खुला हरियाणा-राजस्थान बॉर्डर: किसानों ने हटाया तंबू, सुचारु हुआ ट्रैफिक, किसानों ने राष्ट्रीय शोक के कारण नहीं मनाया जश्न
किसान आंदोलन के दौरान जयसिंहपुर खेड़ा-शाहजहांपुर बॉर्डर से किसानों और पुलिस ने रास्ते पूरी तरह खोल दिए। हाईवे पर अब सुचारु रूप से ट्रैफिक चलेगा।
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हरियाणा-राजस्थान के जयसिंहपुर खेड़ा-शाहजहांपुर बॉर्डर पर शुक्रवार को किसानों ने अपने तंबू हटा लिए है। पुलिस द्वारा रास्ते को पूरी तरह खोल दिया गया है, जिससे हाईवे पर ट्रैफिक सुचारु रूप से चल सके। वहीं शुक्रवार को धरना समाप्त करने की घोषणा की गई।
किसानों ने किसी तरह का जश्न या उत्सव हाईवे पर नहीं मनाया। सीडीएस बिपिन रावत की मौत के कारण राष्ट्रीय शोक है जिसके चलते कोई जश्न नहीं मनाया जा रहा है। लेकिन विभिन्न मांगों को लेकर किसान सरकार के आगे डटे रहेंगे।
संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्यों ने बताया कि लखीमपुर-खीरी के शहीदों सहित आंदोलन के लगभग 715 शहीदों को समर्पित करते हुए संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से किसानों, नागरिकों, अपने समर्थकों, विरोधियों सभी को अभूतपूर्व संघर्ष और आंदोलन की शानदार जीत के लिए तहे दिल से बधाई दी।
संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने सतर्क रहने और वादों को लागू किया जाना सुनिश्चित कराने का निर्णय लिया है। शाहजहांपुर खेड़ा बॉर्डर पर आमसभा के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने मोर्चा स्थल से ‘किसान विजय यात्रा’ शुरू कर दी। यह किसान विजय यात्रा बहरोड़, कोटपुतली, सीकर, झुंझुनूं, चूरू, नागौर, हनुमानगढ़, बीकानेर आदि राज्य के सभी जिलों से होकर गुजरेगी।
इस यात्रा के दौरान ऐतिहासिक किसान आंदोलन की सफलता के लिए किसानों-मजदूरों और आम जनता को धन्यवाद देते हुए किसानों के अन्य लंबित मुद्दों के लिए जनजागरण अभियान चलाते हुए आगामी आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।
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यह सुनिश्चित करने के लिए कि भारत सरकार विरोध कर रहे किसानों से की गई अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा कर रही है और भविष्य की कार्रवाई का खाका तैयार करने के लिए, संयुक्त किसान मोर्चा की अगली बैठक 15 जनवरी को दिल्ली में आयोजित की जाएगी।
इस अवसर पर संयुक्त किसान मोर्चा के पांच सदस्यीय कमेटी के सदस्य अशोक धवले, नौ सदस्यीय समिति के सदस्य हन्नान मौल्लाह, अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष पी. कृष्णा प्रसाद, अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव वी.वेंकट और संयुक्त सचिव विक्रम सिंह ,अमराराम, योगेंद्र यादव राजाराम मील, डॉ. संजय माधव, पेमाराम, छगन चौधरी, निशा सिद्धू आदि किसान मौजूद थे।
विभिन्न संगठनों और स्थानीय निवासियों का धन्यवाद किया
संयुक्त किसान मोर्चा ने शुक्रवार को आंदोलन के दौरान धैर्य और समर्थन के लिए मोर्चा स्थलों के स्थानीय निवासियों को धन्यवाद दिया और उन्हें हुई असुविधाओं के लिए माफी मांगी है। संयुक्त किसान मोर्चा ने एक बार फिर इस आंदोलन में किसानों के साथ संघर्ष करने वाले श्रम संगठनों, महिला संगठनों, युवा/छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, वकीलों जिन्होंने कानूनी सहायता और एकजुटता बढ़ाई, डॉक्टरों जिन्होंने चिकित्सा शिविर स्थापित किए व अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। मानवाधिकार संगठनों सहित विभिन्न प्रगतिशील संगठनों जो समर्थन में खड़े थे, कई कलाकार जो लगातार आंदोलन के साथ थे, कई संगठन जिन्होंने संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान का लगातार और निरंतर जवाब दिया, राजमार्ग ढाबा मालिकों और किसान, एनआरआई और अंतर्राष्ट्रीय किसान संगठनों और अन्य लोगों जिन्होंने अपने अपने स्थानों पर एकजुटता की कार्रवाई की, सैकड़ों स्वयंसेवकों जिन्होंने अपनी सेवा देकर आंदोलन को सफल बनाया और अन्य सभी शुभचिंतकों को भी धन्यवाद दिया।