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Rewari News: मौसम में बदलाव से उल्टी, दस्त और सिरदर्द के मरीज बढ़े
Sun, 02 Apr 2023 12:01 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 02 Apr 2023 12:01 AM IST
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नागरिक अस्पताल में ओपीडी की पर्ची बनवाते मरीज।
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। मौसम में हो रहे बदलाव के कारण अस्पतालों की ओपीडी में प्रतिदिन 30 से 50 मरीज उल्टी, सिरदर्द, तेज बुखार, पेट दर्द और डायरिया की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। ओपीडी में ऐसे लक्षण वाले मरीज आने शुरू हो गए हैं। शनिवार को नागरिक अस्पताल की कुल ओपीडी की संख्या कम रही। सोमवार को ओपीडी में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। अस्पताल में कुल 1188 ओपीडी में से फ्लू के मरीजों की संख्या केवल 35 रही। वहीं शनिवार को 81 लोगों के कोरोना सैंंपल लिए गए, जिनकी रिपोर्ट सोमवार को आएगी। जिले में कोरोना के अभी दो सक्रिय केस हैं। नागरिक अस्पताल में फिलहाल वैक्सीन भी खत्म हो चुकी हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगल सप्ताह में सरकार की ओर से कोविशील्ड वैक्सीन आने की उम्मीद है।
चिकित्सक डॉ. रणवीर सिंह ने बताया कि मौसम में बदलाव होने के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर मरीजों की संख्या में 20 से 30 फीसदी की वृद्धि हुई है। डिहाइड्रेशन की समस्या वाले मरीज इमरजेंसी में भी सामने आए हैं। शरीर में इलेक्ट्रोलाइट के असंतुलित होने पर दस्त और रक्तचाप के कम होने की समस्या देखने को मिल रही है। इनमें ज्यादातर ऐसे मरीज हैं, जो दिनभर बाहर धूप में रहकर काम करते हैं। कार्य स्थल तक पहुंचने के लिए गर्मी में पैदल चलते हैं। ऐसे लोगों में गर्मी का प्रभाव ज्यादा देखने को मिलता है।
मांसपेशियों में ऐंठन की भी शिकायत
डॉ. रणवीर सिंह ने बताया कि बढ़ते तापमान के कारण कमजोरी महसूस होने, मांसपेशियों में ऐंठन, पेट खराब होने के मामलों में 10 से 15 फीसदी की वृद्धि देखी गई है। यह सभी समस्याएं मौसम में बदलाव और खानपान के कारण हुई हैं। उन्होंने बताया कि ताजे पानी से स्नान करें, बासी भोजन न करें, कटे फटे फल न लें, हरी सब्जियों को खरीदकर पहले धो लें, धूप में निकलने पर सिर व कान ढके रहें, रात को हल्का भोजन करें, खीरे, सलाद और नींबू का सेवन करें, सोते समय मच्छरदानी अवश्य लगाएं और उल्टी दस्त होने पर तुरंत अस्पताल आकर चिकित्सक से सलाह लें।
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बासी खाना खाने से बचें लोग
डॉक्टर ने बताया कि इस मौसम में मसालेदार खाना न खाएं। साथ ही तला हुआ खाना भी खाने से बचना चाहिए। कैफीन वाली चीजों का सेवन न करें। इससे डिहाइड्रेशन बढ़ता है। चाय और कॉफी का इस्तेमाल गर्मियों में करने से बचना चाहिए। गर्मी के मौसम में बासी खाना खाने से फूड प्वाइजनिंग भी हो सकती है। इसलिए ऐसा खाना खाने से बचें।
बच्चों पर दें विशेष ध्यान
