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कृषि कानून रद्द होने तक आंदोलन को जारी रखेंगे : रामकिशन
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रेवाड़ी। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित खेड़ा बॉर्डर पर किसानों का धरना सोमवार को 203वें दिन भी जारी रहा। धरनास्थल पर किसानों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। सोमवार को किसान नेता रामकिशन महलावत ने कहा कि कृषि कानून रद्द होने तक आंदोलन को जारी रखेंगे।
बता दें कि दिल्ली कूच करते समय हरियाणा पुलिस ने राजस्थान के किसानों को दिल्ली-जयपुर स्थित खेड़ा बॉर्डर पर रोक दिया था। उसके बाद से राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों के किसानों ने यहीं पर अपना पड़ाव डाल दिया है।
किसान नेता रामकिशन महलावत ने कहा कि सात जुलाई को बावल चौरासी की ट्रैक्टर परेड यात्रा को लेकर किसानों का जनसंपर्क अभियान जारी है। किसान आंदोलन को शुरू से ही बावल चौरासी का भरपूर समर्थन मिला हुआ है। केंद्र सरकार द्वारा चंद औद्योगिक घरानों को लाभ पहुंचाने के मकसद से बनाए तीनों कृषि कानून किसान विरोधी है।
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केंद्र सरकार को तीनों कृषि कानूनों को रद्द करना ही पड़ेगा। अगर देश में ये कानून लागू हो गए तो किसान पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन एक बार फिर से तेजी पकड़ने लगा है। देश के कोने-कोने से किसान दिल्ली की सीमाओं पर पहुंचने लगे हैं। किसानों का संकल्प है कि तीनों कृषि कानून रद्द होने तक आंदोलन को जारी रखेंगे।
इस अवसर पर रणजीत राजू, अमराराम, राजाराम मील, सुमेर बनीपुर, ईश्वर महलावत व रण सिंह सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
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बता दें कि दिल्ली कूच करते समय हरियाणा पुलिस ने राजस्थान के किसानों को दिल्ली-जयपुर स्थित खेड़ा बॉर्डर पर रोक दिया था। उसके बाद से राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों के किसानों ने यहीं पर अपना पड़ाव डाल दिया है।
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किसान नेता रामकिशन महलावत ने कहा कि सात जुलाई को बावल चौरासी की ट्रैक्टर परेड यात्रा को लेकर किसानों का जनसंपर्क अभियान जारी है। किसान आंदोलन को शुरू से ही बावल चौरासी का भरपूर समर्थन मिला हुआ है। केंद्र सरकार द्वारा चंद औद्योगिक घरानों को लाभ पहुंचाने के मकसद से बनाए तीनों कृषि कानून किसान विरोधी है।
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केंद्र सरकार को तीनों कृषि कानूनों को रद्द करना ही पड़ेगा। अगर देश में ये कानून लागू हो गए तो किसान पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन एक बार फिर से तेजी पकड़ने लगा है। देश के कोने-कोने से किसान दिल्ली की सीमाओं पर पहुंचने लगे हैं। किसानों का संकल्प है कि तीनों कृषि कानून रद्द होने तक आंदोलन को जारी रखेंगे।
इस अवसर पर रणजीत राजू, अमराराम, राजाराम मील, सुमेर बनीपुर, ईश्वर महलावत व रण सिंह सहित अन्य किसान मौजूद रहे।