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फिल्म चाहे छोटी हों या बड़ी, वह समाज के हित में होनी चाहिए : प्रो. विजय

Thu, 15 Dec 2022 11:42 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 15 Dec 2022 11:42 PM IST
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Whether the film is small or big, it should be in the interest of the society: Prof. vijay
रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय (आईजीयू) में छात्र कल्याण विभाग एवं विश्व संवाद केंद्र, हरियाणा के संयुक्त तत्वावधान में ‘लेट्स मेक ए फिल्म’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। अधिष्ठाता छात्र कल्याण विभाग के प्रो. विजय कुमार ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए कहा कि आज के समय में फिल्म और नाटकों के माध्यम से भारतीय संस्कृति का रूप बिगड़ता जा रहा है। फिल्म चाहे छोटी हों या बड़ी, वह समाज के हित में होनी चाहिए। क्योंकि अच्छी फिल्में पूरे समाज का मार्ग प्रशस्त करती हैं। जीवन को एक नई दिशा की ओर ले जाती हैं।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी यादव ने मुख्य वक्ता भारतीय फिल्म सेंसर बोर्ड के सदस्य एवं प्रसिद्ध कलाकार व निर्देशक हरिओम कौशिक एवं विश्व संवाद केंद्र हरियाणा के प्रमुख लक्ष्मी नारायण का फूलों के गुलदस्ते से स्वागत किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर एवं विश्वविद्यालय कुलगीत के द्वारा किया गया।
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मुख्य वक्ता हरिओम कौशिक ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए अपने वक्तव्य में फिल्म निर्माण के तरीकों के बारे में बताया। उन्होंने बड़े सहज तरीके से छात्र-छात्राओं को कहानी, स्क्रिप्ट राइटिंग, वेशभूषा, पात्रों का चयन, भाषा आदि के बारे में मार्गदर्शन किया। साथ ही छात्रों को विद्यार्थियों को टास्क देते हुए कहानी भी लिखवाई। उन्होंने फरवरी 2023 में हिसार में होने वाले हरियाणवी फिल्म महोत्सव के लिए विद्यार्थियों को मोबाइल फोन से फिल्म कैसे बनाएं इसकी तकनीकी जानकारी बताई। कुलपति प्रो. जे पी यादव ने बताया कि भारतीय संस्कृति का परचम विश्व स्तर पर लहराए इसके लिए आज आवश्यक है कि भारतीय सिनेमा का परिदृश्य बदला जाए। राष्ट्रीय फिल्म निर्माण हो या क्षेत्रीय फिल्म निर्माण सभी में हमें भारतीयता की विशेषताओं को विश्व पटल पर लाना होगा। वर्तमान में आवश्यकता है तो युवाओं को आगे आकर कार्य करने की ताकि एक नई विचारधारा के साथ समाज के कल्याण के लिए उचित मार्गदर्शन मिल सके।
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विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. प्रमोद कुमार ने सभी अतिथियों व विद्यार्थियों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में फिल्मों का निर्माण समाज के विकास के लिए किया जाना चाहिए। हरिओम कौशिक एवं लक्ष्मी नारायण को श्रीमद्भगवद्गीता की प्रति एवं शाल भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के शिक्षक, गैर-शिक्षक कर्मचारी तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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