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Rewari News: जयंती पर वीर सावरकर को किया नमन
Thu, 28 May 2026 11:16 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 28 May 2026 11:16 PM IST
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वीर सावरकर की जयंती मनाते लोग। स्रोत : संस्था
रेवाड़ी। वीर भगतसिंह युवा दल की ओर से वीरवार को वीर सावरकर की जयंती मनाई गई। इस दौरान वीर सावरकर के जीवन को याद करते हुए उन्हें नमन किया गया।
मुख्य अतिथि राष्ट्रीय व्यापार सेवा संघ के जिला प्रधान दीपेश भार्गव और युवा दल के प्रधान दिनेश कपूर ने कहा कि वीर सावरकर का जन्म 28 मई 1883 को महाराष्ट्र के भागूर गांव में हुआ था। बचपन से ही उनके भीतर देशभक्ति की भावना थी।
वर्ष 1905 में उन्होंने विदेशी वस्तुओं की होली जलाकर अंग्रेजों के खिलाफ जनजागरण शुरू किया। इसके चलते उन्हें फर्ग्यूसन कॉलेज से निष्कासित कर दिया गया।
1909 में वीर सावरकर ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम पर पुस्तक लिखकर देशवासियों में क्रांति की भावना जगाई। अंग्रेज सरकार ने उन्हें राजद्रोह और हत्या के आरोप में दो बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अंडमान की सेल्युलर जेल में उन्हें काला पानी की कठोर यातनाएं झेलनी पड़ीं।
उन्होंने बताया कि 1935 से 1943 तक हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए वीर सावरकर ने समाज को संगठित करने का कार्य किया। कार्यक्रम में भारत माता की जय और वंदे मातरम् के उद्घोष लगाए गए।
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इस अवसर पर राजीव आहुजा, श्रीराम अग्रवाल, मनोज गुप्ता, हेमंत ग्रोवर, नवीन भार्गव, अशोक कुमार, सचिन वर्मा, दीपक वर्मा और ताराचंद उपस्थित रहे।
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मुख्य अतिथि राष्ट्रीय व्यापार सेवा संघ के जिला प्रधान दीपेश भार्गव और युवा दल के प्रधान दिनेश कपूर ने कहा कि वीर सावरकर का जन्म 28 मई 1883 को महाराष्ट्र के भागूर गांव में हुआ था। बचपन से ही उनके भीतर देशभक्ति की भावना थी।
वर्ष 1905 में उन्होंने विदेशी वस्तुओं की होली जलाकर अंग्रेजों के खिलाफ जनजागरण शुरू किया। इसके चलते उन्हें फर्ग्यूसन कॉलेज से निष्कासित कर दिया गया।
1909 में वीर सावरकर ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम पर पुस्तक लिखकर देशवासियों में क्रांति की भावना जगाई। अंग्रेज सरकार ने उन्हें राजद्रोह और हत्या के आरोप में दो बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अंडमान की सेल्युलर जेल में उन्हें काला पानी की कठोर यातनाएं झेलनी पड़ीं।
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उन्होंने बताया कि 1935 से 1943 तक हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए वीर सावरकर ने समाज को संगठित करने का कार्य किया। कार्यक्रम में भारत माता की जय और वंदे मातरम् के उद्घोष लगाए गए।
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इस अवसर पर राजीव आहुजा, श्रीराम अग्रवाल, मनोज गुप्ता, हेमंत ग्रोवर, नवीन भार्गव, अशोक कुमार, सचिन वर्मा, दीपक वर्मा और ताराचंद उपस्थित रहे।