फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   Two boys escaped from the child care institute by jumping from the roof, police engaged in search

छत से कूदकर बाल देखरेख संस्थान से भागे दो लड़के, तलाश में जुटी पुलिस

Sun, 17 Jul 2022 12:00 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 17 Jul 2022 12:00 AM IST
विज्ञापन
Two boys escaped from the child care institute by jumping from the roof, police engaged in search
रेवाड़ी। शहर स्थित बाल देखरेख संस्थान से दो बच्चे भाग गए। इसकी भनक तब लगी जब शनिवार की सुबह बच्चों की गिनती शुरू हुई। इसके बाद संस्थान के अधिकारियों ने पुलिस को सूचना दी। शहर थाना पुलिस दोनों बच्चों की तलाश में जुटी है। दोनों रात में खिड़की खोलकर छत के रास्ते भाग गए।
विज्ञापन

भागने वाले बच्चों में एक झज्जर जिले का तो दूसरा पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। झज्जर का रहने वाला 15 साल का एक लड़का 8 जुलाई को ही रेवाड़ी बाल देखरेख संस्थान पहुंचा था। जबकि फरार होने वाला दूसरा 10 साल का लड़का पश्चिम बंगाल का है। बाल देखरेख संस्थान में फिलहाल 31 बच्चों को रखा गया था। शनिवार सुबह जब गिनती की गई तो 29 की बच्चे मिले। इसके बाद हर बच्चे को नाम के साथ आवाज लगाई गई। जिसके बाद दो बच्चों के भागने की जानकारी मिली तो वहां हड़कंप मच गया। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना के बाद पुलिस की एक टीम जांच के लिए बाल देखरेख संस्थान भी पहुंची। साथ ही शहर थाना पुलिस दोनों बच्चों की तलाश करने में जुटी है। अभी दोनों बच्चों का सुराग नहीं लग पाया है।
विज्ञापन

बता दें कि रेवाड़ी स्थित बाल देखरेख संस्थान से बच्चों के भागने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी यहां से कई बार बच्चे फरार हो चुके हैं, जिसमें स्टाफ की बड़ी लापरवाही भी देखने को मिलती रही। एक बार फिर बच्चे के भागने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-----------
बच्चों के भागने पर एक नजर
-6 फरवरी 2018 को बाल देखरेख संस्थान से देर रात रात खिड़की तोड़कर पांच बच्चे भाग निकले। मौके पर पहुंची पुलिस ने केस दर्ज कर बच्चों की तलाश शुरू कर दी थी। पुलिस टीम ने जंगले के सरिए तोड़कर फरार बच्चों को शहर से 7 किलोमीटर दूर भवाड़ी की ढ़ाणी से बरामद कर लिया था। पकड़े जाने के बाद बच्चों ने कर्मचारियों पर मारपीट का आरोप भी लगाया था।
--------------
-17 जुुलाई 2018 को बाल देखरेख संस्थान में रह रहे दो बच्चे स्कूल से लौटते समय गायब हो गए थे। उनकी तलाशी की जा रही थी। वहीं दो दिन बाद बच्चे खुद ही लौट आए थे।
---------------
-एक अगस्त 2018 को फिर दो बच्चे दीवार फांदकर भाग गए। सुबह बच्चों के नहीं मिलने पर कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। तलाश करने के बाद एक बच्चा दोपहर को ट्रामा सेंटर में बैठा मिला। दूसरे को देर शाम को गुरुग्राम में जीआरपी ने पकड़ा।
--------------------
- 17 दिसंबर 2018 को बाल देखरेख संस्थान से एक 14 साल का एक लड़का लापता हो गया। इसकी सूचना पुलिस को दी गई थी।
इंसेट
हाईकोर्ट की जज भी कर चुकीं निरीक्षण
6 मार्च 2021 को पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय की न्यायाधीश लीजा गिल ने शहर के बाल देखरेख संस्थान का निरीक्षण किया था। उन्होंने बच्चों से मुलाकात की थी। जिला बाल कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए थे कि बच्चों की सुरक्षा और उनके रहने आदि पर विशेष ध्यान जाए। उनको किसी भी तरह की परेशानी न आने दें।
इंसेट
1994 में शुरू हुआ था बाल देखरेख संस्थान कुंज
जिला बाल कल्याण अधिकारी वीरेंद्र यादव ने बताया कि बाल देखरेख संस्थान की स्थापना सन 1994 में हुई थी। जिले में बच्चों के पालन-पोषण के लिए तीन अलग-अलग कैटेगरी बनाई गई है। कैटेगरी में 0 से 4 साल के 4 बच्चे, बाल गृह में 6 से 18 साल तक के 29 लड़के व धारूहेड़ा स्थित आशा किरण में 34 लड़कियां रहती हैं। इन सभी बच्चों का खाने-पीने व पढ़ाई का खर्च महिला एवं बाल विकास विभाग वहन करता है। सभी बच्चे यहां के अग्रसेन स्कूल में पढ़ते हैं। बाल देखरेख संस्थान में 15 लोगों का स्टाफ है जो बच्चों की देखरेख करता है।
-------------
वर्जन:
केंद्र से सुबह सूचना मिली थी कि दो बच्चे कहीं चले गए हैं। इनकी तलाशी के लिए पुलिस को शिकायत दी गई है। ये दोनों बच्चे ही कुछ दिन पहले ही यहां आए थे। - मुग्धा यादव, केंद्र अधीक्षक, बाल देखरेख संस्थान

--------------
इंसेट
किशोर को गायक बनने का शौक
बाल देखरेख संस्थान की अधीक्षक मुग्धा यादव ने बताया कि झज्जर जिले का रहने वाला किशोर 8 जुलाई को ही आया था। वह पहले भी कई बार घर से भाग चुका है। गायक बनने के लिए वह मुंबई भाग गया था। किसी संस्था की मदद से वह यहां पहुंचा। उसके बाद से ही वापस जाने की जिद कर रहा था। इसके परिजनों को भी कई बार बुलाया गया, लेकिन वे उसे लेने नहीं पहुंचे। रात के वक्त सभी बच्चे सोए हुए थे। तभी वह 10 साल के दूसरे लड़के को बहला फुसलाकर खिड़की के रास्ते भाग निकला। इसकी शिकायत पुलिस को दे दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed