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अंडरपास के दो माह में शुरू होने की उम्मीद बढ़ी
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रेवाड़ी। शहर के सबसे चर्चित व करीब 25 हजार आबादी को शहर से जोड़ने के लिए सबसे छोटे रास्ते डबल फाटक पर अंडरपास निर्माण कार्य से जुड़ी सभी बाधाएं दूर हो गई हैं। अब दो माह के अंदर इसे लोगों के लिए खोलने की उम्मीद बढ़ गई है।
लोकनिर्माण विभाग की मानें तो रेलवे लाइन से जुड़ी कुछ तकनीकी समस्याएं होने के चलते देरी हुई है। अब सभी समस्याओं को सुलझा लिया गया है। निर्माण कार्य तेजी से करवाया जा रहा है, बचा हुआ करीब 15 प्रतिशत कार्य अगस्त के अंतिम सप्ताह तक पूरा कर लिया जाएगा। बता दें कि निर्माण कार्य 2020 में ही पूरा होना था, लेकिन कोरोना के चलते समय बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दिया गया था।
दिसंबर 2018 में हुआ था शिलान्यास
रेलवे स्टेशन से महज 200 मीटर दूरी पर स्थित शहर के डबल फाटक अंडरपास की आधारशिला दिसंबर 2018 में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने रखी थी। रेलवे लाइन के नीचे अंडरपास निर्माण का कार्य रेलवे की ओर से किया जाना था। रेलवे ने तय समय से पहले ही अपने हिस्से का काम कर लिया है। अब पीडब्ल्यूडी की ओर से लाइन के दोनों को सड़क निर्माण कार्य किया जाना है।
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पांच किमी घूमकर शहर में आने को मजबूर हैं लोग
रेलवे जंक्शन के समीप स्थित फाटक के दूसरी तरफ कई वार्ड के लोग रहते हैं। वहीं शहर के बिजली निगम के सिटी-1 व सिटी- 2 सब डिविजन दफ्तर भी हैं। फाटक के दूसरी ओर आदर्श नगर, विकास नगर, यादव नगर, कंकरवाली, गुलाबीबाग, शिव नगर, रामसिंहपुरा व अजय नगर सहित कई कॉलोनियां हैं। ऐसे में इन कॉलोनियों के लोगों को पांच किमी घूमकर शहर में आना पड़ता है। वहीं दूसरे रास्ते पर भी घंटों फाटक बंद होने से जाम में खड़े रहना पड़ता है। पीडब्ल्यूडी के अनुसार करीब 85 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
अंडरपास खुलने से लोकोशेड जाना होगा आसान
डबल फाटक पार भारत का एक मात्र जीवित भाप लोकोशेड है। यहां पर कई चालित अवस्था में लोकोमोटिव मौजूद हैं। इस परिसर में सन 1853 की ऐतिहासिक भाप के इंजन आज भी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। ऐसे में जिस किसी को इसके बारे में जानकारी मिलती है देश से विदेशों तक से भ्रमण के लिए आने जाने वाले इस ऐतिहासिक स्थल पर जरूर पहुंचता है। लेकिन जब यहां की बदहाल स्थिति के चलते उतनी पहचान नहीं मिल पाई। अंडरपास बनने के बाद ऐतिहासिक लोकोशेड देखने के लिए देसी व विदेशों दोनों तरह के पर्यटक बढ़ने की उम्मीद की जा सकती है।
पीडब्ल्यूडी एक्सईएन सचिन भाटी ने कहा कि पहले कोविड के चलते कुछ देरी हो गई थी, बाद में रेलवे लाइन को लेकर कुछ अड़चन थीं। अब सभी को दूर कर लिया गया है। कार्य भी तेजी से शुरू करा दिया गया है। बचा हुआ 15 प्रतिशत कार्य दो माह के अंदर पूरा करा दिया जाएगा। उम्मीद है कि अगस्त के अंतिम सप्ताह में अंडरपास लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।
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लोकनिर्माण विभाग की मानें तो रेलवे लाइन से जुड़ी कुछ तकनीकी समस्याएं होने के चलते देरी हुई है। अब सभी समस्याओं को सुलझा लिया गया है। निर्माण कार्य तेजी से करवाया जा रहा है, बचा हुआ करीब 15 प्रतिशत कार्य अगस्त के अंतिम सप्ताह तक पूरा कर लिया जाएगा। बता दें कि निर्माण कार्य 2020 में ही पूरा होना था, लेकिन कोरोना के चलते समय बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दिया गया था।
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दिसंबर 2018 में हुआ था शिलान्यास
रेलवे स्टेशन से महज 200 मीटर दूरी पर स्थित शहर के डबल फाटक अंडरपास की आधारशिला दिसंबर 2018 में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने रखी थी। रेलवे लाइन के नीचे अंडरपास निर्माण का कार्य रेलवे की ओर से किया जाना था। रेलवे ने तय समय से पहले ही अपने हिस्से का काम कर लिया है। अब पीडब्ल्यूडी की ओर से लाइन के दोनों को सड़क निर्माण कार्य किया जाना है।
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पांच किमी घूमकर शहर में आने को मजबूर हैं लोग
रेलवे जंक्शन के समीप स्थित फाटक के दूसरी तरफ कई वार्ड के लोग रहते हैं। वहीं शहर के बिजली निगम के सिटी-1 व सिटी- 2 सब डिविजन दफ्तर भी हैं। फाटक के दूसरी ओर आदर्श नगर, विकास नगर, यादव नगर, कंकरवाली, गुलाबीबाग, शिव नगर, रामसिंहपुरा व अजय नगर सहित कई कॉलोनियां हैं। ऐसे में इन कॉलोनियों के लोगों को पांच किमी घूमकर शहर में आना पड़ता है। वहीं दूसरे रास्ते पर भी घंटों फाटक बंद होने से जाम में खड़े रहना पड़ता है। पीडब्ल्यूडी के अनुसार करीब 85 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
अंडरपास खुलने से लोकोशेड जाना होगा आसान
डबल फाटक पार भारत का एक मात्र जीवित भाप लोकोशेड है। यहां पर कई चालित अवस्था में लोकोमोटिव मौजूद हैं। इस परिसर में सन 1853 की ऐतिहासिक भाप के इंजन आज भी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। ऐसे में जिस किसी को इसके बारे में जानकारी मिलती है देश से विदेशों तक से भ्रमण के लिए आने जाने वाले इस ऐतिहासिक स्थल पर जरूर पहुंचता है। लेकिन जब यहां की बदहाल स्थिति के चलते उतनी पहचान नहीं मिल पाई। अंडरपास बनने के बाद ऐतिहासिक लोकोशेड देखने के लिए देसी व विदेशों दोनों तरह के पर्यटक बढ़ने की उम्मीद की जा सकती है।
पीडब्ल्यूडी एक्सईएन सचिन भाटी ने कहा कि पहले कोविड के चलते कुछ देरी हो गई थी, बाद में रेलवे लाइन को लेकर कुछ अड़चन थीं। अब सभी को दूर कर लिया गया है। कार्य भी तेजी से शुरू करा दिया गया है। बचा हुआ 15 प्रतिशत कार्य दो माह के अंदर पूरा करा दिया जाएगा। उम्मीद है कि अगस्त के अंतिम सप्ताह में अंडरपास लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।