभावित करता है। इसका असर बच्चे के चलने, बैठने, बोलने और रोजमर्रा की गतिविधियां करने की क्षमता पर पड़ सकता है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विभा के अनुसार सेरेब्रल पाल्सी के लक्षण हर बच्चे में अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ बच्चों में मांसपेशियों में अकड़न या कमजोरी दिखाई देती है, जबकि कुछ को संतुलन बनाए रखने और गतिविधियों को नियंत्रित करने में परेशानी होती है। बच्चे के विकास के सामान्य पड़ावों में देरी भी इसके संकेतों में शामिल हो सकती है।
बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें अभिभावक
डॉ. विभा ने कहा कि अभिभावकों को बच्चे के विकास पर लगातार नजर रखनी चाहिए। यदि बच्चा उम्र के अनुसार बैठने, खड़े होने, चलने या बोलने में पीछे रह रहा है या उसकी गतिविधियों में असामान्यता दिखाई देती है तो विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। समय पर पहचान होने से बच्चे की जरूरत के अनुसार उपचार और पुनर्वास शुरू किया जा सकता है।
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ये उपचार हैं जरूरी
डॉ. विभा के अनुसार फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी और अन्य आवश्यक उपचार बच्चे की क्षमताओं को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। नियमित देखभाल और परिवार के सहयोग से बच्चे को दैनिक गतिविधियां करने में अधिक सक्षम बनाया जा सकता है। जागरूकता और समय पर चिकित्सकीय परामर्श से प्रभावित बच्चों के जीवन को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विभा के अनुसार सेरेब्रल पाल्सी के लक्षण हर बच्चे में अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ बच्चों में मांसपेशियों में अकड़न या कमजोरी दिखाई देती है, जबकि कुछ को संतुलन बनाए रखने और गतिविधियों को नियंत्रित करने में परेशानी होती है। बच्चे के विकास के सामान्य पड़ावों में देरी भी इसके संकेतों में शामिल हो सकती है।
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बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें अभिभावक
डॉ. विभा ने कहा कि अभिभावकों को बच्चे के विकास पर लगातार नजर रखनी चाहिए। यदि बच्चा उम्र के अनुसार बैठने, खड़े होने, चलने या बोलने में पीछे रह रहा है या उसकी गतिविधियों में असामान्यता दिखाई देती है तो विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। समय पर पहचान होने से बच्चे की जरूरत के अनुसार उपचार और पुनर्वास शुरू किया जा सकता है।
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ये उपचार हैं जरूरी
डॉ. विभा के अनुसार फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी और अन्य आवश्यक उपचार बच्चे की क्षमताओं को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। नियमित देखभाल और परिवार के सहयोग से बच्चे को दैनिक गतिविधियां करने में अधिक सक्षम बनाया जा सकता है। जागरूकता और समय पर चिकित्सकीय परामर्श से प्रभावित बच्चों के जीवन को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।