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वाह रे प्रशासन ...पांच साल में पांच कदम नहीं बढ़ा ट्रॉमा सेंटर व नागरिक अस्पताल को जोड़ने वाले पुल का निर्माण
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पिता को नागरिक अस्पताल से ट्रॉमा सेंटर स्ट्रेचर पर लेकर जाता एक व्यक्ति।
- फोटो : Rewari
रेवाड़ी। शहर के नागरिक अस्पताल व ट्रॉमा सेंटर को जोड़ने वाले पुल का निर्माण कार्य पांच साल में पांच कदम भी नहीं बढ़ा पाया है। करीब तीन करोड़ 61 लाख रुपये से बनने वाले पुल के निर्माण की राह में दो पीपल के पेड़ रोड़ा बनकर खड़े हो गए हैं। इससे मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। तीमारदारों को अपने मरीजों को स्ट्रेचर पर लेकर मुख्य सड़क पर वाहनों की भीड़ के बीच से ट्रॉमा सेंटर से नागरिक अस्पताल व अस्पताल से ट्रॉमा सेंटर ले जाना पड़ रहा है। इससे मरीजों और तीमारदारों की जान जोखिम में रहती है। लोक निर्माण विभाग की तरफ से पांच साल बाद विभाग को बताया गया है कि दो पेड़ पुल के रास्ते में हैं। अब इन पेड़ों को पुल की राह से हटाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने वन विभाग से अनुमति मांगी है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2015 में नागरिक अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर को जोड़ने के लिए पुल का निर्माण करने का प्रस्ताव स्वास्थ्य विभाग और रेवाड़ी विधायक के समक्ष उठा था। तत्कालीन विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास ने भी जनहित में इसे अमलीजामा पहनाने के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया था। विधायक ने पुल निर्माण की जिम्मेदारी लोकनिर्माण विभाग को सौंपी थी। इसके लिए बकायदा नक्शा तक भी तैयार करा लिया गया था। पुल के निर्माण में कुछ पेड़ व अस्पताल के कोने पर लगा बिजली निगम का ट्रांसफार्मर व तार आड़े आ रहे थे। यहां सेे बिजली के खंभे व ट्रांसफार्मर हटा दिए गए थे, लेकिन पेड़ों को आज तक नहीं हटाया गया है। सर्कुलर रोड पर स्थित ट्रॉमा सेंटर और नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन सैकड़ों मरीजों और लोगों का आवागमन रहता है। इन लोगों को जान जोखिम में डाल कर सड़क पार करनी पड़ती है। शहर के व्यस्त मार्गों में शामिल इस मार्ग पर मरीजों को स्ट्रेचर पर ट्रॉमा से अस्पताल व अस्पताल से ट्रॉमा में जाना पड़ता है। ऐसे में हादसों का भी अंदेशा बना रहता है।
लोक निर्माण विभाग की तरफ से तैयार किए गए जा चुके हैं पिलर फाउंडेशन
इस पुल का निर्माण कार्य पिछले काफी दिनों से धीमी गति से चल रहा है। हालांकि लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता का कहना है पेड़ काटने के लिए अनुमति अवश्य मांगी गई है, लेकिन ये उस स्तर की बाधा नहीं है कि इन पेड़ों के कारण पुल का निर्माण रुक जाए। पुल का निर्माण निर्धारित समय पर पूरा करने की बात विभाग की ओर से कही जा रही है। पुल के निर्माण के लिए कुछ पिलर फाउंडेशन लोक निर्माण विभाग की तरफ से तैयार अवश्य किए गए हैं।
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- वर्जन
लोक निर्माण विभाग की तरफ से दिसंबर तक पुल का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। फिलहाल निर्माण कार्य में कोई बड़ी बाधा नहीं है। पेड़ों को हटाने के लिए अनुमति अवश्य मांगी गई है।
- आदित्य देशवाल, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, झज्जर।
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वर्जन
पांच साल बाद लोक निर्माण विभाग ने पीपल के दो पेड़ हटवाने के लिए लोक निर्माण विभाग ने अब बताया है। स्वास्थ्य विभाग ने वन विभाग को पत्र लिख कर अनुमति मांगी है। विभाग से जैसे ही अनुमति मिलती है इन पेड़ों को हटवा दिया जाएगा।
- डॉ. सुदर्शन पंवार, सिविल सर्जन, रेवाड़ी।
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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2015 में नागरिक अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर को जोड़ने के लिए पुल का निर्माण करने का प्रस्ताव स्वास्थ्य विभाग और रेवाड़ी विधायक के समक्ष उठा था। तत्कालीन विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास ने भी जनहित में इसे अमलीजामा पहनाने के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया था। विधायक ने पुल निर्माण की जिम्मेदारी लोकनिर्माण विभाग को सौंपी थी। इसके लिए बकायदा नक्शा तक भी तैयार करा लिया गया था। पुल के निर्माण में कुछ पेड़ व अस्पताल के कोने पर लगा बिजली निगम का ट्रांसफार्मर व तार आड़े आ रहे थे। यहां सेे बिजली के खंभे व ट्रांसफार्मर हटा दिए गए थे, लेकिन पेड़ों को आज तक नहीं हटाया गया है। सर्कुलर रोड पर स्थित ट्रॉमा सेंटर और नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन सैकड़ों मरीजों और लोगों का आवागमन रहता है। इन लोगों को जान जोखिम में डाल कर सड़क पार करनी पड़ती है। शहर के व्यस्त मार्गों में शामिल इस मार्ग पर मरीजों को स्ट्रेचर पर ट्रॉमा से अस्पताल व अस्पताल से ट्रॉमा में जाना पड़ता है। ऐसे में हादसों का भी अंदेशा बना रहता है।
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लोक निर्माण विभाग की तरफ से तैयार किए गए जा चुके हैं पिलर फाउंडेशन
इस पुल का निर्माण कार्य पिछले काफी दिनों से धीमी गति से चल रहा है। हालांकि लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता का कहना है पेड़ काटने के लिए अनुमति अवश्य मांगी गई है, लेकिन ये उस स्तर की बाधा नहीं है कि इन पेड़ों के कारण पुल का निर्माण रुक जाए। पुल का निर्माण निर्धारित समय पर पूरा करने की बात विभाग की ओर से कही जा रही है। पुल के निर्माण के लिए कुछ पिलर फाउंडेशन लोक निर्माण विभाग की तरफ से तैयार अवश्य किए गए हैं।
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- वर्जन
लोक निर्माण विभाग की तरफ से दिसंबर तक पुल का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। फिलहाल निर्माण कार्य में कोई बड़ी बाधा नहीं है। पेड़ों को हटाने के लिए अनुमति अवश्य मांगी गई है।
- आदित्य देशवाल, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, झज्जर।
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वर्जन
पांच साल बाद लोक निर्माण विभाग ने पीपल के दो पेड़ हटवाने के लिए लोक निर्माण विभाग ने अब बताया है। स्वास्थ्य विभाग ने वन विभाग को पत्र लिख कर अनुमति मांगी है। विभाग से जैसे ही अनुमति मिलती है इन पेड़ों को हटवा दिया जाएगा।
- डॉ. सुदर्शन पंवार, सिविल सर्जन, रेवाड़ी।