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Rewari News: बाजरे की सरकारी खरीद शुरू नहीं होने पर दी आंदोलन की चेतावनी
Tue, 29 Sep 2026 11:07 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 29 Sep 2026 11:07 PM IST
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भारतीय किसान यूनियन चढूनी के प्रधान तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते। यूनियन
कोसली। मंडी में बाजरे की आवक शुरू होने के बावजूद सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से किसानों में रोष है। भारतीय किसान यूनियन चढूनी के प्रतिनिधिमंडल ने कोसली हल्के की प्रधान नीलम मूंदड़ा की अध्यक्षता में तहसीलदार निशा को ज्ञापन सौंपकर एक अक्तूबर तक बाजरे की सरकारी खरीद शुरू कराने की मांग की।
किसान यूनियन के जिला प्रधान समय सिंह ने बताया कि बाजरे की फसल मंडी में पहुंचनी शुरू हो गई है, लेकिन अभी तक सरकारी खरीद की व्यवस्था शुरू नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि किसान संगठन की ओर से इस संबंध में कई बार प्रशासन को ज्ञापन दिए जा चुके हैं। इसके अलावा किसान भूख हड़ताल भी कर चुके हैं और मंडी के गेट बंद कर विरोध दर्ज कराया गया था। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
समय सिंह ने कहा कि अब किसानों की सहनशक्ति जवाब दे रही है। तहसीलदार को सौंपा गया ज्ञापन आखिरी चेतावनी है। यदि एक अक्तूबर तक बाजरे की सरकारी खरीद शुरू नहीं की गई तो भारतीय किसान यूनियन चढूनी की ओर से बड़ा आंदोलन करने का निर्णय लिया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि किसान अपने हक के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे। संगठन ने प्रशासन को स्पष्ट किया है कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। इस दौरान कोसली हल्के के प्रधान हरफूल गुड़ियानी सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
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किसान यूनियन के जिला प्रधान समय सिंह ने बताया कि बाजरे की फसल मंडी में पहुंचनी शुरू हो गई है, लेकिन अभी तक सरकारी खरीद की व्यवस्था शुरू नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि किसान संगठन की ओर से इस संबंध में कई बार प्रशासन को ज्ञापन दिए जा चुके हैं। इसके अलावा किसान भूख हड़ताल भी कर चुके हैं और मंडी के गेट बंद कर विरोध दर्ज कराया गया था। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
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समय सिंह ने कहा कि अब किसानों की सहनशक्ति जवाब दे रही है। तहसीलदार को सौंपा गया ज्ञापन आखिरी चेतावनी है। यदि एक अक्तूबर तक बाजरे की सरकारी खरीद शुरू नहीं की गई तो भारतीय किसान यूनियन चढूनी की ओर से बड़ा आंदोलन करने का निर्णय लिया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि किसान अपने हक के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे। संगठन ने प्रशासन को स्पष्ट किया है कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। इस दौरान कोसली हल्के के प्रधान हरफूल गुड़ियानी सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।