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Rewari News: वीर सावरकर की जयंती मनाई
Thu, 29 May 2025 12:06 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 29 May 2025 12:06 AM IST
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फोटो: 19रेवाड़ी। वीर सावरकर उद्यान में आयोजित स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर वीर सावरकर की ज
रेवाड़ी। स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर वीर सावरकर विचार मंच के तत्वावधान में बुधवार को उनके नाम पर बने वीर सावरकर उद्यान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसकी मुख्यातिथि भाजपा जिलाध्यक्षा डाॅ. वंदना पोपली रहीं। अध्यक्षता प्रमुख समाजसेवी अशोक सोमाणी ने की। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता रिपू दमन गुप्ता, डाॅ. पवन गोयल, डाॅ. नरेन्द्र यादव, नगर पार्षद राजेन्द्र सिंहल, भाजपा नेता दीपा भारद्वाज भी शामिल हुए और वीर सावरकर को नमन किया। इस मौके पर वीर सावरकर का साहित्य व चित्र भी भेंट किए।
सावरकर को मरणोपरांत भारत रत्न दिया जाए
रेवाड़ी। परिवार पहचान प्राधिकरण (पीपीपी) कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला के सेक्टर-1 स्थित कार्यालय पर वीर सावरकर की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्पार्पित कर मनाई। खोला ने पत्र लिखकर मांग की कि सावरकर को मरणोपरांत भारत रत्न दिया जाए। उन्होंने कहा कि भारत माता के सच्चे सपूत वीर सावरकर ने विदेशी हुकूमत की कठोर से कठोर यातनाएं भी मातृभूमि के प्रति उनके समर्पण भाव को डिगा नहीं पाईं। आजादी के आंदोलन में उनके अदम्य साहस और संघर्ष की गाथा को कृतज्ञ राष्ट्र कभी भुलाया नहीं नहीं सकता। देश के लिए उनका त्याग और समर्पण विकसित भारत के निर्माण में भी पथ-प्रदर्शक बना रहेगा। कार्यक्रम में आचार्य प्रमुख दलीप शास्त्री, महेश यादव, केके कौशिक, कंवर सिंह, हरीश कुमार, सूबे सिंह, जयपाल, राहुल, प्रताप, लाल सिंह आदि उपस्थित रहे।
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सावरकर को मरणोपरांत भारत रत्न दिया जाए
रेवाड़ी। परिवार पहचान प्राधिकरण (पीपीपी) कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला के सेक्टर-1 स्थित कार्यालय पर वीर सावरकर की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्पार्पित कर मनाई। खोला ने पत्र लिखकर मांग की कि सावरकर को मरणोपरांत भारत रत्न दिया जाए। उन्होंने कहा कि भारत माता के सच्चे सपूत वीर सावरकर ने विदेशी हुकूमत की कठोर से कठोर यातनाएं भी मातृभूमि के प्रति उनके समर्पण भाव को डिगा नहीं पाईं। आजादी के आंदोलन में उनके अदम्य साहस और संघर्ष की गाथा को कृतज्ञ राष्ट्र कभी भुलाया नहीं नहीं सकता। देश के लिए उनका त्याग और समर्पण विकसित भारत के निर्माण में भी पथ-प्रदर्शक बना रहेगा। कार्यक्रम में आचार्य प्रमुख दलीप शास्त्री, महेश यादव, केके कौशिक, कंवर सिंह, हरीश कुमार, सूबे सिंह, जयपाल, राहुल, प्रताप, लाल सिंह आदि उपस्थित रहे।
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