शिशु रोग विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में बच्चों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इस बार मौसम में बदलाव होने से उल्टी, दस्त के साथ पेट दर्द के बच्चों की संख्या बढ़ी है। बच्चों को हर आधे घंटे में पानी पिलाएं। पानी वाले फल का सेवन कराएं। बाहर की चीजों को न खिलाएं। बच्चों को ज्यादा परेशानी होने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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रेवाड़ी। मौसम में हो रहे बदलाव के कारण अस्पतालों की ओपीडी में प्रतिदिन 30 से 50 मरीज उल्टी, सिरदर्द, तेज बुखार, पेट दर्द और डायरिया की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। ओपीडी में ऐसे लक्षण वाले मरीज आने शुरू हो गए हैं। शनिवार को नागरिक अस्पताल की कुल ओपीडी की संख्या कम रही। सोमवार को ओपीडी में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। अस्पताल में कुल 1188 ओपीडी में से फ्लू के मरीजों की संख्या केवल 35 रही। वहीं शनिवार को 81 लोगों के कोरोना सैंंपल लिए गए, जिनकी रिपोर्ट सोमवार को आएगी। जिले में कोरोना के अभी दो सक्रिय केस हैं। नागरिक अस्पताल में फिलहाल वैक्सीन भी खत्म हो चुकी हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगल सप्ताह में सरकार की ओर से कोविशील्ड वैक्सीन आने की उम्मीद है।
चिकित्सक डॉ. रणवीर सिंह ने बताया कि मौसम में बदलाव होने के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर मरीजों की संख्या में 20 से 30 फीसदी की वृद्धि हुई है। डिहाइड्रेशन की समस्या वाले मरीज इमरजेंसी में भी सामने आए हैं। शरीर में इलेक्ट्रोलाइट के असंतुलित होने पर दस्त और रक्तचाप के कम होने की समस्या देखने को मिल रही है। इनमें ज्यादातर ऐसे मरीज हैं, जो दिनभर बाहर धूप में रहकर काम करते हैं। कार्य स्थल तक पहुंचने के लिए गर्मी में पैदल चलते हैं। ऐसे लोगों में गर्मी का प्रभाव ज्यादा देखने को मिलता है।
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मांसपेशियों में ऐंठन की भी शिकायत
डॉ. रणवीर सिंह ने बताया कि बढ़ते तापमान के कारण कमजोरी महसूस होने, मांसपेशियों में ऐंठन, पेट खराब होने के मामलों में 10 से 15 फीसदी की वृद्धि देखी गई है। यह सभी समस्याएं मौसम में बदलाव और खानपान के कारण हुई हैं। उन्होंने बताया कि ताजे पानी से स्नान करें, बासी भोजन न करें, कटे फटे फल न लें, हरी सब्जियों को खरीदकर पहले धो लें, धूप में निकलने पर सिर व कान ढके रहें, रात को हल्का भोजन करें, खीरे, सलाद और नींबू का सेवन करें, सोते समय मच्छरदानी अवश्य लगाएं और उल्टी दस्त होने पर तुरंत अस्पताल आकर चिकित्सक से सलाह लें।
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बासी खाना खाने से बचें लोग
डॉक्टर ने बताया कि इस मौसम में मसालेदार खाना न खाएं। साथ ही तला हुआ खाना भी खाने से बचना चाहिए। कैफीन वाली चीजों का सेवन न करें। इससे डिहाइड्रेशन बढ़ता है। चाय और कॉफी का इस्तेमाल गर्मियों में करने से बचना चाहिए। गर्मी के मौसम में बासी खाना खाने से फूड प्वाइजनिंग भी हो सकती है। इसलिए ऐसा खाना खाने से बचें।
बच्चों पर दें विशेष ध्यान
शिशु रोग विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में बच्चों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इस बार मौसम में बदलाव होने से उल्टी, दस्त के साथ पेट दर्द के बच्चों की संख्या बढ़ी है। बच्चों को हर आधे घंटे में पानी पिलाएं। पानी वाले फल का सेवन कराएं। बाहर की चीजों को न खिलाएं। बच्चों को ज्यादा परेशानी होने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें।