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Rewari News: मशरूम खेती के लिए विपिन को मिला सम्मान
Sat, 28 Feb 2026 11:18 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 28 Feb 2026 11:18 PM IST
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सम्मान मिलने पर खुशी जाहिर करते विपिन यादव। स्रोत : क्लब
डहीना। गांव धवाना निवासी विपिन यादव को एसी मशरूम यूनिट स्थापित कर क्षेत्र के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति प्रेरित करने के लिए लाडवा कृषि मेले में सम्मानित किया गया।
यह सम्मान उन्हें प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा तथा चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कुलपति डॉ. बीआर कम्बोज ने प्रदान किया गया।
विपिन यादव ने पारंपरिक खेती से हटकर आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए एसी आधारित मशरूम यूनिट की स्थापना की। इस तकनीक के माध्यम से नियंत्रित तापमान में वर्षभर उत्पादन संभव हो पाता है, जिससे किसानों की आय में स्थिरता आती है।
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उनकी इस पहल से न केवल स्वयं को आर्थिक लाभ हुआ है, बल्कि आसपास के कई किसान भी मशरूम उत्पादन की ओर अग्रसर हुए हैं।
कृषि मेले के दौरान विशेषज्ञों ने विपिन यादव की सराहना करते हुए कहा कि बदलते समय में किसानों को नई तकनीकों को अपनाना आवश्यक है। मशरूम उत्पादन कम भूमि में अधिक आय देने वाली फसल के रूप में उभर रहा है, जो छोटे और सीमांत किसानों के लिए भी लाभकारी सिद्ध हो सकता है।
इस अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र बावल से डॉ. नरेंद्र यादव सहित अन्य कृषि विशेषज्ञ भी मौजूद रहे, जिन्होंने किसानों को आधुनिक खेती की विधियों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।
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यह सम्मान उन्हें प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा तथा चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कुलपति डॉ. बीआर कम्बोज ने प्रदान किया गया।
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विपिन यादव ने पारंपरिक खेती से हटकर आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए एसी आधारित मशरूम यूनिट की स्थापना की। इस तकनीक के माध्यम से नियंत्रित तापमान में वर्षभर उत्पादन संभव हो पाता है, जिससे किसानों की आय में स्थिरता आती है।
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उनकी इस पहल से न केवल स्वयं को आर्थिक लाभ हुआ है, बल्कि आसपास के कई किसान भी मशरूम उत्पादन की ओर अग्रसर हुए हैं।
कृषि मेले के दौरान विशेषज्ञों ने विपिन यादव की सराहना करते हुए कहा कि बदलते समय में किसानों को नई तकनीकों को अपनाना आवश्यक है। मशरूम उत्पादन कम भूमि में अधिक आय देने वाली फसल के रूप में उभर रहा है, जो छोटे और सीमांत किसानों के लिए भी लाभकारी सिद्ध हो सकता है।
इस अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र बावल से डॉ. नरेंद्र यादव सहित अन्य कृषि विशेषज्ञ भी मौजूद रहे, जिन्होंने किसानों को आधुनिक खेती की विधियों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।